'धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी को साइडलाइन किया गया', शोभा डे का दावा; बोलीं- उनके लिए दर्दनाक रहा होगा
Hema Malini Sidelined: धर्मेंद्र ने 24 नवंबर 2025 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन के बाद लेखिका और स्तंभकार शोभा डे ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके पहले परिवार ने हेमा मालिनी को पूरी तरह दरकिनार कर दिया।
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धर्मेंद्र अब इस दुनिया में नहीं हैं। 24 नवंबर को 89 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। दिग्गज अभिनेता के निधन के बाद उनके पहले परिवार यानी पत्नी प्रकाश कौर, बेटे सनी देओल और बॉबी देओल ने 27 नवंबर को प्रेयर मीट रखी थी। वहीं, उसी दिन हेमा मालिनी ने अलग प्रेयर मीट अपने आवास पर रखी थी। इसके बाद हेमा मालिनी ने दिल्ली में भी प्रार्थना सभा आयोजित की। बॉलीवुड के ही-मैन के निधन के बाद हाल ही में राइटर शोभा डे ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के निधन के बाद हेमा मालिनी को एक्टर के पहले परिवार ने साइडलाइन कर दिया है।
'हेमा मालिनी ने पूरी स्थिति को गरिमा के साथ संभाला'
शोभा डे ने हाल ही में 'द मोजो स्टोरी' से बातचीत में कई हैरान करने वाले दावे किए। शोभा डे ने बताया कि धर्मेंद्र के परिवार ने हेमा मालिनी को नंजरअंदाज किया। शोभा डे ने कहा कि यही वजह थी कि वह (हेमा) धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में मौजूद नहीं थीं, जिसे उनकी पहली पत्नी प्रकाश कौर और बेटों सनी देओल और बॉबी देओल ने आयोजित किया था। राइटर ने आगे कहा, 'हेमा मालिनी चाहतीं तो उन इमोशनल पलों को हाईजैक कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने पूरी स्थिति को बहुत गरिमा के साथ संभाला'।
कहा- 'हेमा मालिनी के लिए आसान नहीं रहा होगा'
शोभा डे ने दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र के परिवारिक रिश्तों के बारे में खुलकर बात की। इसी दौरान उन्होंने दावा किया कि हेमा मालिनी को प्रकाश कौर (धर्मेंद्र की पहली पत्नी) के परिवार ने अलग-थलग कर दिया था। उन्होंने कहा, 'यह हेमा मालिनी के लिए बहुत मुश्किल रहा होगा। उन्होंने अपने जीवन के 45 वर्ष धर्मेंद्र के साथ साझा किए। उन्होंने उनकी जिंदगी को बेहतर बनाया था। इस शादी से उनकी दो बेटियां (एशा देओल और आहना) हैं। फिर पहले परिवार द्वारा अलग-थलग किया जाना आसान नहीं रहा होगा। इससे उन्हें बहुत दुख हुआ होगा, लेकिन उन्होंने यह सब बहुत प्राइवेट रखा। उन्होंने जिस तरह से भी इसे संभाला'।
'उनकी हर सिसकी और आंसू में दखल दी जाती, लेकिन...'
शोभा डे ने आगे कहा, 'हेमा मालिनी जब भी सार्वजनिक फंक्शन में दिखीं, मुझे लगा कि उन्होंने इसे पूरी गरिमा के साथ संभाला। न सिर्फ अपने लिए, बल्कि उस इंसान के लिए भी जिसे उन्होंने खो दिया था'। शोभा ने कहा, 'यह देखते हुए कि हेमा खुद एक बहुत बड़ी शख्सियत हैं, बावजूद इसके उन्होंने दूसरों से आगे निकलने की कोशिश करने के बजाय गरिमा को चुना। मुझे लगता है कि यह उनके व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ कहता है। वह बहुत आसानी से धरम जी के गुजरने के तुरंत बाद उन इमोशनल पलों को हाईजैक कर सकती थीं। एक तरह से यह कहना अच्छा शब्द नहीं है, लेकिन वे ऐसा कर सकती थीं। मीडिया उनके हर आंसू और हर सिसकी को कवर करता। उनकी प्राइवेसी में दखल दी जाती, मगर उन्होंने गरिमा को चुना, क्योंकि उनके लिए वह बहुत मायने रखती है'।

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