Saurabh Shukla: सौरभ शुक्ला ने बच्चों की फिल्मों पर की खुलकर बात, बोले- 'मासूमियत गायब नहीं...'
Saurabh Shukla: सौरभ शुक्ला ने हाल ही में बच्चों की फिल्मों को लेकर खुलकर अपनी राय पेश की है। उन्होंने बच्चों की फिल्मों के अलावा आज के डि़जिटल युग को लेकर भी खुलासा किया।
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अभिनेता और फिल्म निर्देशक सौरभ शुक्ला ने बच्चों के लिए फिल्मों की कमी को लेकर चल रही चर्चा पर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों की फिल्में गायब नहीं हुई हैं, बल्कि समय के साथ बदल गई हैं।
बच्चों की फिल्मों को लेकर सौरभ शुक्ला की राय
सौरभ शुक्ला ने बताया कि लोग जिसे 'मासूमियत' कहते हैं, वह किसी खास समय के बच्चों के मनोविज्ञान से जुड़ा होता है। पहले का बाल मनोविज्ञान अलग था, लेकिन अब समाज बदल गया है, इसलिए बच्चों का सोचने-समझने का तरीका भी बदल गया है। सौरभ शुक्ला ने कहा, 'किसी की मासूमियत नहीं खोई है।' सौरभ ने आगे बताया कि आज के डिजिटल युग में बच्चे बहुत ज्यादा जानकारी प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन यह सामान्य बात है। जीवन इसी तरह चलता रहेगा।
सौरभ शुक्ला की फिल्म
सौरभ शुक्ला ने हाल ही में 'जब खुली किताब' नाम की एक फिल्म का निर्देशन किया है। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है। फिल्म की कहानी एक बुजुर्ग दंपति गोपाल और अनुसूया की है, जो 50 साल की शादी के बाद तलाक लेने का फैसला करते हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, परिवार में कई भावनाएं उभरती हैं। फिल्म उनके इसी नाम के नाटक पर आधारित है।
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