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शिल्पा शेट्टी की फेक तस्वीरों पर हाईकोर्ट सख्त, एआई से बने आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का आदेश
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Fri, 26 Dec 2025 07:45 PM IST
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सार
High Court on morphed photos of Shilpa Shetty: अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी की एआई से तैयार की गईं फेक तस्वीरों पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
शिल्पा शेट्टी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के नाम और पहचान से जुड़े एक गंभीर मामले पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अभिनेत्री की एआई से बनी और बदली गई तस्वीरों को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे बेहद परेशान करने वाला और चौंकाने वाला करार दिया है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वेबसाइटें ऐसे सभी लिंक और कंटेंट को तुरंत हटाएं।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला तब सामने आया जब शिल्पा शेट्टी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। अभिनेत्री ने शिकायत की कि उनकी बिना अनुमति एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी तस्वीरें, वीडियो और यहां तक कि उनकी आवाज की नकल तक की गई। इन बदली हुई तस्वीरों और कंटेंट को इंटरनेट पर फैलाया गया, जिससे उनकी छवि और सम्मान को नुकसान पहुंचा।
यह खबर भी पढ़ें: सलमान खान के जन्मदिन पर फैंस को मिलेगा खास तोहफा, रिलीज हो सकता है 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर
कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पहली नजर में ही यह कंटेंट बेहद आपत्तिजनक और परेशान करने वाला है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को, खासकर एक महिला को, इस तरह उसकी जानकारी और सहमति के बिना गलत तरीके से पेश नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर पर उसकी निजता के अधिकार पर हमला है।
कोर्ट के सामने रखे गए दस्तावेजों में शिल्पा शेट्टी ने कई ऐसे उदाहरण पेश किए, जिनमें उन्हें आपत्तिजनक और अस्वीकार्य रूप में दिखाया गया था। न्यायालय ने माना कि ऐसे कंटेंट से एक जानी-मानी अभिनेत्री की छवि खराब हो सकती है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल
अभिनेत्री की ओर से यह भी कहा गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल कर उनकी आवाज और हाव-भाव तक की नकल की गई। इतना ही नहीं, उनकी तस्वीरों के जरिए किताबें और दूसरे सामान तक तैयार किए गए। यह सब कुछ उनकी अनुमति के बिना किया गया, जो कानूनन गलत है।
तुरंत हटाने का आदेश
हाई कोर्ट ने न्याय के हित में सभी संबंधित वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया कि वे ऐसे सभी यूआरएल और कंटेंट को तुरंत हटाएं। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी मशहूर व्यक्ति की पहचान का इस तरह दुरुपयोग न सिर्फ गलत है, बल्कि खतरनाक भी है।
सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं शिल्पा
शिल्पा शेट्टी फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। ऐसे में इस तरह का फर्जी और बदला हुआ कंटेंट उनके मान-सम्मान और करियर दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। कोर्ट ने माना कि इंटरनेट पर ऐसे लिंक बने रहना उनकी छवि को धूमिल कर सकता है। यह फैसला न सिर्फ शिल्पा शेट्टी के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए अहम माना जा रहा है जो एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल का शिकार बन रहे हैं। अदालत का यह रुख साफ संदेश देता है कि तकनीक के नाम पर किसी की निजता और पहचान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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क्या है पूरा मामला?
यह मामला तब सामने आया जब शिल्पा शेट्टी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और अपनी पर्सनैलिटी राइट्स यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग की। अभिनेत्री ने शिकायत की कि उनकी बिना अनुमति एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी तस्वीरें, वीडियो और यहां तक कि उनकी आवाज की नकल तक की गई। इन बदली हुई तस्वीरों और कंटेंट को इंटरनेट पर फैलाया गया, जिससे उनकी छवि और सम्मान को नुकसान पहुंचा।
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कोर्ट ने क्या कहा?
न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की अध्यक्षता वाली अवकाश पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि पहली नजर में ही यह कंटेंट बेहद आपत्तिजनक और परेशान करने वाला है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी भी व्यक्ति को, खासकर एक महिला को, इस तरह उसकी जानकारी और सहमति के बिना गलत तरीके से पेश नहीं किया जा सकता। यह सीधे तौर पर उसकी निजता के अधिकार पर हमला है।
कोर्ट के सामने रखे गए दस्तावेजों में शिल्पा शेट्टी ने कई ऐसे उदाहरण पेश किए, जिनमें उन्हें आपत्तिजनक और अस्वीकार्य रूप में दिखाया गया था। न्यायालय ने माना कि ऐसे कंटेंट से एक जानी-मानी अभिनेत्री की छवि खराब हो सकती है और इसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल
अभिनेत्री की ओर से यह भी कहा गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल कर उनकी आवाज और हाव-भाव तक की नकल की गई। इतना ही नहीं, उनकी तस्वीरों के जरिए किताबें और दूसरे सामान तक तैयार किए गए। यह सब कुछ उनकी अनुमति के बिना किया गया, जो कानूनन गलत है।
तुरंत हटाने का आदेश
हाई कोर्ट ने न्याय के हित में सभी संबंधित वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश दिया कि वे ऐसे सभी यूआरएल और कंटेंट को तुरंत हटाएं। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी मशहूर व्यक्ति की पहचान का इस तरह दुरुपयोग न सिर्फ गलत है, बल्कि खतरनाक भी है।
सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं शिल्पा
शिल्पा शेट्टी फिल्मों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है। ऐसे में इस तरह का फर्जी और बदला हुआ कंटेंट उनके मान-सम्मान और करियर दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। कोर्ट ने माना कि इंटरनेट पर ऐसे लिंक बने रहना उनकी छवि को धूमिल कर सकता है। यह फैसला न सिर्फ शिल्पा शेट्टी के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए अहम माना जा रहा है जो एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल का शिकार बन रहे हैं। अदालत का यह रुख साफ संदेश देता है कि तकनीक के नाम पर किसी की निजता और पहचान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।