राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC - National Register for Citizens) और नागरिकता कानून (Citizenship Act 2019 - CAA) के बाद अब मोदी सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR - National Population Register) लाने की तैयारी कर रही है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (Census Commissioner) विवेक जोशी ने इस बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि असम को छोड़कर देश के अन्य सभी हिस्सों में एनपीआर पर काम शुरू किया जाएगा। वहीं, इस संबंध में आधिकारिक वेबसाइट पर भी जानकारी दी गई है। सरकार ने बताया है कि एनपीआर के लिए काम कब से और किसी तरह शुरू किया जाएगा।
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अब NPR लाना चाहती है मोदी सरकार, जानें फिर कैसे होगी भारत के नागरिकों की गिनती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया
Updated Mon, 23 Dec 2019 09:41 AM IST
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नरेंद्र मोदी व अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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क्या है एनपीआर
- राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के जरिए सरकार देश के हर नागरिक की जानकारी रख सकेगी।
- इसके तहत हर भारतीय नागरिक का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड लिया जाएगा और उनकी वंशावली भी दर्ज की जाएगी।
- वैसे निवासी जो छह महीने या उससे ज्यादा समय से किसी क्षेत्र में रह रहा है, उसके लिए एनपीआर में पंजीकरण कराना अनिवार्य हो जाएगा।
- एनपीआर को सरकार राष्ट्रीय स्तर, राज्य स्तर, जिला, उप जिला व स्थानीय स्तर पर तैयार करेगी।
- एनपीआर तीन चरणों में तैयार किया जाएगा - पहला चरण एक अप्रैल 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 के बीच होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर जरूरी आंकड़े जुटाए जाएंगे।
- दूसरा चरण 9 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक होगा। इसके बाद तीसरा चरण होगा, जिसमें जुटाए आंकड़ों में जरूरी संशोधन किए जाएंगे।
क्यों जरूरी है एनपीआर
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Population Growth rate in India
एनपीआर का मूल उद्देश्य देश के हर निवासी की पहचान के लिए एक विस्तृत आंकड़ा तैयार करना है। इसमें हर निवासी की जनसांख्यिकी (Demographic) जानकारी के साथ-साथ उनका बायोमेट्रिक भी दर्ज रहेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
- व्यक्ति का नाम
- घर के मुखिया से रिश्ता
- पिता का नाम
- मां का नाम
- पति / पत्नी का नाम
- लिंग
- जन्मतिथि
- शादी हुई या नहीं
- जन्मस्थान
- राष्ट्रीयता (जो घोषित किया हो)
- वर्तमान पता जहां रह रहे हों
- वर्तमान पते पर निवास का समय
- स्थायी आवासीय पता
- पेशा
- शैक्षणिक योग्यता
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Census India
- फोटो : Census India
आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के लिए अंतिम बार साल 2010 में आंकड़े जुटाए गए थे। जब 2011 के लिए जनगणना (Census 2011) की जा रही थी। इन आंकड़ों को फिर साल 2015 में अपडेट किया गया था। इसके लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण हुए थे। उन आंकड़ों को डिजिटल करने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अब सरकार ने ये फैसला लिया है कि 2021 जनगणना (Census 2021) के दौरान असम को छोड़कर अन्य सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के लिए इन आंकड़ों को फिर से अपडेट किया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार द्वारा एक राजपत्रित अधिसूचना पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है।
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