जश्न-ए-आजादी: अब जेन-जी का जमाना, भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, बड़े अवसरों के साथ चुनौतियां भी
जेन-जी मिलेनियल से कई मामलों में अलग है। मिलेनियल अगर 70 एमएम की तीन घंटे वाली फिल्म है तो जेन-जी वेब सीरीज और माइक्रो वेब सीरीज। वह आने वाले कल यानी भारत का भविष्य है।
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विस्तार
जेन-जी के जन्म के करीब 50 साल पहले देश को आजादी मिली। इसके बाद से देश लगातार विकास की राह पर है। विकास के साथ लोगों की जीवनशैली व सोच बदल रही है। जेन-जी इन्हीं बदलावों का प्रतिनिधित्व करती है। उसके संवाद और सूचनाओं के प्लेटफॉर्म भी अलग हैं। पहनावा से लेकर बोलचाल की भाषा तक अलग है। हालिया आंदोलनों ने यह साबित किया है कि जेन-जी संगठित है और स्थापित व्यवस्थाओं को बदलने में सक्षम भी।
भारत में दुनिया की सबसे बड़ी जेन-जी आबादी रहती है। यहां मौजूदा साल में 14-29 वर्ष के आयु के लोगों की संख्या 40.7 करोड़ है। चीन में 26.4 करोड़ व पाकिस्तान में 7.9 करोड़ जेन-जी हैं। 2029 तक भारत में अल्फा भी 41.7 करोड़ होंगे।
भारत जनसंख्या अनुमान (2026) के विश्लेषण से पता चलता है कि वयस्क आबादी में 18-29 साल के लोगों की हिस्सेदारी 29.2 प्रतिशत है। दूसरे शब्दों में, देश में हर तीन योग्य मतदाताओं में एक जेन-जी है। 2026 के लिए जारी जनसंख्या अनुमान के अनुसार, बिहार में जेन-जी वोटरों का हिस्सा सर्वाधिक है। यहां 18-29 साल के लोगों की आबादी 36.8 प्रतिशत है।
2.5 लाख स्टार्टअप में 80 प्रतिशत से अधिक के नेतृत्वकर्ता युवा
- 2014 से पहले स्टार्टअप्स की संख्या 350 थी, जो अगस्त 2026 तक बढ़कर 2.47 लाख से अधिक हो गई। इसके 80% संस्थापक युवा हैं।
- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है।
- 132 यूनिकॉर्न स्टार्टअप भारत में हैं। फिनटेक, सॉफ्टवेयर एज ए सर्विस, ई-कॉमर्स और जेनरेटिव एआई उभरते क्षेत्र हैं। स्नातक के बाद 31% छात्र एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं।
- भारत की स्टार्टअप अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन 2014 में एक अरब डॉलर था जो 2026 में 350 अरब डॉलर (33.75 लाख करोड़ रुपये) हो गया है।
कुल खपत में 43 प्रतिशत हिस्सेदारी
भारत की कुल खपत में जेन-जी का हिस्सा लगभग 43 प्रतिशत है। मतलब, बाजार में उनकी भागीदारी सैकड़ों अरब डॉलर की है। कार्यबल में जेन-जी की भागीदारी 25 प्रतिशत है।| प्रदेश का नाम | जेन-जी वर्ग की आबादी |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 33.9% |
| झारखंड | 33.8% |
| राजस्थान | 32.3% |
| मध्य प्रदेश | 31.4% |
| केरल | 22.2% |
| तमिलनाडु | 22.6% |
| आंध्र प्रदेश | 24.3% |
| हिमाचल | 24.6% |
| पंजाब | 25.1% |
ताकत
युवा तय करेंगे सात राज्यों के चुनावी नतीजेयूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश व गुजरात में 2027 में विधानसभा चुनाव होंगे। यहाँ जेन-जी मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। विश्लेषकों के अनुसार, सिर्फ 5 फीसदी मत इधर-उधर होने से सरकार बदल सकती है।
45 से कम उम्र के 104 सांसद
18 वीं लोकसभा में 60 साल से अधिक उम्र के 215 सांसद चुनकर आए, जबकि 35 साल से कम उम्र के सांसदों की संख्या सिर्फ 25 रही। 104 सांसदों की उम्र 45 से कम है।
अवसर
अंतरिक्ष में लंबी उड़ान विक्रम से नई पहचानदेश में 440 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पंजीकृत हैं। स्काईरूट द्वारा विकसित विक्रम-1 रकिट ने पृथ्वी की निचली कक्षा में प्रवेश कर कीर्तिमान बनाया। अमेरिका व चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा देश बन गया है जहां निजी कंपनी ने अंतरिक्ष की कक्षा में पहुंचने वाला रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता हासिल की है। निजी कंपनियां आगामी दो वर्षों में छह और रॉकेट विकसित कर सकती हैं।
रक्षा निर्माण में भागीदारी बढ़ी
रक्षा क्षेत्र में 2,000 से अधिक स्टार्टअप मौजूद हैं। बंगलूरू स्थित एसएसएस डिफेंस छोटे हथियार और स्निाइपर राइफलें बनाती है। चेन्नई की विन वैली ग्रेनेड व विस्फोटक ले जाने में सक्षम ड्रोन का निर्माण करती है। नोएडा स्थित एंड एयर सिस्टम भारी वजन उठाने वाले सबल 200 जैसे स्वदेशी सैन्य ड्रोन बना रहा है।
नए भारत की राह में चुनौतियां भी कम नहीं
शिक्षण संस्थान बढ़े, पर गुणवत्ता सुधार जरूरी
देश में 1,289 विश्वविद्यालय, 48,246 कॉलेज और 115,221 स्वतंत्र संस्थान हैं। हर साल 80 लाख से एक करोड़ तक छात्र अपनी स्नातक डिग्री पूरी करते हैं। लेकिन, 2027 की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (क्यूएस डब्ल्यूयूआर) में सिर्फ 52 भारतीय संस्थान शामिल हैं। यह भारत का अब तक का सबसे अधिक प्रतिनिधित्व है।
10 वर्ष में 100 से अधिक पेपर लीक
मीडिया रिपोर्ट्स में दावे किए गए कि देश में 10 वर्षों में 100 से अधिक पेपर लीक हुए। विपक्ष ने इस अवधि में 152 बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का दवा किया, जिनसे 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ। पेपर लीक की समस्या दूर करने के लिए केंद्र ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) बनाई, लेकिन समस्या कम होने के बजाय बढ़ती गई।
बेरोजगारी और रोजगार पर आंकड़ों का द्वंद्व
रोजगार विभाग ने अक्तूबर में आंकड़े जारी करते हुए दावा किया कि देश में रोजगार 2017-18 में 47.5 से बढ़कर 2023-24 में 64.33 करोड़ हो गया। यानी, छह वर्षों में 16.83 करोड़ नई नौकरियां जुड़ीं। उधर, कर्नाटक ने 2026 में शिक्षित बेरोजगारों के लिए युवा निधि योजना की घोषणा की तो 50,000 से अधिक इंजीनियरों ने आवेदन किया।
बेहतर शिक्षा, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था
जेन-जी के लिए आजादी का मतलब ऐसी व्यवस्था है, जहां किसी युवा को अपने भविष्य के लिए किसी राजनीतिक पहुंच, आर्थिक ताकत या सिफारिश पर निर्भर न रहना पड़े। युवा को यह भरोसा होना चाहिए कि उसकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर उसे आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शिक्षा की गुणवत्ता और अवसर की समानता बेहतर होनी चाहिए। ...अभिजीत दीपके, संस्थापक, कॉकरोच जनता पार्टी
स्रोतः संयुक्त राष्ट्र विश्व जनसंख्या संभावनाएं 2024, जनगणना विभाग, एडीआर, डीपीआईआईटी स्टार्टअप इंडिया, वित्त मंत्रालय, शिक्षा विभाग।