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Ambala News: सरकारी स्कूलों में पीने के पानी के लिए तरस रहे नौनिहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
Updated Tue, 19 May 2026 03:57 AM IST
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के छात्र फर्श पर बैठ पढ़ाई करते हुए। संवाद
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अंबाला। सरकारी स्कूलों के नौनिहाल गर्मी में पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं। सोमवार को 43 डिग्री सेल्सियस गर्मी ने बच्चों को परेशान कर दिया। टाट-पट्टी पर बैठकर भविष्य गढ़ने वाले ये मासूम गर्मी में या तो उबलता पानी पी रहे हैं या आस-पड़ोस के आगे हाथ फैलाने को बेबस हैं। बीसी बाजार के सरकारी स्कूल में बच्चे पढ़ाई छोड़कर दोपहर की चिलचिलाती धूप में पास के पेट्रोल पंप से पानी ढोने को मजबूर हैं। छात्राओं की बोतलें भरने की जिम्मेदारी भी इन नन्हे कंधों पर है।
यहीं तस्वीर दलीपगढ़ और नन्हेड़ा के स्कूलों की भी है। कहीं वाटर कूलर बंद पड़े हैं, तो कहीं छत पर रखी काली टंकियों का खौलता पानी बच्चों के हलक को और सुखा रहा है। सिस्टम की इस बेरुखी के बीच, बचपन प्यासा भी है और लाचार भी। ब्यूरो
केस 1-- -- -
पेट्रोल पंप से ठंडा पानी लाने को मजबूर
बीसी बाजार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो वाटर कूलर मिले। यहां एक वाटरकूलर में पानी था नहीं और दूसरे में काफी धीमे आ रहा था। इसके साथ ही साधारण पानी आ रहा था। इस स्कूल में देखा तो कुछ बच्चे घर से पानी की बोतल लाते हैं, मगर गर्मी के कारण पानी जल्द खत्म हो जाता है। ऐसे में यहां हर क्लास से बच्चे एकत्रित होकर पास के पेट्रोल पंप से दोपहर को पानी भरकर लाते दिखे। यहां बच्चों ने बताया कि लड़कियां बाहर जा नहीं सकती हैं तो उन्हें ही उनकी बोतल भरकर लानी होती है। यह हालात सुबह 10 बजे से लेकर दो बजे तक दिखाई देते हैं।
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केस 2-- -- -- -
गर्म पानी पीने को मजबूर
राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के परिसर में दो विद्यालय संचालित हैं। अधिकांश बच्चों के हाथ में पानी की बोतल दिखाई दी। इस स्कूल में भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। सीमेंट की बनी टंकी में गर्म पानी बच्चे पीते दिखे। वाटर कूूलर बंद मिला और बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस स्कूल में सिर्फ आठवीं कक्षा के बच्चों के पास ही बैठने के लिए बैंच है। बाकी सभी कक्षाओं के बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। इस स्कूल में प्राइमरी में 110 बच्चे, कक्षा छह से 8वीं तक 71 बच्चे अध्ययनरत हैं।
छत पर रखी टंकी का गर्म पानी पीने को मजबूर
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा में वाटर कूलर बंद पड़ा। कमरे की छत पर तीन से चार काली टंकिंयां रखी थीं। इन्हीं का गर्म पानी बच्चे पीने को मजबूर हैं। हालात ऐसी है कि अगर कोई इस टंकी के पानी की जांच करा लें तो कई कमियां पाई जाएं। यहां ठंडा पानी पीने को बच्चे अपने घर या आसपास से मांगकर पानी पीने को मजबूर हैं।
वर्जन-- -- --
गर्मी के शुरू होने से पहले ही स्कूल प्रभारियों को व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन स्थानों पर निरीक्षण करा लेते हैं और समस्या दूर की जाएगी।-- -- -- -- -- सुधीर कालड़ा, जिला शिक्षाधिकारी
यहीं तस्वीर दलीपगढ़ और नन्हेड़ा के स्कूलों की भी है। कहीं वाटर कूलर बंद पड़े हैं, तो कहीं छत पर रखी काली टंकियों का खौलता पानी बच्चों के हलक को और सुखा रहा है। सिस्टम की इस बेरुखी के बीच, बचपन प्यासा भी है और लाचार भी। ब्यूरो
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केस 1
पेट्रोल पंप से ठंडा पानी लाने को मजबूर
बीसी बाजार स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में दो वाटर कूलर मिले। यहां एक वाटरकूलर में पानी था नहीं और दूसरे में काफी धीमे आ रहा था। इसके साथ ही साधारण पानी आ रहा था। इस स्कूल में देखा तो कुछ बच्चे घर से पानी की बोतल लाते हैं, मगर गर्मी के कारण पानी जल्द खत्म हो जाता है। ऐसे में यहां हर क्लास से बच्चे एकत्रित होकर पास के पेट्रोल पंप से दोपहर को पानी भरकर लाते दिखे। यहां बच्चों ने बताया कि लड़कियां बाहर जा नहीं सकती हैं तो उन्हें ही उनकी बोतल भरकर लानी होती है। यह हालात सुबह 10 बजे से लेकर दो बजे तक दिखाई देते हैं।
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केस 2
गर्म पानी पीने को मजबूर
राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के परिसर में दो विद्यालय संचालित हैं। अधिकांश बच्चों के हाथ में पानी की बोतल दिखाई दी। इस स्कूल में भी ठंडे पानी की व्यवस्था नहीं है। सीमेंट की बनी टंकी में गर्म पानी बच्चे पीते दिखे। वाटर कूूलर बंद मिला और बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। इस स्कूल में सिर्फ आठवीं कक्षा के बच्चों के पास ही बैठने के लिए बैंच है। बाकी सभी कक्षाओं के बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं। इस स्कूल में प्राइमरी में 110 बच्चे, कक्षा छह से 8वीं तक 71 बच्चे अध्ययनरत हैं।
छत पर रखी टंकी का गर्म पानी पीने को मजबूर
राजकीय प्राथमिक पाठशाला नन्हेड़ा में वाटर कूलर बंद पड़ा। कमरे की छत पर तीन से चार काली टंकिंयां रखी थीं। इन्हीं का गर्म पानी बच्चे पीने को मजबूर हैं। हालात ऐसी है कि अगर कोई इस टंकी के पानी की जांच करा लें तो कई कमियां पाई जाएं। यहां ठंडा पानी पीने को बच्चे अपने घर या आसपास से मांगकर पानी पीने को मजबूर हैं।
वर्जन
गर्मी के शुरू होने से पहले ही स्कूल प्रभारियों को व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन स्थानों पर निरीक्षण करा लेते हैं और समस्या दूर की जाएगी।

राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के छात्र फर्श पर बैठ पढ़ाई करते हुए। संवाद

राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के छात्र फर्श पर बैठ पढ़ाई करते हुए। संवाद

राजकीय माध्यमिक विद्यालय दलीपगढ़ के छात्र फर्श पर बैठ पढ़ाई करते हुए। संवाद