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M M Keeravani: पहली ही फिल्म नहीं हुई रिलीज; फिर भी तय किया ऑस्कर तक का सफर, बॉलीवुड में भी छाए महान संगीतकार
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: हिमांशु सोनी
Updated Fri, 04 Jul 2025 07:00 AM IST
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सार
M M Keeravani Birthday: महान संगीतकार एमएम कीरवानी आज अपना 64वां जन्मदिन मना रहे हैं। फिल्म 'आरआरआर' के नाटू नाटू गाने के लिए ऑस्कर जीतने वाले गीतकार के लिए सफर आसान नहीं था। आइए नजर डालते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ बातों पर।
एम एम कीरवानी
- फोटो : एक्स
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विस्तार
'बाहुबली' और 'आरआरआर' जैसी फिल्मों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना चुके महान संगीतकार एम एम कीरवानी आज 64 वर्ष के हो गए हैं। उनका संगीत सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि एक अहसास है जो वर्षों से श्रोताओं के दिलों को छूता आ रहा है। दक्षिण भारत से लेकर हिंदी बेल्ट तक, कीरवानी ने अपनी धुनों से एक संगीतमय सफर तय किया, जो अब ऑस्कर और गोल्डन ग्लोब जैसे अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों तक पहुंच चुका है।
बचपन से संगीत से नाता
एम एम कीरवानी का जन्म आंध्र प्रदेश के कोव्वुर में हुआ था। संगीत से उनका रिश्ता बहुत ही कम उम्र में जुड़ गया था। चार साल की उम्र में ही वायलिन सीखना शुरू कर दिया था। यहीं से उन्होंने तय कर लिया था कि अपने जीवन को वो सुरों के साथ ही जिएंगे।
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बचपन से संगीत से नाता
एम एम कीरवानी का जन्म आंध्र प्रदेश के कोव्वुर में हुआ था। संगीत से उनका रिश्ता बहुत ही कम उम्र में जुड़ गया था। चार साल की उम्र में ही वायलिन सीखना शुरू कर दिया था। यहीं से उन्होंने तय कर लिया था कि अपने जीवन को वो सुरों के साथ ही जिएंगे।
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एम एम कीरवानी
- फोटो : एक्स
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संगीत निर्देशन की शुरुआत
संगीत की बारीकियों को उन्होंने मलयालम संगीत निर्देशक सी राजामणि और तेलुगु म्यूजिक डायरेक्टर के चक्रवर्ती से सीखा। 1987 में उन्होंने सहायक संगीत निर्देशक के रूप में करियर की शुरुआत की। हालांकि स्वतंत्र संगीतकार के रूप में उन्हें पहला बड़ा मौका फिल्म ‘कल्कि’ से मिला, लेकिन दुर्भाग्यवश वो फिल्म कभी रिलीज नहीं हुई। उनकी किस्मत तब बदली जब राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘क्षण क्षणम’ (1991) आई। फिल्म के गानों ने उन्हें रातोंरात दक्षिण भारत का चर्चित संगीतकार बना दिया।
हिंदी सिनेमा में भी छोड़ी छाप
एम एम कीरवानी का बॉलीवुड डेब्यू हुआ फिल्म क्रिमिनल (1994) से। इसके बाद उन्होंने जख्म, साया, इस रात की सुबह नहीं, सुर, जिस्म, पहेली जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया। ‘गली में आज चांद निकला’, ‘जादू है नशा है’ और ‘आवारापन बंजारापन’ जैसे सुपरहिट गानों ने हिंदी ऑडियंस को भी उनका दीवाना बना दिया।
ये खबर भी पढ़ें: Michael Madsen: 'किल बिल' और 'रिजर्वायर डॉग्स' के अभिनेता का निधन, मैनेजर ने बताई मौत की वजह
संगीत निर्देशन की शुरुआत
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हिंदी सिनेमा में भी छोड़ी छाप
एम एम कीरवानी का बॉलीवुड डेब्यू हुआ फिल्म क्रिमिनल (1994) से। इसके बाद उन्होंने जख्म, साया, इस रात की सुबह नहीं, सुर, जिस्म, पहेली जैसी फिल्मों में भी संगीत दिया। ‘गली में आज चांद निकला’, ‘जादू है नशा है’ और ‘आवारापन बंजारापन’ जैसे सुपरहिट गानों ने हिंदी ऑडियंस को भी उनका दीवाना बना दिया।
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एम एम कीरवानी
- फोटो : एक्स
‘नाटू नाटू’ से किया भारत को गौरवान्वित
2023 में एस एस राजामौली की फिल्म आरआरआर का गाना ‘नाटू नाटू’ इतिहास रच गया। कीरवानी द्वारा संगीतबद्ध इस गाने ने ऑस्कर में बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया। इसके पहले ये गाना गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड भी जीत चुका था।
एम एम कीरवानी को मिल चुके कई अवॉर्ड्स
एम एम कीरवानी को उनके करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें 1 ऑस्कर अवॉर्ड, 1 गोल्डन ग्लोब, 2 नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 11 नंदी अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड, 1 LAFCA अवॉर्ड,1 क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड मिल चुका है।
ये खबर भी पढ़ें: Anshula: मां-बाप के तलाक के लिए खुद को जिम्मेदार मानती थीं अंशुला कपूर, कहा- 'जान्हवी के पैदा होने के बाद...'
2023 में एस एस राजामौली की फिल्म आरआरआर का गाना ‘नाटू नाटू’ इतिहास रच गया। कीरवानी द्वारा संगीतबद्ध इस गाने ने ऑस्कर में बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड जीतकर भारत का नाम रोशन किया। इसके पहले ये गाना गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड भी जीत चुका था।
एम एम कीरवानी को मिल चुके कई अवॉर्ड्स
एम एम कीरवानी को उनके करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें 1 ऑस्कर अवॉर्ड, 1 गोल्डन ग्लोब, 2 नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 11 नंदी अवॉर्ड, 8 फिल्मफेयर अवॉर्ड, 1 LAFCA अवॉर्ड,1 क्रिटिक्स चॉइस मूवी अवॉर्ड मिल चुका है।
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एम एम कीरवानी
- फोटो : एक्स
भारत सरकार से पद्म श्री सम्मान
एम एम कीरवानी को 25 जनवरी 2023 को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था। इस सम्मान को उन्हें 5 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा रक्षा भवन, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में दिया गया। ये पुरस्कार उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके अहम योगदान के लिए दिया गया।
जब नाम बदलना पड़ा था जान बचाने के लिए
एम एम कीरवानी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है उनके नाम बदलने की कहानी। जब उनकी पत्नी गर्भवती थीं, तो एक ज्योतिषाचार्य ने उन्हें अकाल मृत्यु की आशंका बताई। उपाय बताया गया कि वो डेढ़ साल तक अपने परिवार से दूर रहें और नाम बदल लें। उन्होंने गुरु के निर्देशों पर अमल करते हुए एम एम करीम नाम से काम करना शुरू किया।
एम एम कीरवानी को 25 जनवरी 2023 को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री अवॉर्ड के लिए नामित किया गया था। इस सम्मान को उन्हें 5 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा रक्षा भवन, राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में दिया गया। ये पुरस्कार उन्हें भारतीय सिनेमा में उनके अहम योगदान के लिए दिया गया।
जब नाम बदलना पड़ा था जान बचाने के लिए
एम एम कीरवानी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा है उनके नाम बदलने की कहानी। जब उनकी पत्नी गर्भवती थीं, तो एक ज्योतिषाचार्य ने उन्हें अकाल मृत्यु की आशंका बताई। उपाय बताया गया कि वो डेढ़ साल तक अपने परिवार से दूर रहें और नाम बदल लें। उन्होंने गुरु के निर्देशों पर अमल करते हुए एम एम करीम नाम से काम करना शुरू किया।