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अक्षय कुमार के डीपफेक वीडियो पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, समाज के लिए बताया गंभीर
Fri, 17 Oct 2025 11:10 AM IST
हिमांशु सोनी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Fri, 17 Oct 2025 11:10 AM IST
सार
Akshay Kumar Deepfake Video: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार के डीपफेक वीडियो को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने के लिए कहा है।
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अक्षय कुमार
- फोटो : एक्स
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों एक एआई-जनरेटेड वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। इस वीडियो में उन्हें महर्षि वाल्मीकि के रूप में दिखाया गया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इसे “गंभीर रूप से चिंताजनक” और “जनहित के खिलाफ” करार दिया है।
डीपफेक तकनीक समाज के लिए खतरनाक संकेत
न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस तरह की सामग्री सिर्फ किसी अभिनेता की छवि ही नहीं, बल्कि समाज के नैतिक ढांचे के लिए भी खतरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा, 'एआई की मदद से बनाए जा रहे ऐसे वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि असली और नकली में फर्क करना लगभग असंभव हो गया है। यह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनहित का भी मामला है।'
यह खबर भी पढ़ें: अभिनय के बाद अब राजनीति की पिच पर उतरे मनोज बाजपेयी? वीडियो वायरल होते ही एक्टर ने तोड़ी चुप्पी
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कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस तरह के डीपफेक वीडियो किसी व्यक्ति की निजता, गरिमा और परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। न्यायमूर्ति डॉक्टर ने चेतावनी दी कि 'ऐसी सामग्री समाज में गलतफहमियां, वैमनस्य और अस्थिरता पैदा कर सकती है। इसलिए इसे तुरंत सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से हटाया जाना चाहिए।'
अक्षय कुमार को मिली राहत
अभिनेता अक्षय कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेन्द्र साराफ ने अदालत में दलील दी कि एआई-जनरेटेड सामग्री के तेजी से फैलाव से न सिर्फ कलाकारों की छवि को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि यह भविष्य में फेक न्यूज और साइबर अपराधों का नया चेहरा बन सकता है। अदालत ने उनकी बात से सहमति जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और तकनीकी नियंत्रण जरूरी है।
अक्षय कुमार का बयान
घटना के बाद अक्षय कुमार ने 23 सितंबर को एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा था कि 'मुझे एआई से बने कुछ वीडियो दिखे हैं जिनमें मुझे महर्षि वाल्मीकि के रूप में दिखाया गया है। मैं साफ करना चाहता हूं कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं। दुख की बात है कि कुछ चैनल बिना जांचे इन्हें खबर की तरह चला रहे हैं। आज के दौर में जब एआई से भ्रामक सामग्री आसानी से बनाई जा रही है, मीडिया से मेरी अपील है कि किसी भी खबर को चलाने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।'
मामले में आगे क्या?
इस मामले के बाद केंद्र और राज्य सरकारों से भी यह अपेक्षा बढ़ गई है कि वो एआई आधारित कंटेंट पर निगरानी और नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाएं। अक्षय कुमार फिलहाल अपनी आगामी फिल्मों 'भूत बंगला', 'वेलकम टू द जंगल' और 'हैवान' की शूटिंग में व्यस्त हैं।
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डीपफेक तकनीक समाज के लिए खतरनाक संकेत
न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस तरह की सामग्री सिर्फ किसी अभिनेता की छवि ही नहीं, बल्कि समाज के नैतिक ढांचे के लिए भी खतरा बनती जा रही है। उन्होंने कहा, 'एआई की मदद से बनाए जा रहे ऐसे वीडियो इतने वास्तविक लगते हैं कि असली और नकली में फर्क करना लगभग असंभव हो गया है। यह सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जनहित का भी मामला है।'
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कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि इस तरह के डीपफेक वीडियो किसी व्यक्ति की निजता, गरिमा और परिवार की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती हैं। न्यायमूर्ति डॉक्टर ने चेतावनी दी कि 'ऐसी सामग्री समाज में गलतफहमियां, वैमनस्य और अस्थिरता पैदा कर सकती है। इसलिए इसे तुरंत सार्वजनिक प्लेटफॉर्म से हटाया जाना चाहिए।'
अक्षय कुमार को मिली राहत
अभिनेता अक्षय कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बीरेन्द्र साराफ ने अदालत में दलील दी कि एआई-जनरेटेड सामग्री के तेजी से फैलाव से न सिर्फ कलाकारों की छवि को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि यह भविष्य में फेक न्यूज और साइबर अपराधों का नया चेहरा बन सकता है। अदालत ने उनकी बात से सहमति जताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त निगरानी और तकनीकी नियंत्रण जरूरी है।
अक्षय कुमार का बयान
घटना के बाद अक्षय कुमार ने 23 सितंबर को एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा था कि 'मुझे एआई से बने कुछ वीडियो दिखे हैं जिनमें मुझे महर्षि वाल्मीकि के रूप में दिखाया गया है। मैं साफ करना चाहता हूं कि ये वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं। दुख की बात है कि कुछ चैनल बिना जांचे इन्हें खबर की तरह चला रहे हैं। आज के दौर में जब एआई से भ्रामक सामग्री आसानी से बनाई जा रही है, मीडिया से मेरी अपील है कि किसी भी खबर को चलाने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।'
मामले में आगे क्या?
इस मामले के बाद केंद्र और राज्य सरकारों से भी यह अपेक्षा बढ़ गई है कि वो एआई आधारित कंटेंट पर निगरानी और नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाएं। अक्षय कुमार फिलहाल अपनी आगामी फिल्मों 'भूत बंगला', 'वेलकम टू द जंगल' और 'हैवान' की शूटिंग में व्यस्त हैं।