‘टाइपकास्टिंग से लगता है डर’, रणवीर शौरी ने बताया क्यों हर बार नया करने की करते हैं कोशिश?
Ranvir Shorey: रणवीर शौरी ने अपने अलग-अलग किरदारों को लेकर बात की। जानिए आखिर क्यों उन्हें टाइपकास्ट होने से लगता है डर…
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एक्टर रणवीर शौरी अपनी वर्सटैलिटी के लिए जाने जाते हैं। वो अक्सर अपने किरदारों के साथ प्रयोग करते रहते हैं। एक्टर का मानना है कि उन्हें टाइपकास्ट होने से सबसे ज्यादा डर लगता है। इसीलिए वो अपने किरदारों के साथ अलग-अलग तरह का प्रयोग करते रहते हैं।
मैंने एक जैसे रोल दोहराने की कोशिश नहीं की
पीटीआई के साथ हालिया बातचीत में रणवीर शौरी ने अपने किरदारों और टाइपकास्ट होने के डर को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि मैंने कभी भी एक जैसे रोल दोहराने की कोशिश नहीं की, क्योंकि मैं फिल्म इंडस्ट्री के बाहरी दायरे में पला-बढ़ा हूं।
जब से मैं एक्टर बना हूं, टाइपकास्टिंग का डर मुझे परेशान करता रहा है और इसी बात ने मेरे कई फैसलों पर असर डाला है। इसलिए हर बार मैं कुछ नया और बिल्कुल अलग करने की कोशिश करता हूं। मेरी यही कोशिश रहती है।
रणवीर शौरी हाल ही में प्राइम वीडियो की सीरीज ‘पिरामिड स्कीम’ में नजर आए हैं। सात एपिसोड की यह सीरीज भारत में 'मल्टी-लेवल मार्केटिंग' (MLM) और पोंजी स्कीम के नाम पर होने वाले करोड़ों के घोटालों की कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। सीरीज की कहानी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध हरिद्वार पर आधारित है।
इसमें गोल्डी नाम के एक आकर्षक और मेहनती युवा की कहानी है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में है, लेकिन किसी तरह पिरामिड मार्केटिंग की चकाचौंध भरी और अजीब तरह से भरोसेमंद लगने वाली दुनिया में फंस जाता है। इस सीरीज़ को श्रेयांश पांडे ने बनाया है और आशीष आर. शुक्ला और पांडे ने इसे डायरेक्ट किया है।