Bhool Bhulaiyaa 3 Review: माधुरी दीक्षित और विद्या बालन की जोड़ी का चला जादू, कार्तिक की अमावस पर दमकी दिवाली
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दिवाली के मौके पर रिलीज हुई फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ असल में भैया दूज वाली फिल्म है। सौतेले भाई, बहनों की साजिश से शुरू होने वाली कहानी आज के जमाने में खून के रिश्तों से ज्यादा सहृदयता के रिश्तों की महत्ता समझाती है। दो बेटियों के पिता को बेटे की चाहत अपने ही महल की नौकरानी के पास लाती है। सौतेले भाई को बहनों का प्यार नहीं मिलता लेकिन उसे दोनों बहनों में ही अपनी दुनिया दिखती है। और, फिर होता है एक खुलासा जिसके चारों तरफ की भूल भुलैया निर्देशक अनीस बज्मी की फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ का मायाजाल बनता है। फिल्म का विस्तार शुरू में थोड़ा बोरिंग है, लेकिन उससे निकलने के बाद फिल्म में खूब मनोरंजन है।
नेटफ्लिक्स का 'टुडुम'
निर्देशक प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूल भुलैया’ की रिलीज के 17 साल बाद इस कहानी के दो किरदार मंजुलिका और छोटा पंडित लोगों को याद रह गए तो इसमें इन्हें निभाने वाली अभिनेत्री विद्या बालन और अभिनेता राजपाल यादव की अपनी मेहनत का बहुत बड़ा योगदान है। ‘भूल भुलैया 2’ में रूह बाबा बनकर बड़े सितारों की बड़ी लीग में शामिल हुए कार्तिक आर्यन की उसके बाद कोई फिल्म धमाल नहीं मचा सकी। अब फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ में उन्हें माधुरी के मोहक रूप ने बचाया है। विद्या बालन की चपलता उनके काम आई है। और, अनीस बज्मी के निर्देशन में बनी इस फिल्म के क्लाइमेक्स ने मंजुलिका का सीधे नेटफ्लिक्स की अंतर्राष्ट्रीय नीतियों से ‘टुडुम’ करा दिया है।
कौन है मंजुलिका?
मंजुलिका कौन है? इसी सवाल पर फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ भी नाचती रहती है। आकाश कौशिक के साथ मिलकर अनीस बज्मी पहले एक घंटे दर्शकों को वाकई भूल भुलैया घुमाते हैं। कार्तिक आर्यन से अक्षय कुमार जैसी एक्टिंग कराते हैं। और, तृप्ति डिमरी का चढ़ा हुआ पेट छिपाने के लिए उन्हें अजीबो गरीब कपड़े भी पहनाते हैं। दर्शक खीझने लगते हैं कि ये क्या ही कर रहे हैं कार्तिक आर्यन और अनीस बज्मी? लेकिन, ये एक चाल है इस फिल्म की, जिसमें दर्शक इंटरवल के ठीक पहले छपाक से जाकर गिरता है। ऊंची हील वाली सैंडल पहने माधुरी दीक्षित के कदम जैसे ही परदे पर पड़ते हैं, फिल्म का माहौल, कहानी और इसका ट्रीटमेंट सब बदल जाता है। जिन लोगों ने पहले की दोनों फिल्में देख रखी हैं, वह मन ही मन गणना करने लगते हैं कि इस बार मंजुलिका कौन है? माधुरी दीक्षित या विद्या बालन?
कार्तिक की क्लाइमेक्स वाली कलाकारी
फिल्म ‘भूल भुलैया 3’ के बीच बीच में तृप्ति डिमरी जैसी ठुड्डी का सस्पेंस भी है लेकिन इसके खुलासे को शायद अनीस बज्मी ने ‘भूल भुलैया 4’ के लिए बचा लिया है। फिल्म में कॉमेडी भरपूर हो न हो लेकिन जगह जगह तंज बहुत सटीक हैं। कार्तिक आर्यन को अपनी ही फिल्म ‘शहजादा’ के नाम से भागते दिखाया गया है। भागती टी सीरीज भी रही है इस फिल्म के समय की जिम्मेदारियां पूरी करने से। छोटा पंडित बने राजपाल यादव का डिज्नी की सीरीज ‘मूनलाइट’ से प्रेरित ‘जवान’ अवतार बिल्कुल सही समय पर आता है। फिल्म के क्लाइमेक्स एक के बाद एक तीन हैं और हर क्लाइमेक्स में कहानी बिल्कुल अलग मोड़ पर निकल जाती है। दो सौ साल पहले एक रियासत के राजकुमार की मनोभावनाओं तक जब कहानी पहुंचती है, तो न सिर्फ कार्तिक आर्यन के साहस की तारीफ करने का मन करता है बल्कि यहां तक फिल्म को लाकर माधुरी दीक्षित और विद्या बालन ने जो पूरा समा बांधा है, उस पर भी तालियां बज ही जाती हैं।
माधुरी और विद्या ने संभाली फिल्म
दो सौ साल पहले और आज के समय को जोड़ती ये कहानी पुनर्जन्म की है। और, पुनर्जन्म की कहानियां हिंदी सिनेमा में अक्सर सफल ही होती रही हैं। अभिनय के मामले में ये फिल्म माधुरी और विद्या बालन की है। कार्तिक आर्यन को दोनों ने बहुत कमाल का सहारा दिया है। तृप्ति डिमरी को मिली शोहरत उनके खिलाफ काम करती दिख रही है। उनके अभिनय में अब मेहनत नहीं दिखती। संजय मिश्रा, अश्वनी कलेसकर, राजपाल यादव, राजेश शर्मा और विजय राज के किरदार अलग अंदाज की बंगाली बोलते अखरते तो हैं लेकिन किसी तरह काम चला ले जाते हैं। फिल्म में अरुण कुशवाह का काम खासतौर से नोटिस करने लायक है। रूह बाबा के असिस्टेंट बने अरुण ने लिलिपुट के टक्कर का अभिनय यहां किया है। संगीत अब भी प्रीतम का ही चला आ रहा है, ‘हरे राम, हरे कृष्णा’ और ‘अमि जे तोमार’दोनों कालजयी गीत बन चुके हैं।