‘दिलीप कुमार की नया दौर से प्रेरित नहीं थी लगान’, निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने बताया किससे मिलती है कहानी
Ashutosh Gowariker On Lagaan: निर्देशक आशुतोष गोवारिकर ने उन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें ऐसा दावा किया जाता है कि ‘लगान’ ‘नया दौर’ से प्रेरित है। जानिए निर्देशक ने ‘नया दौर’ की बजाय किस फिल्म से प्रेरणा लेने की कही बात…
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विस्तार
आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित आमिर खान की फिल्म ‘लगान’ की हाल ही में रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग हुई। यह स्क्रीनिंग फिल्म के 25 साल पूरे होने के मौके पर हुई। इस दौरान फिल्म के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर और अभिनेता आमिर खान भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान आशुतोष ने फिल्म को लेकर भी बात की और उन्होंने बताया कि ‘लगान’ दिलीप कुमार की ‘नया दौर’ से प्रेरित नहीं है।
मैंने अपने बचपन के अनुभवों पर बनाई ‘लगान’
रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल में ‘लगान’ की स्क्रीनिंग के बाद आशुतोष गोवारिकर ने फिल्म पर बात करते हुए कहा कि यह एक मिथक है। मैं ‘नया दौर’ से प्रेरित नहीं था और मैंने वह फिल्म देखी भी नहीं थी।
मैं अपने बचपन की यादों के आधार पर यह कहानी बना रहा था, जिसमें मेरे गृहनगर कोल्हापुर जाना, खेतों में जाना, किसानों का जीवन देखना शामिल है। यह मेरा निजी अनुभव है जिसे मैंने फिल्म में जोड़ा था।
जब मैंने आखिरकार ‘नया दौर’ देखी, तो दोनों फिल्मों में आधुनिकीकरण से निपटने के तरीकों में समानताएं नजर आईं। मुझे एहसास हुआ कि इसकी सीधी तुलना ट्रक और बैलगाड़ी की होड़ से की जा सकती है। यह आधुनिकीकरण के बारे में था, जैसे इंसान बनाम मशीन, कौन टिकेगा। यह एक अलग तरह की फिल्म थी।
बीआर चोपड़ा के लिए रखी थी स्क्रीनिंग
निर्देशक ने आगे बताया कि मैंने लगान की स्क्रीनिंग दिवंगत बीआर चोपड़ा के लिए रखी थी। जिन्हें फिल्म बहुत पसंद आई थी। गोवारिकर ने कहा कि बीआर चोपड़ा साहब उस समय व्हीलचेयर पर थे और उन्होंने जो आखिरी फिल्में देखीं उनमें से एक ‘लगान’ थी। चोपड़ा साहब को फिल्म बहुत पसंद आई और उन्हें लगा कि इस तरह के ग्रामीण जीवन और इस कहानी को पहले कभी नहीं दिखाया गया है।
फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज से अधिक मिलती है ‘लगान’ की कहानी
हालांकि, आशुतोष गोवारिकर ने का मानना है कि ‘लगान’ नया दौर से नहीं बल्कि फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज ‘एस्टेरिक्स’ से अधिक मिलती-जुलती है। उन्होंने कहा कि ‘लगान’ एस्टेरिक्स है। एस्टेरिक्स हमारा मुख्य आधार था।
क्योंकि हमारे पास एक छोटा सा गांव रोमन साम्राज्य से लड़ रहा है। यहां हमारे पास एक छोटा सा भारतीय गांव ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहा है। इसी वजह से फिल्म ने फ्रांस में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था।
फ्रांसीसी कॉमिक सीरीज एक गॉलिश गांव के बारे में है। यह एक जादुई औषधि की बदौलत, जो ताकत बढ़ाती है, गैलिक युद्धों के बाद के समय में जूलियस सीजर की रोमन गणराज्य सेना का प्रतिरोध करता है।
ऐसी है ‘नया दौर’ की कहानी
1957 में आई बीआर चोपड़ा द्वारा निर्देशित ‘नया दौर’ शंकर (दिलीप कुमार) नामक एक उत्साही तांगेवाले के इर्द-गिर्द घूमती है। वो मोटर बसों का प्रचलन शुरू करने वाले एक निर्दयी व्यापारी (कुंदन) के खिलाफ ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका की रक्षा के लिए संघर्ष करता है। अंत में एक घोड़ागाड़ी और एक बस के बीच रोमांचक मुकाबले में परिणत होता है।
आशुतोष गोवारिकर द्वारा निर्देशित ‘लगान’ मध्य भारत के एक छोटे से गांव के इर्द-गिर्द घूमती है। यहां ब्रिटिश सेना के एक अधिकारी द्वारा लगाए गए भारी करों के बोझ तले दबे गांव के लोग कर चुकाने से बचने के लिए क्रिकेट खेलने की चुनौती देते हैं।
फिल्म में आमिर खान मुख्य भूमिका में हैं, जिन्होंने भुवन का किरदार निभाया है। फिल्म में ग्रेसी सिंह, राचेल शेली, सुहासिनी मुले, कुलभूषण खरबंदा, रघुबीर यादव, राजेंद्र गुप्ता, अखिलेंद्र मिश्रा, यशपाल शर्मा और प्रदीप रावत सरीखे कई अन्य कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।