Fact Check: पीएम मोदी के पुतला जलाए जाने के पुराने वीडियो को इस्राइल-ईरान तनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पीएम मोदी के पुतले जलाए जाने के वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि इस्राइल के साथ सामान्य संबंध बनाए रखने के कारण पीएम का विरोध हो रहा है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ नजर आ रही है। उनके हाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला भी जलते हुए नजर आ रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि हज़ारों भारतीय, इस्राइल के साथ कथित तौर पर सामान्य संबंध बनाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो पुराना है। जांच में वीडियो जनवरी 2026 से इंटरनेट पर मौजूद नजर आ रहा है। रही बात इस्राइल के साथ सामान्य संबंध की तो भारत यह साफ कर चुका है कि भारत ईरान और इस्राइल दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को सामान्य रखता है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि भारत के इस्राइल के सामान्य संबंध बनाए रखने के कारण भारत में पीएम मोदी के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।
टीएमटी (@TMT_arabic) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “ब्रेकिंग हजारों भारतीय इस्राइल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने और ईरान के साथ तनाव पैदा करने के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वे उनकी तस्वीरें जला रहे हैं और उनसे कह रहे हैं: "इस्राइल से हमें तेल दिलवाओ।" पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों का लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो को कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें यह वीडियो डेली आइकन न्यूज नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 30 जनवरी 2026 को पोस्ट मिला। वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा गया था “यूजीसी बिल के नियम, 2012 के मौजूदा नियमों की जगह ज्यादा सख्त उपाय लाना चाहते हैं, ताकि हाशिये पर पड़े तबकों के छात्रों—खास तौर पर अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों—के लिए समावेश सुनिश्चित किया जा सके। इसका मुख्य मकसद जाति-आधारित भेदभाव को रोकना और कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। इससे BJP पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। अब यह BJP बनाम BJP की लड़ाई बन गई है।
आगे हमें एक एक्स अकाउंट पर इस वीडियो से जुड़ी तस्वीर मिली। इसे 29 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया था। इसके साथ कैप्शन में लिखा गया था कि पीएम मोदी का पुतला जलाया जा रहा है, पुतले पर जूता चप्पल से मारा जा रहा है। मोदी तेरी **** जैसे नारे लगाए जा रहे है। पीएम मोदी को जाति सूचक शब्द और अपशब्द भी कहे जा रहे है। लेकिन योगी सरकार ने किसी पर कार्रवाई नहीं की। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है की अंदर ही अंदर सीएम योगी प्रदर्शनकारियों से मिले है।
हमें वीडियो से जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। लेकिन जांच में पता चला है कि वीडियो जनवरी से इंटरनेट पर मौजूद है। ईरान इस्राइल के बीच युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी से हुई है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।