Boney Kapoor: अमिताभ बच्चन के साथ 'मिस्टर इंडिया' बनाने वाले थे बोनी कपूर, फिल्ममेकर ने किया बड़ा खुलासा
1987 की फिल्म में, अनिल कपूर ने दस अनाथ बच्चों की देखभाल करने वाले एक स्ट्रीट वायलिन वादक अरुण वर्मा की भूमिका निभाई थी।
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कल्ट सुपरहीरो फिल्म मिस्टर इंडिया को आज भी लोग टीवी या फोन पर देखना पसंद करते हैं। फिल्म में अनिल कपूर, दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी और अमरीश पुरी ने मुख्य भूमिका निभाई थी। यह बॉलीवुड की सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में से एक है। हाल ही में एक साक्षात्कार में अनिल कपूर के भाई और निर्माता बोनी कपूर ने खुलासा किया है कि 1987 की फिल्म की योजना शुरुआत में अमिताभ बच्चन को नायक और रमेश सिप्पी को निर्देशक के साथ बनाने की थी।
ईटाइम्स से बात करते हुए बोनी कपूर ने साझा किया कि 1983 में अपने भाई अनिल कपूर को वो सात दिन के साथ मुख्य नायक के रूप में लॉन्च करने के बाद, वह फिल्म के निर्देशक बापू के साथ फिर से काम करना चाहते थे। चूंकि वो सात दिन 1981 की तमिल फिल्म अंधा 7 नाटकल का रीमेक थी, इसलिए बोनी दूसरा रीमेक नहीं बनाना चाहते थे। इस वजह से उन्होंने जावेद अख्तर से नई स्क्रिप्ट लिखने के लिए कहा, लेकिन जैसे ही बापू थोड़े अधीर हो गए, इस
प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया।
बोनी ने कहा, "मैंने वो सात दिन के बाद मिस्टर इंडिया की कहानी सुनी थी। जावेद अख्तर साहब, नरेश गोयल और मैं रमेश सिप्पी को निर्देशक और अमिताभ बच्चन को हीरो लेकर मिस्टर इंडिया बनाने वाले थे, लेकिन बात नहीं बनी। एक बार जब मैं और जावेद साहब बैठे थे, तो मैंने कहा, 'चलिए यह पिक्चर बनाते हैं।' इस बात पर जावेद अख्तर ने कहा, 'यह एक महंगी फिल्म है। जीपी सिप्पी इसे अमिताभ बच्चन के साथ बनाने को लेकर असमंजस में थे। आप इसे अनिल कपूर के साथ कैसे बना सकते हैं?'
निर्माता ने आगे कहा, "मैंने कहा था कि हम इसे बनाएंगे। उस समय, जब शीर्ष सितारों वाली बड़ी फिल्में एक से डेढ़ करोड़ रुपये में बनाई जाती थीं, मैंने तीन करोड़ और 20 लाख रुपये में एक फिल्म बनाई। मेरे पास 80 लाख रुपये का घाटा था। लेकिन मुझे रिलीज के पहले साल में ही पैसा और नाम दोनों मिला और यह फिल्म आज भी याद की जाती है।''
1987 की फिल्म में, अनिल कपूर ने दस अनाथ बच्चों की देखभाल करने वाले एक स्ट्रीट वायलिन वादक अरुण वर्मा की भूमिका निभाई थी, जिसका जीवन तब बदल जाता है जब वह अपने दिवंगत पिता के वैज्ञानिक उपकरण से अदृश्य होने की शक्ति प्राप्त करने के बाद सुपरहीरो मिस्टर इंडिया बन जाता है। फिल्म में पत्रकार सीमा साहनी के रूप में श्रीदेवी उनकी प्रेमिका की भूमिका निभाती दिखी थीं। वहीं, अमरीश पुरी एक दमदार विलेन के रूप में नजर आए थे। फिल्म की रिलीज के बाद 'मोगैम्बो खुश हुआ' एक आइकॉनिक डायलॉग बन गया था।
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