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Leslee Lewis: ‘गलती रीमेक में नहीं नीयत में होती है’, 26 साल बाद लौटे लेज्ली बोले- मैं कहीं गया ही नहीं था

Kiran Vinod Kumar Jain Kiran Vinod Kumar Jain
Updated Sat, 28 Feb 2026 04:56 PM IST
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सार

Leslee Lewis Interview: कई यादगार गाने देने वाले और दोस्ती को गानों की दुनिया में शामिल करने वाले संगीतकार लेज्ली लुईस वापस लौटे हैं। जानिए अपने कमबैक को लेकर संगीतकार ने क्या कुछ कहा...

Leslee Lewis Exclusive Interview Musician Returns After 26 Years He Talks About His Comeback KK And Hit Song
संगीतकार लेज्ली लुईस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

भारतीय पॉप संगीत को नई पहचान देने वाले संगीतकार लेज्ली लुईस, जिन्होंने कॉलोनियल कजिन्स के साथ इतिहास रचा। साथ ही यारों तथा दोस्ती जैसे सदाबहार गीत देकर एक पूरी पीढ़ी को सुर दिए। अब 26 साल बाद एक बार फिर बॉलीवुड की आवाज बनकर लौटे हैं। फिल्म ‘जोर’ का उनका नया गीत ‘जोर का धक्का’ आते ही लोगों ने इसे कमबैक कहना शुरू कर दिया है। हालांकि, लेज्ली ने साफ कहा कि वह कहीं गए ही नहीं थे। हाल ही में अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान सिंगर–कंपोजर ने न सिर्फ अपनी नई शुरुआत पर बात की, बल्कि पुराने दौर और आज के बदलते संगीत ट्रेंड के बीच की खाई को भी खुलकर सामने रखा।

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मैं कहीं नहीं गया था
सच कहूं तो मैं कभी भी संगीत से दूर गया ही नहीं। संगीत हमेशा मेरे साथ रहा और मैं उसके साथ। मेरी चाह बढ़ती गई, काम बढ़ता गया। गायक, मंच पर गाने वाला, संगीत बनाने वाला, गीत लिखने वाला संगीत ही मेरी दुनिया है। मैं कॉलोनियल कजिन्स के साथ दुनिया भर में शो करता रहा। ‘कृष्णा’, ‘सा नि धा पा’, ‘इंडियन रेन’, ‘काय झाला’ जैसे गाने भी बनते रहे और मंच भी।

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फिर मेरे पास ‘जोर का धक्का’ का प्रस्ताव आया। गीत सुना तो उसमें तेजी, ताकत और अलग अंदाज महसूस हुआ। फिल्म में बड़ा स्केल था और गाने में वही जोश। मैं समय के अंतर नहीं गिनता, मैं सिर्फ अपनी भावना की सुनता हूं।’

Leslee Lewis Exclusive Interview Musician Returns After 26 Years He Talks About His Comeback KK And Hit Song
लेज्ली लुईस - फोटो : इंस्टाग्राम-@lesleelewisofficial

आज का संगीत तेज, लेकिन जल्दी मिट जाता है
‘आज का संगीत तेज है, ज्यादा शोर वाला है और बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। हमारे समय में हम ऐसे गाने बनाते थे, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में रहते थे। कॉलोनियल कजिन्स ने जो मेल-मिलाप शुरू किया था, वह बाद में ट्रेंड बन गया। हम गानों को समय देते थे, उन्हें जल्दबाजी में नहीं डालते थे। ‘यारों’, ‘दोस्ती’, ‘पल’ जैसे गाने लोगों की जिंदगी का हिस्सा बने। यारों ने केके को पूरे देश में पहचान दिलाई। यह मेलोडी का दम था, किसी प्रचार का नहीं।

एल्टन जॉन के मैनेजर ने मुझे और हरिहरन को बताया था कि एल्टन जॉन हमारे संगीत को पसंद करते हैं। यह सब तब हुआ जब सोशल मीडिया नहीं था। आज किसी पंक्ति की उम्र दो घंटे, दो दिन या दो महीने होती है। लेकिन अच्छा संगीत कभी नहीं मरता।’

‘यारों’ और ‘दोस्ती’ पर केके की यादें आज भी ताजा
‘मेरी प्रेरणा हमेशा भावना, सरलता और सच्चाई रही है। ‘यारों’ को हमने कोई बड़ा एंथम बनाने के लिए नहीं बनाया था। वह सच्चा था, इसलिए लोगों के दिलों में बस गया। केके की आवाज बिल्कुल साफ और दिल से होती थी। उसमें कोई दिखावा नहीं था।

जब वह गाते थे, तो उनकी आवाज में एक मासूमियत होती थी। ऐसी सच्ची आवाज आज बहुत कम मिलती है। हम इतिहास बनाने नहीं बैठे थे। हम बस संगीत महसूस कर रहे थे। केके की वही सच्चाई ‘यारों’ में उतर गई।’

Leslee Lewis Exclusive Interview Musician Returns After 26 Years He Talks About His Comeback KK And Hit Song
लेज्ली लुईस - फोटो : इंस्टाग्राम-@lesleelewisofficial

वायरल गाने तरीका हैं, लेकिन पहचान प्रतिभा तय करती है
‘वायरल गाने एक तरीका हैं। असली नींव कलाकार की प्रतिभा है। तरीके चमकते हैं, लेकिन असली टैलेंट लंबे समय तक चलता है। लाइनें आती-जाती रहती हैं, लेकिन धुनें याद रहती हैं। कुछ कलाकार सिर्फ नंबरों के लिए गाते हैं। कुछ अपने सुनने वालों के लिए। कुछ अपनी पहचान और विरासत के लिए। सोशल मीडिया के नियम बदलते रहते हैं, लेकिन भावनाएं नहीं बदलतीं।’

यह खबर भी पढ़ेंः The Kerala Story 2 Review: पहले पार्ट से कितनी अलग है ‘द केरल स्टोरी 2’? कहां कमजाेर पड़ी फिल्म? पढ़ें रिव्यू

गलती रीमेक में नहीं, नीयत में होती है
रीमेक गलत नहीं होते, लेकिन नीयत गलत हो तो वह खराब लगते हैं। जब मैंने ‘राहुल एंड आई’ किया था, तो लोगों ने पूछा क्यों। जवाब था कि रचयिता को मुझ पर भरोसा था कि मैं मूल की आत्मा को नहीं बदलूंगा। आसानी के लिए बनाए गए रीमेक यादें मिटा देते हैं। सम्मान से बनाए गए रीमेक यादों को जिंदा रखते हैं। दिक्कत तब होती है जब असली गायकों के नाम हटा दिए जाते हैं। इतिहास इसलिए नहीं खोता कि संगीत आगे बढ़ गया, इतिहास तब खोता है जब उसे हटाया जाता है। अच्छा रीमेक पुराने को सलाम भी करता है और नए समय से बात भी करता है।’

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