इस फिल्म ने कर डाली थी अनुराग कश्पय की जेब ढीली, हुआ था घाटा; बोले- फिजूलखर्ची से बचने का सबक मिला
Anurag Kashyap: फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप फिजूलखर्ची से बचने की कोशिश करते हैं। कई चर्चित फिल्में देने के बावजूद उन्हें न तो महंगी कार खरीदने का शौक है और न ही महंगे और आलीशान घर में रहने का। उन्होंने हाल ही में इसकी वजह बताई है।
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अनुराग कश्यप सादगीभरा जीवन जीना पसंद करते हैं, जिसमें वे अनुशासन को महत्व देते हैं। उन्हें न महंगे और आलीशान घर में रहने का शौक है और न ही महंगी कारों का कलेक्शन रखना पसंद करते हैं। इतनी लोकप्रियता के बावजूद उनके पास सिर्फ एक कार है। हाल ही में अनुराग कश्यप ने अपनी लाइफस्टाइल और फिल्म मेकिंग की प्रक्रिया पर दिलचस्प बातें साझा कीं।
फिलहाल बंगलूरू में रह रहे अनुराग कश्यप
इंडस्ट्री में जहां सेलेब्स फेम पाने के बाद महंगी कार और घर खरीदते हैं, वहीं अनुराग कश्यप ऐसा कोई शौक नहीं रखते। उनका कहना है कि आलीशान संपत्ति या महंगी गाड़ियां खरीदने में उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है और वे अपनी मौजूदा स्थिति में ही संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा, 'मैं कोई इमारत या हवेली नहीं चाहता। मैं अभी भी वर्सोवा (मुंबई) में रहता हूं और वहां बहुत खुश हूं। अब मैं बंगलूरू शिफ्ट हो गया हूं और मुझे खुशी है कि अब मैं इंडस्ट्री से थोड़ा दूर हूं। लेकिन मैं लगातार काम कर रहा हूं। मैंने काम करना बंद नहीं किया है'। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के सेंटर से दूर एक शांत जीवन जीते हुए वे संतुष्ट हैं।
इस वजह से नहीं रखते महंगी कार
अनुराग कश्यप से जब व्हीकल की प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ एक ही कार है, जिसे वह अपनी बेटी के साथ शेयर करते हैं। उन्होंने कहा, "मेरे पास एक कार है और मैं उसे अपनी बेटी के साथ शेयर करता हूं। वह महिंद्रा कार है। मेरे दोस्तों ने ऑडी और मर्सिडीज खरीदी थी। लेकिन जब मुंबई में बारिश और बाढ़ आती है, तो उनकी कारें काम करना बंद कर देती हैं। उन्हें रिपेयर कराने में बहुत पैसा खर्च होता है। उस कीमत के आधे में आप एक बजट कार खरीद सकते हैं'। अनुराग कश्यप ने आगे कहा कि उन्हें ऐसी कारें पसंद हैं, जो मुंबई के मौसम की चुनौतियों का सामना कर सकें।
कम बजट में बेस्ट फिल्में देना पसंद
निर्देशक ने अपनी फिल्म मेकिंग प्रक्रिया पर भी बात की। वे अक्सर कहते रहे हैं कि सीमित बजट में काम करने से उन्हें अपनी बेस्ट फिल्में बनाने का मौका मिलता है। उनका मानना है कि फिजूल खर्च कम करने से क्रिएटिविटी सामने आती है और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है। कमर्शियल सिनेमा के विषय पर अनुराग कश्यप ने कहा, 'किसी फिल्म को न्यूनतम स्तर तक पहुंचाने और उसे व्यापक बनाने के लिए उसे सरल बनाना जरूरी है और अगर आप उसे सरल नहीं बनाना चाहते, तो बजट कम कर दें। अनावश्यक खर्च न करें और फाइव स्टार होटल में न रहें। अपनी मनचाही फिल्म बनाएं, लेकिन किसी और का नुकसान न करें।
इस फिल्म के घाटे से मिला सबक
अनुराग कश्यप का कहना है कि फिल्म निर्माण की कला की सबसे बड़ी समस्या यह है कि आप इसे किसी और के खर्च पर बना रहे हैं'। अनुराग कश्यप ने फिल्ममेकिंग की वित्तीय जिम्मेदारी के महत्व पर जोर दिया। अनुराग कश्यप ने बताया कि उनकी फिल्म 'बॉम्बे वेलवेट' से हुए आर्थिक नुकसान का उन पर गहरा असर पड़ा। उनके मुताबिक फिल्म का बजट 28 करोड़ रुपये से बढ़कर 90 करोड़ रुपये हो गया। इस अनुभव ने सावधानीपूर्वक बजट बनाने और अनावश्यक खर्चों से बचने में उनके विश्वास को और मजबूत किया। अनुराग कश्यप ने गेम चेंजर्स के यूट्यूब चैनल पर हाल ही में यह बातें कीं।