‘नमक हराम’ के निर्देशक ने अमिताभ को सेट पर किया बंद, इस बात से थे नाराज
Amitabh Bachchan: अभिनेता रजा मुराद ने फिल्म ‘नमक हराम’ से जुड़ा एक दिलचस्प खुलासा किया। अभिनेता ने बताया कि निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना को सेट पर बंद कर दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने बहुत ही दिलचस्प घटना साझा की। उन्होंने बताया कि ‘नमक हराम’ के निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी ने सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना को सेट पर बंद कर दिया था। रजा मुराद, जो लगभग 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय कर चुके हैं, उन्होंने फिल्म ‘नमक हराम’ से ही शोहरत मिलनी शुरू हुई। आइए जानते हैं उन्होंने इस फिल्म से जुड़े किस्से में क्या बताया?
इस वजह से हुए थे गुस्सा
एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में दिग्गज अभिनेता ने फिल्म ‘नमक हराम’ से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि निर्देशक अभिनेताओं के फोन कॉल पर बात करने से निराश थे। इसलिए उन्होंने शूटिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए। अभिनेता ने बताया कि यह घटना तब हुई जब ‘सूनी रे सेजरिया’ की शूटिंग चल रही थी। रजा मुराद ने कहा, "एक मुजरा पिक्चराइज हो रहा था, जयश्री टी और हबीबा रहमान के साथ 'सूनी रे सेजरिया'। मैं उस स्टूडियो में था और जो दफ्तर था वो काफी दूर था, फासला काफी था। तो उन्हें एक कंबाइंड शॉट लगाया। जब उन्हें पता चला ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन दोनों ही फोन पर व्यस्त हैं तो वह नाराज हो गए और उन्होंने दोनों की क्लास लगाई।"
यह खबर भी पढ़ें: Vidyut Jammwal: कुणाल कामरा के समर्थन में आए विद्युत जामवाल, बोले- कोई कमाल आर खान से सवाल क्यों नहीं करता?
गेट बंद करवा दिया
रजा मुराद ने आगे साझा किया कि निर्देशक ने चौकीदार को अंदर बुलाकर गेट पर ताला लगवा दिया। निर्देशक ने कहा कि जब तक गाना खत्म नहीं हो जाता कोई बाहर नहीं जाएगा। 12.30 बजे तक गाना खत्म नहीं हुआ, ना कोई अंदर से बाहर गया और ना ही बाहर से अंदर आया।
यह खबर भी पढ़ें: Sikandar: ‘सिकंदर’ से पहले साउथ डायरेक्टर्स संग सलमान ने किया काम, जानिए क्या रहा बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों का हाल
ऋषिकेश मुखर्जी के बारे में
डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी ने भारतीय सिनेमा को कई यादगार फिल्में दीं। वह अपनी शर्तों पर काम करते थे, जिसके चलते कई स्टार्स को वह फटकार भी लगा देते थे। उन्होंने अभिमान, गुड्डी, गोलमाल, नमक हलाल, चुपके-चुपके और अनुपमा जैसी फिल्में दी हैं। उनके शानदार काम के लिए साल 2000 में दादा साहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 27 अगस्त 2006 को निर्देशक ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

कमेंट
कमेंट X