शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को मिली जमानत, बिटकॉइन स्कैम केस से जुड़ा है मामला
Raj Kundra Bitcoin Scam Case: शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने राहत की सांस ली है। उन्हें एक बिटकॉइन स्कैम केस में जमानत मिल गई।
विस्तार
बिजनेसमैन राज कुंद्रा को मुंबई की एक कोर्ट ने बिटकॉइन स्कैम केस में जमानत दे दी। जमानत के बाद राज कुंद्रा को काफी खुश देख गया। जमानत मिलने के बाद राज ने मीडिया से बातचीत नहीं। वह अपने वकील के साथ आगे बढ़ गए।
बिटकॉइन स्कैम मामले में पहले जारी हुआ था समन
एएनआई के मुताबिक राज कुंद्रा को शुक्रवार को मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने बिटकॉइन स्कैम से जुड़े कथित मामले में बेल दी है। शुक्रवार को राज कुंद्रा को इस मामले के लिए कोर्ट में देखा गया। राज कुंद्रा पर धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act) के तहत एक केस दर्ज हुआ था। पहले स्पेशल कोर्ट ने मौजूदा सबूतों को देखते हुए कहा था कि राज कुंद्रा पर कार्रवाई की जा सकती है। इसी मामले में उनके खिलाफ एक समन भी जारी किया गया था। यह मामला बिटकॉइन स्कैम से जुड़ा है।
#UPDATE | Businessman Raj Kundra granted bail by the PMLA Court in Mumbai in the Bitcoin scam case. https://t.co/ymV0MF0tfu
— ANI (@ANI) February 20, 2026
राज कुंद्रा के वकील ने कोर्ट में क्या दलील दी?
स्पेशल कोर्ट (PMLA) के जज आर बी रोटे ने जनवरी माह में इस मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। इसके बाद राज कुंद्रा को समन जारी किया था। राज कुंद्रा कोर्ट में पेश हुए और बेल की अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने मान लिया।
राज कुंद्रा के वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि उनके क्लाइंट ने 2021 से ईडी की जांच में पूरा सहयोग किया है। वकील ने कहा कि इस मामले से जुड़े सभी डॉक्यूमेंट्स पहले से ही जांच एजेंसी के पास थे। ऐसे में राजकुंद्रा को कस्टडी में रखने की जरूरत नहीं थी।
ईडी ने राजकुंद्रा पर लगाए गंभीर आरोप
केंद्रीय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि राज कुंद्रा ने यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फर्म बनाने के लिए गेन बिटकॉइन पोंजी स्कैम के कथित मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज से 285 बिटकॉइन लिए थे। ईडी ने दावा किया कि डील पूरी नहीं हुई। ऐसे में राज कुंद्रा के पास अभी भी 285 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत अभी 150 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
चार्जशीट के मुताबिक राज कुंद्रा ने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ एक मीडिएटर के तौर पर काम किया। जबकि उनके और अमित भारद्वाज के पिता महेंद्र भारद्वाज के बीच टर्म शीट नाम का एक एग्रीमेंट साइन किया गया था, इसलिए राज कुंद्रा का सिर्फ एक मीडिएटर होने का दावा सही नहीं था।
ईडी ने कहा कि राज कुंद्रा को ट्रांजैक्शन के सात साल बाद पांच खास हिस्सों में मिले बिटकॉइन की सही संख्या याद है। इससे पता चलता है कि वह असल में एक बेनिफिशियल ओनर के तौर पर बिटकॉइन पाने वाले थे, न कि सिर्फ उन्होंने एक मीडिएटर के तौर पर काम किया था।
सबूत मिटाने की कोशिश की गई
ईडी का यह भी कहना है कि 2018 से कई मौके मिलने के बावजूद राज कुंद्रा उन वॉलेट एड्रेस को बताने में नाकाम रहे, जहां 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे। जबकि राज का कहना था कि उनका आईफोन एक्स खराब हुआ, इसमें बिटकॉइन की जानकारी उपलब्ध थी। लेकिन ईडी का कहना है कि राज कुंद्रा ने सबूत मिटाने की कोशिश थी।