{"_id":"69d815f673a7948d3102e945","slug":"issued-a-notice-and-asked-for-a-reply-ambala-news-c-45-1-kur1010-152978-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambala News: मीरी पीरी संस्थान विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, दादूवाल समेत सात को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambala News: मीरी पीरी संस्थान विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, दादूवाल समेत सात को नोटिस
विज्ञापन
शाहाबाद। मामले की जानकारी देते बलदेव सिंह कायमपुरी। स्वयं
- फोटो : संवाद
विज्ञापन
शाहाबाद। मीरी पीरी मेडिकल संस्थान में 20 मार्च को हुआ विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया है, जिसमें मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च चैरिटेबल ट्रस्ट ने गंभीर आरोपों के साथ न्याय की गुहार लगाई। इस पर अदालत ने दादूवाल सहित सात लोगों को नोटिस जारी किया है।
ट्रस्ट के कार्यवाहक वाइस चेयरमैन बलदेव सिंह कायमपुरी ने दावा किया जबरन अस्पताल परिसर में घुसकर कब्जा करने की कोशिश को अदालत ने गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण में बलजीत सिंह दादूवाल और उनके समर्थकों की भूमिका संदिग्ध है।
याचिका में कहा गया है कि दादूवाल एवं उनके समर्थक बिना किसी वैधानिक अधिकार के अस्पताल पहुंचे, वहां हुड़दंग मचाया और संस्थान पर कब्जा करने का प्रयास किया। अदालत ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए मामले की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही बलजीत सिंह दादूवाल सहित सात लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली मामले की अगली सुनवाई से वे मौके का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बलदेव सिंह कायमपुरी ने बताया कि घटना के दिन ही शाहाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ट्रस्ट के वकीलों ने अदालत को अवगत कराया कि दादूवाल व उनके समर्थकों द्वारा कब्जा करने का प्रयास पहले से पारित न्यायालय आदेश का उल्लंघन है। कायमपुरी ने हरियाणा सिख गुरूद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कमेटी अपने अधीन संस्थानों का सुचारू संचालन करने में विफल रही है, बावजूद इसके मीरी-पीरी संस्थान पर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल के निर्माण में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा लगभग 145 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है, जबकि हरियाणा कमेटी का कुल बजट ही करीब 103 करोड़ रुपये है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कमेटी के अंदरूनी विवादों के चलते उसका बजट तक पारित नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर सात अप्रैल को एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी ने शाहाबाद पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल, हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।
Trending Videos
ट्रस्ट के कार्यवाहक वाइस चेयरमैन बलदेव सिंह कायमपुरी ने दावा किया जबरन अस्पताल परिसर में घुसकर कब्जा करने की कोशिश को अदालत ने गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण में बलजीत सिंह दादूवाल और उनके समर्थकों की भूमिका संदिग्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
याचिका में कहा गया है कि दादूवाल एवं उनके समर्थक बिना किसी वैधानिक अधिकार के अस्पताल पहुंचे, वहां हुड़दंग मचाया और संस्थान पर कब्जा करने का प्रयास किया। अदालत ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए मामले की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही बलजीत सिंह दादूवाल सहित सात लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने सरकारी वकील को निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली मामले की अगली सुनवाई से वे मौके का आकलन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बलदेव सिंह कायमपुरी ने बताया कि घटना के दिन ही शाहाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ट्रस्ट के वकीलों ने अदालत को अवगत कराया कि दादूवाल व उनके समर्थकों द्वारा कब्जा करने का प्रयास पहले से पारित न्यायालय आदेश का उल्लंघन है। कायमपुरी ने हरियाणा सिख गुरूद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि कमेटी अपने अधीन संस्थानों का सुचारू संचालन करने में विफल रही है, बावजूद इसके मीरी-पीरी संस्थान पर नियंत्रण की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अस्पताल के निर्माण में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा लगभग 145 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है, जबकि हरियाणा कमेटी का कुल बजट ही करीब 103 करोड़ रुपये है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कमेटी के अंदरूनी विवादों के चलते उसका बजट तक पारित नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर सात अप्रैल को एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंद्र सिंह धामी ने शाहाबाद पहुंचकर जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। फिलहाल, हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।