NEET UG 2026: नीट यूजी पेपर लीक वाले वीडियो को NTA ने बताया फर्जी, कहा- सफलतापूर्वक संपन्न हुई पुनर्परीक्षा
NEET UG 2026: नीट यूजी को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल पेपर लीक वीडियो को एनटीए ने पूरी तरह फर्जी बताया है। एजेंसी ने अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी ओर 20 लाख से अधिक छात्रों के बीच हुई पुनर्परीक्षा, सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन भी चर्चा में हैं।
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NEET UG 2026: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस वीडियो को पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें नीट यूजी 2026 का प्रश्नपत्र लीक होने का दावा किया जा रहा है। एजेंसी ने कहा कि यह वीडियो मनगढ़ंत है और इसमें किए गए सभी दावे असत्य हैं।
एनटीए ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि नीट यूजी की पुनर्परीक्षा व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था के बीच सफलतापूर्वक आयोजित की गई। एजेंसी के अनुसार, इस प्रकार की भ्रामक जानकारी फैलाकर छात्रों को गुमराह करना और उनमें भय या भ्रम पैदा करना गंभीर अपराध है।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ हो रही कार्रवाई
एनटीए ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद से फर्जी वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
एजेंसी ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से केवल आधिकारिक वेबसाइट और सत्यापित सोशल मीडिया खातों पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की। एजेंसी ने कहा कि उसके 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया के हकदार हैं।
20 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल
रविवार को आयोजित पुनर्परीक्षा में देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा 13 भाषाओं, जिनमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं, में आयोजित की गई।
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि पूरे सरकारी तंत्र के समन्वित प्रयासों से महज 37 दिनों के रिकॉर्ड समय में इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एनटीए का नहीं, बल्कि पूरे “टीम भारत” का प्रयास था, जिसमें पुलिस, पर्यवेक्षक, परीक्षा कर्मचारी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों सहित लगभग सात लाख अधिकारियों ने योगदान दिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली के ओखला स्थित एनटीए मुख्यालय पहुंचकर पुनर्परीक्षा की तैयारियों और संचालन की समीक्षा की। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंत्री को परीक्षा के पारदर्शी और सुचारु संचालन के लिए किए गए तकनीकी और प्रशासनिक इंतजामों की जानकारी दी गई।
एनटीए ने बताया कि 10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों सहित सभी परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके अलावा लगभग 81 गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों वाले अभ्यर्थियों, जिनमें सड़क दुर्घटना का शिकार एक बच्चा और कीमोथेरेपी करा रहा एक अभ्यर्थी भी शामिल था, के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
केंद्रों पर किए गए थे खास सुरक्षा इंतजाम
परीक्षा केंद्रों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV निगरानी, जैमर, दो-स्तरीय तलाशी और राज्य पुलिस की सहायता से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। CCTV निगरानी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के अलावा 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए।
महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि कुछ स्थानों पर गलत प्रवेश पत्र, फर्जी एडमिट कार्ड और प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) के मामले सामने आए। कुछ परीक्षार्थियों द्वारा मोबाइल फोन ले जाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था के कारण ऐसे प्रयास सफल नहीं हो सके और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पेपर लीक मामले की जांच जारी
उधर, कथित पेपर लीक मामले की जांच जारी है। इस बीच हाल ही में गठित ‘कॉकरोच जनता पार्टी’, जिसके प्रमुख अभिजीत दिपके हैं, ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुए अपने आंदोलन के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन कर रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है। एनटीए ने कहा कि परीक्षा के सफल आयोजन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) तथा केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों का भी सहयोग मिला।