अर्जुन कपूर व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा मामले में पहुंचे अदालत, दिल्ली हाई कोर्ट ने कही ये बात
Arjun Kapoor: पर्सनैलिटी प्रोटेक्शन राइट्स मामले में अर्जुन कपूर की याचिका पर आज दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनवाई की। जानिए अदालत ने क्या कुछ कहा…
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सलमान खान, ऐश्वर्या राय और कार्तिक आर्यन जैसे तमाम सितारों की तरह अब अर्जुन कपूर ने भी व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए कोर्ट का रुख अपनाया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने आज अर्जुन कपूर की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़ी याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करने की घोषणा की। अर्जुन ने अपनी इस याचिका में ऑनलाइन उनकी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ उनके व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है।
बिना अनुमति अर्जुन की इमेज का हो रहा इस्तेमाल
इस मामले की सुनवाई जस्टिस तुषार राव गेडेला ने की। अर्जुन कपूर की ओर से पेश हुए वकील प्रवीण आनंद ने न्यायालय को बताया कि कई लोग अर्जुन की इमेज का बिना उनकी अनुमति के उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ अनअथराइज्ड बुकिंग में शामिल हैं, जबकि अन्य बिक्री जैसी गतिविधियों में लगे हुए हैं। याचिका में यूट्यूब और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ गूगल एलएलसी और मेटा प्लेटफॉर्म जैसी तकनीकी कंपनियों का भी नाम शामिल है।
एआई द्वारा तैयार तस्वीरें भी शामिल
आनंद ने बताया कि सामग्री में यौन रूप से आपत्तिजनक सामग्री, फर्जी खबरें और अर्जुन से जुड़े पोर्नोग्राफिक प्रेजेंटेशन शामिल हैं। इनमें से कई एआई द्वारा तैयार की गई तस्वीरें शामिल हैं। इनमें अर्जुन को जानवरों के साथ मिलाकर दिखाया गया है और यहां तक कि गोलगप्पे बेचते हुए भी दिखाया गया है।
उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह की तस्वीरें और कंटेंट स्वीकार करने वाला नहीं है। उन्होंने जुबिन नौटियाल, विवेक ओबेरॉय और आचार्य बालकृष्णन से जुड़े मामलों में इसी तरह के अदालती आदेशों का भी हवाला दिया।
कोर्ट जल्द पारित करेगा विस्तृत आदेश
हालांकि, अदालत ने कहा कि किसी सार्वजनिक हस्ती से जुड़े मामले को पूरी तरह से हटाया नहीं जा सकता। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, मानहानिकारक या अपमानजनक सामग्री पर कार्रवाई की जा सकती है।
अदालत ने आगे कहा कि आम आदमी व्यक्तित्व अधिकारों के लिए अदालत में नहीं आता। यह देखते हुए कि सार्वजनिक हस्तियों की अधिक गहन जांच की जाती है। सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने कहा कि वह जल्द ही एक विस्तृत अंतरिम आदेश पारित करेगी।

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