Fact Check: हाथी के पुल से गिरने के एआई से बने वीडियो को असली बताकर किया जा रहा शेयर, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में एक हाथी पुल से गिरता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो को रांची की घटना बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह दावा गलत निकला है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में एक हाथी पुल से गिरता हुआ दिख रहा है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि यह हादसा झारखंड के रांची में हुआ है। बताया जा रहा है कि एक जंगली हाथी रास्ता भटककर पुल पर पहुंच गया, संतुलन खोने के कारण पर पुल से नीचे गिर गया। वीडियो में पुल पर वाहनों के गुजरते हुए भी देखा जा सकता है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो असली नहीं है बल्कि एआई के माध्यम से बना हुआ है। लोगों को गुमराह करने के लिए वीडियो को असली बताकर शेयर किया जा रहा है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि एक हाथी रास्ता भटकने के कारण गलती से पुल पर पहुंच गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पुल से नीचे गिर गया।
मुन्ना लाल (@MunnaLal21) नाम के एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करके लिखा, “रांची में दिल दहला देने वाला हादसा रांची में एक बेहद चौंकाने वाली और डरावनी घटना सामने आई है। देर रात एक जंगली हाथी अचानक एक पुल (ब्रिज) पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी शायद रास्ता भटक गया था और जंगल की ओर लौटने की कोशिश में ब्रिज पर आ गया। कुछ ही पलों में संतुलन बिगड़ने के कारण हाथी पुल से नीचे गिर गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि उसी समय पुल के नीचे से एक वाहन गुजर रहा था। हाथी के गिरने से कुछ ही सेकंड पहले वाहन वहां से निकल चुका था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वाहन कुछ पल और रुक जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। हाथी के गिरते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। वन विभाग और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायल हाथी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। वन अधिकारियों ने इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित किया और हाथी को इलाज देने की प्रक्रिया शुरू की। यह घटना एक बार फिर इंसानी बस्तियों और जंगली जानवरों के टकराव की गंभीर समस्या को उजागर करती है। तेजी से कटते जंगल और बढ़ता शहरीकरण ऐसे हादसों की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।” पोस्ट का लिंक आप यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो से जुड़ी कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली। आगे हमने वीडियो को ध्यान से देखा तो हमें कई विसंगतियाँ देखने को मिली। जैसे पीछे वाहन उस पुल पर सामान्य रूप से चलते हुए दिखाई दे रहे थे जहां हाथी खड़ा था, जो काफी नकली लग रहा था।
आगे हमने इसके एआई से बने होने की संदेह हुआ। यह जानने के लिए हमने वीडियो को हाइव मॉडरेशन पर सर्च किया। यहां हमें वीडियो के 98.4 प्रतिशत एआई से बने होने की जानकारी मिली।
आगे हमने डीपफेक डेटेक्शन पर इस वीडियो को सर्च किया। यहां हमें इस वीडियो के डिजिटल तरीके से बदलाव किए जाने की जानकारी मिली। एप्लिकेशन ने हर कीफ्रेम में इसके डिजिटल तरीके से बदला होने की संभावना मिली। वीडियो की क्वालिटी खराब होने के कारण यह वीडियो को ठीक से विश्लेषण नहीं कर पाया है।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो असली नहीं है बल्कि डिजिटल माध्यम से बनाया गया है।