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Ambala News: जननायक एक्सप्रेस से पांच बच्चे रेस्क्यू
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आई जननायक एक्सप्रेस से टीम द्वारा संरक्षण में लिए गए बच्चे। प्रवक्त
- फोटो : कटड़ा-श्रीनगर वंदे भारत जम्मूतवी तक दौड़ेगी
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पंजाब की फैक्ट्रियों में ले जाने की थी तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिला युवा विकास संगठन और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात ट्रेन नंबर 15211 जननायक एक्सप्रेस से पांच बच्चों को मुक्त कराया। ये बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जिन्हें बंधुआ मजदूरी के लिए पंजाब की फैक्ट्रियों में ले जाया जा रहा था।
संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था से सूचना मिली थी कि बच्चों को अवैध रूप से काम पर लगाने के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रात करीब 8:50 बजे कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी के नेतृत्व में आरपीएफ, जीआरपी, मानव तस्करी निरोधक इकाई और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने अंबाला कैंट स्टेशन पर ट्रेन में तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान टीम ने पांच मासूमों को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया। प्राथमिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें बहला-फुसलाकर पंजाब के कारखानों में काम दिलाने के नाम पर ले जाया जा रहा था। तस्करी में संलिप्त मुख्य आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार होने में कामयाब रहा। उसकी तलाश जारी है। मेडिकल जांच के बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजीता सचदेवा के समक्ष बच्चों को पेश किया गया। यहां से उन्हें ओपन शेल्टर होम अंबाला कैंट भेज दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। जिला युवा विकास संगठन और सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने मंगलवार देर रात ट्रेन नंबर 15211 जननायक एक्सप्रेस से पांच बच्चों को मुक्त कराया। ये बच्चे बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, जिन्हें बंधुआ मजदूरी के लिए पंजाब की फैक्ट्रियों में ले जाया जा रहा था।
संगठन के प्रधान परमजीत सिंह बडोला को जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था से सूचना मिली थी कि बच्चों को अवैध रूप से काम पर लगाने के लिए पंजाब ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही रात करीब 8:50 बजे कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी के नेतृत्व में आरपीएफ, जीआरपी, मानव तस्करी निरोधक इकाई और बाल कल्याण समिति की संयुक्त टीम ने अंबाला कैंट स्टेशन पर ट्रेन में तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान टीम ने पांच मासूमों को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया। प्राथमिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें बहला-फुसलाकर पंजाब के कारखानों में काम दिलाने के नाम पर ले जाया जा रहा था। तस्करी में संलिप्त मुख्य आरोपी पुलिस की भनक लगते ही फरार होने में कामयाब रहा। उसकी तलाश जारी है। मेडिकल जांच के बाद बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रंजीता सचदेवा के समक्ष बच्चों को पेश किया गया। यहां से उन्हें ओपन शेल्टर होम अंबाला कैंट भेज दिया गया है।
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