बैंक को माथा टेकता था ‘धुरंधर’ का ये एक्टर, सिर्फ 84 रुपए लेकर आया था मुंबई; सफलता को लेकर कही ये बात
Dhurandhar Actor’s Struggle: ‘धुरंधर’ में अपने किरदार से सुर्खियां बटोरने वाले इस अभिनेता ने बताया कि कैसे सिर्फ 84 रुपए लेकर पहुंचा था मुंबई। जानिए ‘धुरंधर’ की सफलता ने क्या कुछ लाया बदलाव…
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ब्लॉकबस्टर फिल्म 'धुरंधर' में मोहम्मद आलम उर्फ आलम भाई के किरदार के लिए अभिनेता गौरव गेरा को खूब सराहना मिली है। फिल्म में उन्होंने पाकिस्तान में रहने वाले भारत के सीक्रेंट एजेंट की भूमिका निभाई है। जो अपनी पहचान छिपाने के लिए लयारी इलाके में जूस बेंचने वाला बनकर रहता है। हाल ही में गौरव गेरा ने अपने एक्टिंग सफर और शुरुआती संघर्ष के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने पिता को एक्टिंग में करियर बनाने के लिए राजी किया।
शुरू से आर्ट में था इंटरेस्ट
जिस्ट के साथ हालिया बातचीत में गौरव गेरा ने बताया कि कैसे इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन न होने के बावजूद उन्होंने अपना रास्ता निकाला। उन्होंने कहा कि मेरे यहां कोई फिल्मों में नहीं था। आर्ट और परफॉर्म करने में मेरा इंटरेस्ट स्कूल के दिनों से ही था। मैं स्कूल में कम्पटिशन में पार्टिसिपेट करता रहता था।
आर्ट और क्राफ्ट में मेरे सिर्फ ए-प्लस आते थे, लेकिन पढ़ाई में मैं 72%, 80%, 82% वाला स्टूडेंट था। मुझे लगता था जिस चीज में मैं अच्छा हूं, उसको ये लोग प्रोत्साहित ही नहीं कर रहे। मेरी स्केचिंग अच्छी थी। मैंने कॉलेज ऑफ आर्ट्स में अप्लाई किया था, लेकिन हुआ नहीं। फिर फैशन मैं गया और पर्ल एकेडमी ऑफ फैशन से जुड़ गया।
84 रुपए लेकर पहुंचा था मुंबई
गौरव ने आगे कहा कि मुझे जल्द ही एहसास हो गया कि ये वो नहीं है जो मैं करना चाहता हूं। मैंने पापा से बोल दिया, 'पैसे बचा लो, बड़ा महंगा कोर्स है। मैं नहीं करूंगा।' पापा ने कहा, 'आधे साल काम कर लेना, फिर जो मन में आएगा।' बिल्कुल आधा साल जॉब किया और फिर थिएटर ज्वाइन कर लिया।
मेरे पापा आईआईटी-बीएचयू से इंजीनियर हैं, भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, लेकिन मुझ पर कुछ थोपा नहीं गया। मुंबई जाने के बाद अपने वित्तीय संघर्षों के बारे में बात करते हुए एक्टर ने बताया कि मेरे खाते में 84 रुपये थे। मैं एचडीएफसी बैंक के सामने से गुजरता था और बैंक को देख कर कहता था, 'मेरा ख्याल रखना।' मैं आते-जाते बैंक को मत्था टेक के जाता था।
मैं खुद्दार टाइप का इंसान था
उन्होंने याद किया कि कैसे उनके पिता ने सीमित साधनों के बावजूद उनका समर्थन किया था। मेरे पास अभी भी पापा के वो लेटर हैं, जहां लिखा होता था, '2,000 रुपये भेज रहा हूं, इससे ज्यादा नहीं है।' उन्होंने कहा कि कठिनाइयों के बावजूद उन्हें बोझ महसूस नहीं हुआ। हमें वक्त लगता था तकलीफ नहीं।
ऑटो के पैसे नहीं हैं, तो पैदल आ जायेंगे। मैं थोड़ा खुद्दार टाइप था। मैं देने वाला बनना चाहता था, लेने वाला नहीं। उस दौर में अपने परिवार को लिखे एक पत्र को याद करते हुए उन्होंने कहा कि लेटर में लिखा था कि अभी पैसे के मामले में सफलता नहीं मिली है, लेकिन मुझ पर भरोसा रखें। भविष्य उज्ज्वल है। मुझे और सीखने की जरूरत है।
सफलता मेरे सिर पर नहीं चढ़ती
‘धुरंधर’ और इसके सीक्वल से नई लोकप्रियता हासिल करने के बावजूद गौरव गेरा ने इस बात पर जोर दिया कि सफलता ने उनके दृष्टिकोण को नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि बहुत कम देर के लिए मैंने प्रशंसा को बहुत गंभीरता से लिया। कुछ साल पहले मुझे लगने लगा था कि लोग मुझे लीजेंड बोल रहे हैं और शायद मैंने उसको थोड़ा सीरियसली ले लिया था।
फिर मुझे लगा, 'नहीं, मुझे इसे तोड़ना होगा।' महानता वाली भावना अहंकार लाती है। मैं उस जोन का नहीं होना चाहता था। इसलिए मैं अपने आप को चेक में रखता हूं। क्या धुरंधर की सफलता ने उन पर असर डाला है?
इस पर उन्होंने कहा कि अब नहीं आता। शायद 10 साल पहले आ जाता। अब लगता है ये बस एक काम है जो मैंने किया और लोगों ने पसंद किया। यह उन कामों में से एक है जो मैंने किया। आज आप रॉकिंग हो, कल नहीं हो। मैंने इतने उतार-चढ़ाव देखे हैं कि अब फर्क नहीं पड़ता।
आदित्य धर द्वारा निर्देशित ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्डतोड़ कमाई की। फिल्म के दोनों पार्ट ब्लॉकबस्टर साबित हुए और भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हुए।
फिल्म में रणवीर सिंह प्रमुख भूमिका में नजर आए हैं। इसके अलावा फिल्म में अक्षय खन्ना, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त, आर माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी भी अहम किरदारों में नजर आए हैं।