Fact Check: थार गाड़ी के एक्सप्रेसवे पर लगे बोर्ड पर लटके होने का वीडियो एआई निर्मित, पढ़ें पड़ताल
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में थार गाड़ी एक्सप्रेसवे पर लगे बोर्ड पर लटकी नजर आ रही है। इस वीडियो को असली बताकर शेयर किया जा रहा है। हमारी पड़ताल में यह वीडियो एआई से बना निकला है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है। इसमें एक थार एसयूवी दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर NH-48 के ऊपर फंसी हुई दिख रही है। वीडियो में गाड़ी दिशा बताने वाले बोर्ड पर हवा में लटकी हुई नजर आ रही है। वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि थार गाड़ी एक्सप्रेसवे पर बोर्ड में घुस गई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में इस दावे को गलत पाया है। हमारी जांच के दौरान यह दावा पूरी तरह से झूठा पाया गया है। जांच में सामने आया कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। वीडियो में कुछ चीज ऐसी दिखी जिससे पता चला कि वीडियो एआई के माध्यम से बना है।
क्या है दावा
इस वीडियो को शेयर करके दावा किया जा रहा है कि वीडियो को दिल्ली जयपुर एक्सप्रेसवे पर एक एसयूवी थार गाड़ी सड़क पर लगे बोर्ड में घुसकर अटक गई है।
भावना अरोड़ा (@BhaavnaArora) नाम के एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करके लिखा “अगर यह थार है तो कुछ भी संभव है!” पोस्ट का लिंक और आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
इस तरह के कई और दावोंके लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इसके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो को ध्यान से देखा। यहां हमें बोर्ड पर दाई तरफ कुछ अलग से शब्द लिखे हुए दिखाई दिए। यह शब्द आमतौर पर एआई से बने हुए वीडियो पर देखने को मिलते हैं।
वीडियो को कीफ्रेम्स के माध्यम से सर्च करने पर एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर यह वीडियो देखने को मिला। यहां इस वीडियो को 18 फरवरी को शेयर किया गया था। वीडियो के लिए एक कैप्शन दिया गया था इसमें हैश्टैग में एआई का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो पर 1 मिलियन से भी ज्यादा लाइक किए गए थे।
आगे हमने वीडियो के एआई के माध्यम से बने होने का पता लगाने के लिए वीडिये के एआई डिटेक्टर टूल पर सर्च किया। एआई डिटेक्टर टूल हाइव मॉडरेशन पर वीडियो को सर्च करने पर हमें वीडियो के 99.9 प्रतिशत एआई से बने होने की जानकारी मिली।
पड़ताल का नतीजा
हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वीडियो को एआई के माध्यम से बनाया गया है। इस सच होने का झूठा दावा किया जा रहा है।