क्योंं शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन के साथ काम नहीं करना चाहता ये प्रोड्यूसर? कहा- ‘मुझे कोई दिलचस्पी नहीं’
बॉलीवुड स्टार्स शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े एक्टर्स में से एक है, लेकिन एक स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर है, जो उनके साथ काम नहीं करना चाहते। जानिए कौन है वो…
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एक्टर शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन दुनिया के बड़े नामों में शामिल हैं। हर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर उनके साथ फिल्म करना चाहता है। लेकिन एक प्रोड्यूसर का कहना है कि उन्हें इनके साथ काम करने की कोई इच्छा नहीं है।
मेरी कोई दिलचस्पी नहीं
बाकी प्रोड्यूसर और राइटर की तरह ‘पाताललोक’ और ‘कोहरा’ जैसे प्रोजेक्ट्स के क्रिएटर सुदीप शर्मा का विचार थोड़ा अलग है। हाल ही में डिजिटल कमेंट्री के साथ एक इंटरव्यू में सुदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमिताभ बच्चन या शाहरुख खान के साथ काम करने का उनका कोई सपना है, तो सुदीप ने कहा, ‘नहीं, मेरी कभी ऐसी ख्वाइश नहीं रही। इसीलिए मैंने कभी ऐसा काम करने की कोशिश भी नहीं की। मैं कभी यहां किसी विशेष स्टार के साथ काम करने नहीं आया। मैं यहां अपनी कहानी सुनाने आया हूं, वो कहानी जो मैं हमेशा से सुनाना चाहता था। ऐसी फिल्में बनाने, जो मैंने कभी देखी थी और जिनसे प्यार किया था। स्टार्स के साथ काम करना कभी मेरी दिलचस्पी नहीं रही। वास्तव में अगर ऐसा मौका मिलता भी है, तो मैं थोड़ा घबरा जाऊंगा, क्योंकि ये बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी।’
एक स्टार अपनी एक तय इमेज लेकर आता है
उन्होंने आगे कहा, ‘देखिए, एक स्टार अपनी एक तय इमेज लेकर आता है। फिर उसी इमेज के हिसाब से फिल्म की कहानी और किरदार गढ़ने पड़ते हैं। मुझे ये तरीका नहीं आता। मैं तो बस एक सच्चा और मजबूत किरदार लिखना चाहता हूं। जो भी कलाकार उसे निभाए, वो उसमें पूरी तरह डूब जाए। मैं ये सोचकर कहानी नहीं लिखना चाहता कि फैंस कैसे रिएक्ट करेंगे या स्टारडम का उस पर क्या असर होगा। कई बार फिल्म से ज्यादा चर्चा इन बातों पर होने लगती है, और मुझे उसमें बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है।’
कौन हैं सुदीप शर्मा?
सुदीप ने बतौर फीचर स्क्रीनराइटर अपने करियर की शुरुआत अनुष्का शर्मा स्टारर ‘एनएच10’ से की थी। यह फिल्म रियल लाइफ ऑनर किलिंग की घटनाओं से प्रेरित थी और अपने डार्क और रियलिस्टिक अंदाज के लिए खूब सराही गई। इसके बाद उन्होंने ‘उड़ता पंजाब’ और ‘सोनचिड़िया’ जैसी फिल्मों के लिए स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स लिखे। इन फिल्मों को क्रिटिक्स से जबरदस्त तारीफ मिली, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये उम्मीद के मुताबिक कमाल नहीं दिखा पाईं।