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अंबाला: भाभी की हत्या करने के आरोप में जेठ को उम्रकैद, आम की गुठली फेंकने पर हुआ था विवाद
Thu, 20 Aug 2026 09:01 PM IST
मयूर शर्मा
माय सिटी रिपोर्टर, अंबाला
माय सिटी रिपोर्टर, अंबाला
Published by: मयूर शर्मा
Updated Thu, 20 Aug 2026 09:01 PM IST
सार
अदालत ने छह साल बाद फैसला सुनाया। अंबाला की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिलाषा सपरा कोहली की अदालत ने मुख्य आरोपी धीरज उर्फ बंटी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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निर्णयों में इतना विलंब क्यों?
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
बच्चों के बीच आम की गुठली फेंकने को लेकर हुए मामूली विवाद में अपनी ही भाभी की गंडासी मारकर नृशंस हत्या करने के चर्चित मामले में फैसला आ गया है। अदालत ने छह साल बाद फैसला सुनाया। अंबाला की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अभिलाषा सपरा कोहली की अदालत ने मुख्य आरोपी धीरज उर्फ बंटी को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, मामले की सह-आरोपी व मृतक की जेठानी सुमन को मारपीट का दोषी पाते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है।
गुठली फेंकने पर शिकायत करने गई थी सपना
घटनाक्रम के अनुसार, 20 मई 2021 को अंबाला छावनी की डेहा कॉलोनी में धीरज के बच्चों ने अनिल कुमार के हिस्से में आम की गुठलियां फेंक दी थीं। इस बात की शिकायत लेकर अनिल की पत्नी सपना (मृतका) धीरज के घर गई। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर धीरज और उसकी पत्नी सुमन ने सपना के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
शोर सुनकर जब पहली मंजिल से अनिल कुमार नीचे उतर रहा था, तो उसने देखा कि उसके भाई धीरज ने गंडासी से सपना के सिर पर सीधा वार कर दिया। जब अनिल अपनी पत्नी को बचाने दौड़ा तो जेठानी सुमन ने उसके सिर पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे वह भी घायल हो गया।
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अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई थी मौत
गंडासी के हमले से सपना लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गई। इसके बाद अनिल और उसका भाई नीरज गंभीर रूप से घायल सपना को लेकर सिविल अस्पताल अंबाला छावनी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सपना को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अनिल के बयानों के आधार पर थाना अंबाला छावनी में आईपीसी में हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
निहत्थी महिला के सिर पर जानलेवा हमला अक्षम्य: कोर्ट
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह घटना बिना किसी पूर्व योजना के अचानक हुए झगड़े का परिणाम थी, इसलिए यह हत्या के दायरे में नहीं आती। हालांकि, अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने फैसले में स्पष्ट किया कि भले ही झगड़ा अचानक हुआ हो, लेकिन एक निहत्थी महिला के शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्से पर गंडासी जैसे घातक हथियार से वार करना अनुचित लाभ उठाना और क्रूरता है। मेडिकल रिपोर्ट से भी सिद्ध हुआ कि सिर पर 731 सेमी का गहरा घाव था जिससे मस्तिष्क की नसें फट गई थीं।
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गुठली फेंकने पर शिकायत करने गई थी सपना
घटनाक्रम के अनुसार, 20 मई 2021 को अंबाला छावनी की डेहा कॉलोनी में धीरज के बच्चों ने अनिल कुमार के हिस्से में आम की गुठलियां फेंक दी थीं। इस बात की शिकायत लेकर अनिल की पत्नी सपना (मृतका) धीरज के घर गई। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर धीरज और उसकी पत्नी सुमन ने सपना के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
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शोर सुनकर जब पहली मंजिल से अनिल कुमार नीचे उतर रहा था, तो उसने देखा कि उसके भाई धीरज ने गंडासी से सपना के सिर पर सीधा वार कर दिया। जब अनिल अपनी पत्नी को बचाने दौड़ा तो जेठानी सुमन ने उसके सिर पर ईंट से हमला कर दिया, जिससे वह भी घायल हो गया।
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अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो गई थी मौत
गंडासी के हमले से सपना लहूलुहान होकर मौके पर ही बेहोश हो गई। इसके बाद अनिल और उसका भाई नीरज गंभीर रूप से घायल सपना को लेकर सिविल अस्पताल अंबाला छावनी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सपना को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अनिल के बयानों के आधार पर थाना अंबाला छावनी में आईपीसी में हत्या सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
निहत्थी महिला के सिर पर जानलेवा हमला अक्षम्य: कोर्ट
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि यह घटना बिना किसी पूर्व योजना के अचानक हुए झगड़े का परिणाम थी, इसलिए यह हत्या के दायरे में नहीं आती। हालांकि, अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने फैसले में स्पष्ट किया कि भले ही झगड़ा अचानक हुआ हो, लेकिन एक निहत्थी महिला के शरीर के सबसे संवेदनशील हिस्से पर गंडासी जैसे घातक हथियार से वार करना अनुचित लाभ उठाना और क्रूरता है। मेडिकल रिपोर्ट से भी सिद्ध हुआ कि सिर पर 731 सेमी का गहरा घाव था जिससे मस्तिष्क की नसें फट गई थीं।