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Rajesh Khanna: काका के निधन के बाद उनके घर मिले थे तोहफों से भरे 64 सूटकेस, कभी खोल तक नहीं पाए थे अभिनेता

एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Tue, 29 Jul 2025 05:26 PM IST
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सार

Rajesh Khanna Bungalow Aashirwaad: दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना ने सिनेमा की दुनिया में राज किया है। पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना शाही जिंदगी जीना पसंद करते थे। काका के निधन के बाद उनके बंगले 'आशीर्वाद' में 64 पैक सूटकेस मिले थे।

64 unopened suitcases with gifts were found at Rajesh Khanna bungalow Aashirwaad after His death
राजेश खन्ना - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

दिवंगत अभिनेता राजेश खन्ना को पहला सुपरस्टार माना जाता है। एक दौर था जब सिनेमा की दुनिया में उनका रुआब था। उनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार प्रदर्शन करतीं। दर्शक उनके दीवाने थे। काका बहुत शाही जिंदगी जीना पसंद करते थे। वे महंगी कारों में बैठ इंटरव्यू देने जाया करते थे। विदेशी यात्राओं पर जाते तो महंगे तोहफे लाते। अभिनेता के निधन के बाद उनके घर से करीब 64 पैक सूटकेस मिले थे, जो तोहफों से भरे थे।

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किताब में हुआ खुलासा
राजेश खन्ना पर लिखी एक किताब 'डार्क स्टार : राजेश खन्ना' में इस बात का जिक्र है कि अभिनेता के निधन के बाद उनके बंगले 'आशीर्वाद' से करीब 64 पैक्ड सूटकेस प्राप्त हुए। यह सभी उनके निधन के बाद खोले गए। इसी किताब में यह जिक्र है कि काका विदेश यात्राओं के दौरान खूब खर्च करते थे। वे राजाओं की तरह जिंदगी जीते थे। यात्राओं पर जाते तो न सिर्फ अपने लिए, बल्कि अपने जानने वालों के लिए भी महंगे तोहफे लेकर आते। 

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विदेशों से खरीदकर लाते कीमती उपहार
किताब के लेखक गौतम चिंतामणि ने 'डार्क स्टार' में लिखा है कि साल 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनके बंगले 'आशीर्वाद' से 64 पैक सूटकेस मिले थे, जिनमें वे तोहफे थे, जो वे विदेश से लाए, लेकिन कभी किसी को नहीं दे पाए थे। किताब में लिखा है, 'राजेश खन्ना जब भी विदेश घूमने जाते, वहां से महंगे उपहार लाते। कभी-कभी वह इन्हें उन्हें सौंप देते, जिनके लिए वो लाते थे। कभी-कभी इन्हें देना ही भूल जाते थे। कई सूटकेस तो वे खोल भी नहीं पाते थे। उनके दुनिया से चले जाने के बाद ऐसे ही करीब 64 सूटकेस घर में मिले। इन सभी में लोगों के लिए गिफ्ट भरे हुए थे'।

2012 में छोड़ गए दुनिया
राजेश खन्ना ने 60 और 70 के दशक में कई सुपरहिट फिल्में दी थीं। उन्होंने 1966 में फिल्म आखिरी खत से डेब्यू किया था। 'आराधना', 'दो रास्ते', 'सच्चा झूठा', 'आन मिलो सजना', 'कटी पतंग', 'आनंद', 'हाथी मेरे साथी', 'अमर प्रेम', 'बावर्ची', 'दाग', 'नमक हराम' और 'रोटी' उनकी कुछ चर्चित फिल्में हैं। लंबी बीमारी के बाद 18 जुलाई 2012 को काका का निधन हो गया। निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी शादी अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया से हुई। कपल की दो बेटियां ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना हैं।

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