‘डकैत’ की रिलीज डेट टालने पर अदिवि शेष ने रखा अपना पक्ष, बोले- ‘धुरंधर 2' से डर नहीं, स्क्रीन का मामला था'
Dacoit Movie Actor Adivi Sesh Exclusive Interview: आज फिल्म ‘डकैत’ का ट्रेलर रिलीज हुआ। फिल्म में लीड रोल में अदिवि शेष हैं। अमर उजाला से खास बातचीत में अभिनेता ने अपनी अपकमिंग फिल्म और करियर को लेकर लंबी बातचीत की है।
विस्तार
पहले अदिवि शेष अभिनीत ‘डकैत’ फिल्म ‘धुरंधर 2’ के साथ रिलीज होने वाली थी। लेकिन इसकी रिलीज को आगे बढ़ा दिया गया। अब 10 अप्रैल को यह फिल्म रिलीज होने वाली है। फिल्म का ट्रेलर भी रिलीज हो चुका है, जिसमें मृणाल ठाकुर और अनुराग कश्यप जैसे कलाकार भी नजर आ रहे हैं। हाल ही में अदिवि शेष ने फिल्म ‘धुरंधर 2’ से टकराव, स्क्रीन की कमी के अलावा करियर से जुड़ी कई बातें अमर उजाला डिजिटल के साथ साझा की हैं। पढ़िए बातचीत के चुनिंदा अंश।
‘धुरंधर 2’ से कॉम्पिटिशन नहीं था
फिल्म ‘डकैत’ की रिलीज टलने के सवाल पर अदिवि शेष साफ कहते हैं, ‘जहां तक ‘धुरंधर 2’ की बात है, मेरे हिसाब से आर्टिस्ट और आर्ट के बीच कोई रेस नहीं होती है। आर्ट की दुनिया में कॉम्पिटिशन नहीं होता है। 19 मार्च की तारीख ‘डकैत’ के लिए बहुत जरूरी थी, खासकर हिंदी वर्जन के लिए। हमारे लिए जरूरी था कि फिल्म को अच्छा शो और स्क्रीन मिले। इसलिए यह डर का नहीं बल्कि स्क्रीन का फैसला था।’
वह आगे कहते हैं, ‘जब इंडिया की इतनी बड़ी फिल्म रिलीज होती है तो स्क्रीन मिलना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमने रिलीज को आगे बढ़ाया जिससे तेलुगु और हिंदी दोनों वर्जन को सही स्पेस और बेहतर शो मिल सकें। 'धुरंधर 2' मैंने देखी है और मुझे बहुत पसंद आई। इसमें कोई शक नहीं कि यह इंडिया की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है।’
साउथ और हिंदी सिनेमा के बीच फासला हुआ कम
साउथ सिनेमा से शुरुआत करने वाले अदिवि शेष अब हिंदी फिल्मों में भी सक्रिय हैं। इस बदलाव पर वह कहते हैं, ‘मुझे लगता है पहले जो दूरी थी, वो अब धीरे-धीरे कम हो रही है। जब लोग एक-दूसरे से कम बात करते हैं तो गैप बढ़ जाता है। लेकिन अब आना-जाना बहुत बढ़ गया है। हिंदी इंडस्ट्री के कई एक्टर्स हैदराबाद आते हैं और हम भी मुंबई-दिल्ली जाते रहते हैं। इस वजह से एक क्लोजनेस आ गई है। मुझे लगता है कि खासकर अगली जनरेशन शायद यह फर्क ही नहीं करेगी कि यह हिंदी फिल्म है या साउथ की है। सबको इंडियन फिल्म्स के तौर पर देखा जाएगा।’
एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए वह कहते हैं, ‘मैं हाल ही में दिल्ली में था, वहां एक टैक्सी ड्राइवर बता रहा था कि उसने मलयालम फिल्म हिंदी डबिंग में देखी। मेरा खुद का ड्राइवर हिंदी शोज देखता है। इससे साफ है कि जो दूरी पहले थी, वो अब कम हो रही है।’
खुद को फिल्म ‘मेजर’ के बाद नहीं दोहराया
बॉलीवुड से मिले ऑफर्स पर अदिवि शेष का जवाब काफी साफ है। वह कहते हैं, ‘मुझे ‘मेजर’ के बाद वॉर फिल्मों के काफी सारे ऑफर्स आए। लेकिन मुझे कहीं न कहीं लगा कि ‘मेजर’ में संदीप का रोल करने के बाद फिर से वही किरदार करना सही नहीं होगा। मैंने उनके पैरेंट्स से भी वादा किया था। साथ ही यह मेरे लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट था। उसके बाद अगर मैं बार-बार उसी तरह के रोल करता रहता, तो उसका असर कम हो जाता। यही वजह है कि मैंने ऐसे कई ऑफर्स ठुकरा दिए।’
अदिवि शेष आगे कहते हैं, ‘मेरे लिए यह जरूरी है कि जो भी काम करूं, उसमें कुछ खास हो। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता कि प्रोड्यूसर कौन है? डायरेक्टर कौन है? या कितने पैसे मिल रहे हैं? अगर वह चीज मुझे अंदर से टच नहीं करती, तो मैं उसे नहीं करता।’
बॉलीवुड एंट्री को लेकर साफ है नजरिया
बॉलीवुड में एंट्री को लेकर चल रही बहस पर अदिवि शेष कहते हैं, 'सच कहूं तो किसी भी इंडस्ट्री में एंट्री आसान नहीं होती। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड में भी जाकर देख लीजिए। संघर्ष हर जगह है। पूरे देश में गिने-चुने हीरो होते हैं, उनमें से भी बहुत कम ऐसे होते हैं जिनकी फिल्में सच में बिकती हैं।
मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि यहां तक पहुंच पाया। यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री की बात नहीं है। आप किसी भी फील्ड में चले जाइए। हर जगह कॉम्पिटिशन है, हर जगह स्ट्रगल है। यह कहना कि सिर्फ बॉलीवुड में एंट्री मुश्किल है, पूरी तरह सही नहीं है।'