{"_id":"598810e94f1c1bca258b4739","slug":"shweta-nanda-become-emotional-on-raksha-bandhan-shares-abhishek-wish-on-column","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिषेक के बारे में श्वेता ने खोले ऐसे राज, आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
अभिषेक के बारे में श्वेता ने खोले ऐसे राज, आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे
amarujala.com- Presented by: शिप्रा सक्सेना
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:53 PM IST
विज्ञापन
श्वेता नंदा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएनए के कॉलम में श्वेता ने लिखा है कि छोटे होते हुए अभिषेक की ये तमन्ना थी कि उनका एक छोटा भाई जरूर हो। तभी जब भी उनकी पलक का कोई बाल टूटता था तो वे आंखें बंदकर के उसे फूंक से उड़ाकर यही विश करते थे कि उनका एक छोटा भाई इस दुनिया में आ जाए। श्वेता यूं तो अपने भाई से दो साल बड़ी हैं और अभिषेक की तुलना में रिजर्व नेचर की हैं। यही वजह है कि वह अभिषेक से ज्यादा झगड़ा नहीं कर पाती थीं जिसके चलते अभिषेक ने उनको ऐसे बिहेव किया जैसे वो छोटी बहन हों।
एक सुबह मैं सूजी और बंद आंखों के साथ उठी। बेहद दर्द भी था। सब धुंधला दिख रहा था। मेरे सामने अंधेरा छा रहा था सबकुछ घूम रहा था। मेरे बच्चे मुझे बता रहे थे मेरी आंखें कैसी दिख रही हैं। बारिश हो रही थी, मेरी कारपेट इस बारिश में भीग रही थी।
पढ़ें - 'जब हैरी मेट सेजल' देख परेशान हुआ दर्शक, सुषमा स्वराज से कहा- 'प्लीज मुझे बचा लो'
विज्ञापन
तभी मेरे अभिषेक ने मुझे एक लिंक भेजा। लिंक खोला तो देखा इस आर्टिकल में वैज्ञानिक ढंग से प्रूफ किया गया था मां-बाप अपने बड़े बच्चे को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। आगे अभिषेक का कमेंट था, ये रिसर्च जिसने भी की होगी वह जरूर घर का छोटा बच्चा नहीं होगा!
कुछ देर बाद उसने हमारे फैमिली चैट ग्रुप में हमारे परिवार की एक पुरानी फोटो शेयर की। लेकिन जैसा कि उसे करना ही था एक कमेंट के साथ, उसने लिखा बेहतरीन मूंछे, श्वेता दी। मेरे बच्चे इस फोटो को देखकर उछल पड़े। न जाने कितने रोते हुए इमोजीस बच्चों ने शेयर कर डाले।
फ्रैंकली, अभिषेक जैसे-जैसे बड़ा हो रहा था, बेहद एनर्जेटिक और चार्मिंग होता जा रहा था, जबकि मैं शर्मीली और शांत। मुझे उसके पीछे रहना अच्छा लगता था। वो शरारतें करता, और मैं उसके साथ।
कुछ घंटों बाद उसने एक और फोटो भेजी। ये फोटो 'कैरो म्यूजिम' में लगे मेरे पिता के स्टेचू की थी, पापा के स्टेचू के सामने मैं खड़ी थी, अपनी गर्दन में दो कैमरे टांगे। दो कैमरों के बोझ से मेरी गर्दन झुकी थी। अभिषेक दूर खड़ा था बेहद शरारती मुस्कान के साथ। वो मुझे चिढ़ा रहा था कि उसने एक भी कैमरा नहीं लिया है।
मुझे याद है एक बार उसने शरारत करते हुए हमारी कार को स्टार्ट कर दिया था, हम थोड़ा जोखिम में पड़ गए थे। बस फिर क्या था, उसकी इस हरकत ने मुझे हथियार दे दिया। वो जब भी मुझे परेशान करता मैं उसे इशारों में बता देती कि मैं मां-पापा को तुम्हारी वो हरकत के बारे में बता दूंगी।
इस साल मेरे बर्थडे में अभिषेक मेरे लिए येजीज बूट की तरह के जूते लेकर आया। आप यकीन नहीं करेंगे उसने मुझसे क्या कहा, अभिषेक ने कहा, दी 'तुम इसे खुले लेसेस के साथ पहनना। कूल दिखोगी।'
विज्ञापन
एक सुबह मैं सूजी और बंद आंखों के साथ उठी। बेहद दर्द भी था। सब धुंधला दिख रहा था। मेरे सामने अंधेरा छा रहा था सबकुछ घूम रहा था। मेरे बच्चे मुझे बता रहे थे मेरी आंखें कैसी दिख रही हैं। बारिश हो रही थी, मेरी कारपेट इस बारिश में भीग रही थी।
विज्ञापन
पढ़ें - 'जब हैरी मेट सेजल' देख परेशान हुआ दर्शक, सुषमा स्वराज से कहा- 'प्लीज मुझे बचा लो'
विज्ञापन
तभी मेरे अभिषेक ने मुझे एक लिंक भेजा। लिंक खोला तो देखा इस आर्टिकल में वैज्ञानिक ढंग से प्रूफ किया गया था मां-बाप अपने बड़े बच्चे को सबसे ज्यादा प्यार करते हैं। आगे अभिषेक का कमेंट था, ये रिसर्च जिसने भी की होगी वह जरूर घर का छोटा बच्चा नहीं होगा!
कुछ देर बाद उसने हमारे फैमिली चैट ग्रुप में हमारे परिवार की एक पुरानी फोटो शेयर की। लेकिन जैसा कि उसे करना ही था एक कमेंट के साथ, उसने लिखा बेहतरीन मूंछे, श्वेता दी। मेरे बच्चे इस फोटो को देखकर उछल पड़े। न जाने कितने रोते हुए इमोजीस बच्चों ने शेयर कर डाले।
फ्रैंकली, अभिषेक जैसे-जैसे बड़ा हो रहा था, बेहद एनर्जेटिक और चार्मिंग होता जा रहा था, जबकि मैं शर्मीली और शांत। मुझे उसके पीछे रहना अच्छा लगता था। वो शरारतें करता, और मैं उसके साथ।
कुछ घंटों बाद उसने एक और फोटो भेजी। ये फोटो 'कैरो म्यूजिम' में लगे मेरे पिता के स्टेचू की थी, पापा के स्टेचू के सामने मैं खड़ी थी, अपनी गर्दन में दो कैमरे टांगे। दो कैमरों के बोझ से मेरी गर्दन झुकी थी। अभिषेक दूर खड़ा था बेहद शरारती मुस्कान के साथ। वो मुझे चिढ़ा रहा था कि उसने एक भी कैमरा नहीं लिया है।
मुझे याद है एक बार उसने शरारत करते हुए हमारी कार को स्टार्ट कर दिया था, हम थोड़ा जोखिम में पड़ गए थे। बस फिर क्या था, उसकी इस हरकत ने मुझे हथियार दे दिया। वो जब भी मुझे परेशान करता मैं उसे इशारों में बता देती कि मैं मां-पापा को तुम्हारी वो हरकत के बारे में बता दूंगी।
इस साल मेरे बर्थडे में अभिषेक मेरे लिए येजीज बूट की तरह के जूते लेकर आया। आप यकीन नहीं करेंगे उसने मुझसे क्या कहा, अभिषेक ने कहा, दी 'तुम इसे खुले लेसेस के साथ पहनना। कूल दिखोगी।'