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Fact Check: 2017 से इंटरनेट पर मौजूद वीडियो को इस्राइल-ईरान युद्ध का बताकर किया जा रहा शेयर

फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Mon, 02 Mar 2026 07:43 PM IST
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सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में धमाका होते हए नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि वीडियो ईरान-इस्राइल युद्ध के दौरान का है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो नौ साल पुराना निकला।   

Fact Check video from 2017 is being shared online as a war between Israel and Iran
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमलों उसके सैन्य अधिकारियों को मार गिराने के बाद से स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान भी जवाब में इस्राइल के प्रमुख शहरों और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर रहा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में आसमान की तरफ धुंए का गुबार उठता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ईरानी मिसाइलों ने इस्राइली न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच में सामने आया है कि यह वीडियो 2017 से इंटरनेट पर मौजूद है। विश्वसनीय स्रोतों से पता चला कि वीडियो यूक्रेन से संबंधित है। 

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क्या है दावा 

इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि ईरान की मिसाइलों ने इस्राइल में परमाणु फैसेलिटी को निशाना बनाया है। 

Jvnior (@Jvnior) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “ईरान की मिसाइलों से इस्राइली न्यूक्लियर पावर प्लांट तबाह। इस्राइल के रिएक्टर और न्यूक्लियर प्लांट पर फतह और खैबर मिसाइलों से हमला किया गया। रविवार, 1 मार्च, 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जवाबी हमलों के निशाने पर डिमोना न्यूक्लियर प्लांट (नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर) तबाह हो गया है। मिलिट्री और न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि इन प्लांट पर हाइपरसोनिक मिसाइलों के सीधे हमले से रेडियोएक्टिव मटीरियल लीक हो सकता है और इलाके में बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान हो सकता है।” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 


 

इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें टास्क और पर्पस नाम से एक वेबसाइट पर यह वीडियो देखने को मिला। यहां इस वीडियो से जुड़ी हुई एक रिपोर्ट 2017 में प्रकाशित मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि यूक्रेन के एमेच्योर वीडियो फुटेज में एक मिलिट्री म्यूनिशन डिपो में धमाका होता दिख रहा है। अल जज़ीरा ने यूक्रेनी मिलिट्री अधिकारियों के हवाले से बताया कि यह हादसा 23 मार्च को पूर्वी यूक्रेन के शहर बालाकलिया में हुआ था।
 

आगे सर्च करने पर हमें नल नाम के यूट्यूब चैनल पर 2017 में यह वीडियो प्रकाशित मिला। इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया था “यूक्रेन का बालाकलेया जल रहा है, और एक एम्युनिशन डिपो में धमाका। मार्च 2017 की रात, खार्किव ओब्लास्ट के बालाकलेया में देश के सबसे बड़े एम्युनिशन डिपो में तोड़फोड़ धमाके की घटना हुई। बालाकलिया में मिलिट्री डिपो में सुबह करीब 3:00 बजे आग लगी। वहां रखे एम्युनिशन में तेजी से धमाका होने लगा। बचाव दल का कहना है कि सभी धमाके आर्सेनल के टेक्निकल एरिया में हो रहे हैं, लेकिन कुछ जगहों पर छर्रे भी दिखे हैं।

पड़ताल का नतीजा 

हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो 2017 से इंटरनेट पर मौजूद है। इसे इस्राइल और ईरान तनाव के बीच शेयर करके भ्रामक दावा किया जा रहा है। 

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