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'एनटीए में 16 नए वरिष्ठ पद सृजित किए': NTA का SC में हलफनामा, बताया नीट लीक के बाद सुधार के लिए क्या कदम उठाए

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Fri, 29 May 2026 02:08 PM IST
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सार

Supreme Court: नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद पर एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुरक्षा और संचालन में बड़े सुधार किए गए हैं। सीसीटीवी निगरानी, फॉरेंसिक जांच, नई सुरक्षा समितियां और वरिष्ठ पदों के जरिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें...
 

NEET UG 2026 Leak Case: NTA Tells Supreme Court About Major Security and Exam Reforms
NTA Submitted Affidavit in the Supreme Court - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

Supreme Court On NEET UG: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द किए जाने के बाद उसने परीक्षा प्रणाली में बड़े स्तर पर संरचनात्मक और सुरक्षा सुधार लागू किए हैं। 

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यह मामला फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) की ओर से दायर याचिकाओं से जुड़ा है, जिनमें नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर एनटीए की व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट में एनटीए ने दाखिल किया हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में एनटीए ने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में नीट यूजी 2026 की तैयारियों की समीक्षा की गई और परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद लागू किए जाने वाले कई सुरक्षा उपायों की सिफारिश की गई।

कमेटी ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी सिस्टम की अनिवार्य जांच और कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने की सलाह दी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर मॉक ड्रिल आयोजित करने, मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों के लिए अलग योजना तैयार करने, बिजली बैकअप सिस्टम की जांच करने और मेडिकल इमरजेंसी सुविधाएं सुनिश्चित करने की सिफारिश भी की गई।

परीक्षा केंद्रों की पहले से जांच के निर्देश

एनटीए ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा से पहले वाले सप्ताह में सभी केंद्रों का विस्तृत निरीक्षण करने की व्यवस्था की गई थी। साथ ही परीक्षा समाप्त होने के बाद सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की भी सिफारिश की गई, ताकि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनियमितता की पहचान की जा सके, जो परीक्षा के दौरान तुरंत पकड़ में नहीं आ पाती।

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भविष्य में सीबीटी मोड पर फैसला ले सकती है कमेटी

हलफनामे में कहा गया है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा पूरी होने के बाद हाई-पावर्ड स्टीयरिंग कमेटी फिर बैठक करेगी। इस दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ चर्चा करके यह तय किया जाएगा कि भविष्य में नीट परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में कराई जाए या फिर मौजूदा पेन-एंड-पेपर टेस्ट (PPT) मोड को जारी रखा जाए।

एनटीए में बनाए गए नए वरिष्ठ पद

एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट को यह भी जानकारी दी कि हाई-लेवल कमेटी ऑफ एक्सपर्ट्स (HLCE) की कई सिफारिशों को लागू किया जा चुका है, जबकि कुछ पर तेजी से काम चल रहा है। एजेंसी के पुनर्गठन के तहत एनटीए में 16 नए वरिष्ठ पद बनाए गए हैं, जिनमें डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर स्तर के पद शामिल हैं।


इसके अलावा दो जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) नियुक्त किया गया है। इनमें एक अधिकारी तकनीकी संचालन की निगरानी करेंगे, जबकि दूसरे परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। मार्च 2026 में एक सचिव स्तर के अधिकारी को एनटीए का महानिदेशक भी नियुक्त किया गया था।
 

आईआईटी, यूजीसी और सीबीएसई के विशेषज्ञों की मदद

एनटीए ने कहा कि परीक्षा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आईआईटी, यूजीसी, सीबीएसई, केवीएस और इग्नू जैसी संस्थाओं के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इन विशेषज्ञों की मदद से परीक्षा संचालन प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।

राज्यों और जिलों में बनाई गई निगरानी समितियां

एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा के सुरक्षित संचालन के लिए देशभर में स्टेट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी (SLCC) और डिस्ट्रिक्ट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी (DLCC) बनाई गई हैं। नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई 2026 आयोजित होने तक 18 एसएलसीसी और 621 डीएलसीसी सक्रिय हो चुकी थीं।

इन समितियों में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, एनआईसी और एनटीए के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, ताकि परीक्षा के दौरान निगरानी और समन्वय बेहतर तरीके से किया जा सके।

जल्द सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट

मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जल्द होने की संभावना है। याचिकाकर्ताओं ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक विवाद को देखते हुए एनटीए की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की है।

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