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Fact Check: एआई से बना है इलेक्ट्रिक गाड़ी को डीजल जनरेटर से चार्ज करने का वीडियो, पढ़ें पड़ताल

फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Sat, 28 Feb 2026 06:17 PM IST
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सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को डीजल जनरेटर से चार्ज किया जा रहा है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। 

Fact Check AI-generated video of an electric vehicle being pulled by a diesel generator, read the full invest
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को डीजल जनरेटर से चार्ज किया जा रहा है। वीडियो को असली बताकर शेयर किया जा रहा है। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि एक इलेक्ट्रिक गाड़ी को डीजल जनरेटर से चार्ज किया जा रहा है। 

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marketingstory.in नाम के इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा,” इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में समस्या? बाजार में मौजूद खामी उजागर हुई। एक भारतीय व्यक्ति यात्रा के दौरान पोर्टेबल ईंधन जनरेटर का उपयोग करके अपनी इलेक्ट्रिक एसयूवी को चार्ज करते हुए वायरल हो गया। कोई चार्जिंग स्टेशन नहीं था। इसलिए उसने अपना खुद का सिस्टम बनाया। कुछ लोगों ने इसे प्रतिभा कहा। कुछ ने इसे विडंबनापूर्ण बताया - पेट्रोल से इलेक्ट्रिक वाहन चलाना। लेकिन व्यावसायिक दृष्टिकोण से, यह एक सुनहरा अवसर है। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की गति तेज हो रही है। बुनियादी ढांचा अभी भी इसके साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहा है। जब मांग आपूर्ति से अधिक तेजी से बढ़ती है, तो नए-नए तरीके सामने आते हैं। और हर नया तरीका एक ही बात का संकेत देता है: एक विशाल अवसर मौजूद है जिसे हल किया जाना बाकी है। असली कहानी जनरेटर की नहीं है। यह बुनियादी ढांचे की खामी है। स्मार्ट जुगाड़ या त्रुटिपूर्ण परिवर्तन? आप तय करें।"  पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें viiztrrix नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। यहां वीडियो शेयर कर हैशटैग एआई का इस्तेमाल किया गया है। 

 

इसके बाद हमने वीडियो को ध्यान से देखा। वीडियो में हमें कई विसंगतियां नजर आ रहे हैं। वीडियो में बगल में  एक ऑटो जाते दिखा लेकिन उसका आधा हिस्सा गायाब था।  यहां से हमें वायरल वीडियो के एआई से बने होने का संदेह हुआ। इसके बाद हमने वीडियो के पड़ताल के लिए हाइव एआई टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को 99.4 फीसदी एआई से होने की जानकारी दी। 

इसके बाद हमने undetectableAI टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने भी वायरल वीडियो को 97 फीसदी एआई से बने होने की जानकारी दी। 

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया। 

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