Career Options: हर ट्रेंडिंग कॅरिअर हर विद्यार्थी के लिए नहीं, कोर्स चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
Trending Careers: करियर चुनना हर विद्यार्थी के लिए एक बड़ा फैसला होता है। ऐसे में सिर्फ ट्रेंड देखकर कोर्स चुनने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और भविष्य के अवसरों को ध्यान में रखना जरूरी है।
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Course Selection: बोर्ड परीक्षा, सीयूईटी, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणामों के बाद अब कॉलेजों में दाखिला प्रक्रिया निर्णायक दौर में है। कई विद्यार्थी अपने पसंदीदा कोर्स और कॉलेज में दाखिला ले रहे हैं, जबकि कुछ को अपेक्षित रैंक या कोर्स नहीं मिल पाया है। ऐसे में जल्दबाजी में दाखिला लेना सही नहीं, बल्कि विद्यार्थी की रुचि, क्षमता, अकादमिक योग्यता और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही विकल्प चुनना जरूरी है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय अगले तीन से पांच वर्षों की पढ़ाई और कॅरिअर की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
ट्रेडिशनल कोर्स से आगे बढ़ रहे विकल्प
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, हेल्थकेयर, बायोटेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, मनोविज्ञान, डिजाइन, बिजनेस एनालिटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में नए कॅरिअर ऑप्शन तेजी से उभर रहे हैं। दूसरी ओर किसी क्षेत्र का लोकप्रिय होना और उसका हर विद्यार्थी के लिए सही होना अलग-अलग बातें हैं।
उदाहरण के लिए, एलएलएम कोई एक कॅरिअर नहीं, बल्कि एआई से जुड़ी टेक्नोलॉजी है। इसके साथ एआई इंजीनियर, मशीन लर्निंग स्पेशलिस्ट डेटा एनालिस्ट और एआई प्रोडक्ट स्पेशलिस्ट जैसे कॅरिअर विकल्प विकसित हो रहे हैं। इसी तरह हेल्थकेयर का अर्थ केवल एमबीबीएस नहीं है। फार्मेसी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, बायोटेक्नोलॉजी, पब्लिक हेल्थ, क्लीनिकल रिसर्च और एलाइड
हेल्थ साइंस में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
इन क्षेत्रों में बढ़ रही विद्यार्थियों की रुचि
- एआई और डेटा: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और एआई एप्लीकेशन
- हेल्थ केयर और लाइफ
- साइंस: फार्मेसी, बायोटेक्नोलॉजी, नर्सिंग, फिजियोथेरेपी, पब्लिक हेल्थ और क्लीनिकल रिसर्च।
- साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड: डिजिटल सिस्टम, नेटवर्क और डेटा सिक्योरिटी से जुड़े कॅरिअर।
- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रानिक्स: वीएलएसआई, चिप डिजाइन, इंबेडेट सिस्टम और इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफैक्चरिंग।
- डिजाइन और बिजनेस: यूआई/यूएक्स, प्रोडक्ट डिजाइन, बिजनेस एनालिटिक्स, डिजिटल मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी: रीन्यूएबल इनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सस्टेनेबिल्टी मैनेजमेंट।
ट्रेंड या सैलरी देखकर न चुनें कोर्स
किसी विद्यार्थी की रुचि कोडिंग में हो सकती है, तो किसी की बायोलॉजी, रिसर्च, डिजाइन कम्युनिकेशन, मनोविज्ञान या मैनेजमेंट में। इसलिए कोर्स का चुनाव केवल सोशल मीडिया टेंड, सैलरी पैकेज, दोस्तों की पसंद या पारंपरिक सोच के आधार पर नहीं होना चाहिए।
दाखिले के पूर्व अहम बिंदुओं पर करें विचार
- क्या एआई कॅरिअर के लिए बीटेक ही जरूरी है?
- नीट में अपेक्षित रैंक न मिलने पर हेल्थकेयर में कौन-से विकल्प हैं?
- सेमीकंडक्टर और चिप डिजाइन के लिए कौन-से कोर्स बेहतर हैं?
- कॉलेज चुनते समय फीस, पाठयक्रम, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में किसे प्राथमिकता दी जाए?
- बेहतर कॉलेज में वैकल्पिक कोर्स चुनें या पसंदीदा कोर्स के लिए दूसरा कॉलेज?
इन सवालों का जवाब प्रत्येक विद्यार्थी की प्रोफाइल, स्कोर, बजट, लोकेशन तरजीह और कॅरिअर गोल के अनुसार अलग हो सकते हैं।
दाखिले से पहले लें एक्सपर्ट गाइडेंस
विद्यार्थियों और अभिभावकों को उपलब्ध कोर्स और कॉलेज ऑप्शन समझने में सहायता करने के लिए दिशा स्टार्स बाई अमर उजाला की ओर से फ्री वन-टू-वन एक्सपर्ट कॅरिअर काउंसलिंग उपलब्ध कराई जा रही है। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी अपनी रुचि, अकादमिक प्रोफाइल, सीयूईटी या नीट स्कोर, प्रिफरेंस स्ट्रीम, बजट और कॅरिअर गोल के आधार पर बेहतर विकल्पों को समझ सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य किसी एक कोर्स या कॉलेज को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उपलब्ध विकल्पों की तुलना कर सोच-समझकर कर निर्णय लेने में सहायता करना है।
कौन-सा कोर्स और कॅरिअर सही?
दाखिला प्रक्रिया समाप्त होने से पहले अपने विकल्पों को एक बार एक्सपर्ट के साथ समझें। क्यूआर कोड स्कैन करें, छोटा-सा फार्म भरें और दिशा स्टार्स की फ्री वन-टू-वन कॅरिअर काउंसलिंग कॉल प्राप्त करें।