जेल में बंद कन्नड़ अभिनेता दर्शन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की जमानत याचिका; जांच में देरी का हवाला दिया
Renukaswamy Murder Case: अपने एक प्रशंसक रेणुकास्वामी की हत्या मामले के आरोपी कन्नड़ अभिनेता दर्शन जेल में बंद हैं। उन्होंने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
विस्तार
रेणुकास्वामी मर्डर केस में आरोपी नंबर 2 और जेल में बंद अभिनेता दर्शन ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। दर्शन ने सबूतों की जांच में हो रही देरी का हवाला देते हुए जमानत याचिका दायर की है। दर्शन ने जांच में देरी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में नई जमानत याचिका दाखिल की है।
दर्शन ने याचिका में क्या कहा?
यह याचिका 14 अप्रैल को दाखिल की गई। समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, दर्शन ने अपनी याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले निचली अदालत को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया था, लेकिन इसके बावजूद ट्रायल में देरी हो रही है और मामले के निपटारे में एक साल से अधिक समय लग सकता है। अब तक उन्होंने जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में पूरा सहयोग किया है।
कब होगी अगली सुनवाई?
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा दर्शन को दी गई जमानत रद्द कर दी थी। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद उन्हें पिछले साल 14 अगस्त को दोबारा गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वे बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में बंद हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द होने के बाद इस बार दर्शन ने सीधे सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस मामले पर अगले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है।
क्या है पूरा मामला?
दर्शन के प्रशंसक रेणुकास्वामी की 8 जून 2024 को बेंगलुरु में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। रेणुकास्वामी का चित्रदुर्ग स्थित उनके घर से अपहरण किया गया, फिर उन्हें बेंगलुरु लाकर एक शेड में रखा गया और कथित तौर पर प्रताड़ित कर मौत के घाट उतार दिया गया। हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया था। इस घटना का खुलासा तब हुआ, जब एक निजी अपार्टमेंट के सुरक्षा कर्मियों ने कुत्तों के झुंड को शव घसीटते देखा। मामले में बेंगलुरु पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल 3,991 पन्नों की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर सुपरस्टार दर्शन की करीबी पवित्रा गौड़ा को उनके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का प्रस्ताव दिया था।
कब हुई आरोपियों की गिरफ्तारी?
रेनुकास्वामी के अपहरण और हत्या के आरोप में दर्शन, पवित्रा गौड़ा समेत 17 लोगों को 11 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में बेंगलुरु सेंट्रल जेल में दर्शन को कथित ‘शाही सुविधाएं’ मिलने की तस्वीरें सामने आने के बाद उन्हें बल्लारी जेल भेजा गया था। इस मामले में उनके खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी।
