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Ambala News: अब 60 किलो की पटरियां देंगी झटका रहित और सुरक्षित सफर
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अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक दिल्ली और सहारपुर मार्ग पर नई पटरी फिट करते कर्मचारी। संवाद
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- ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने और हादसों को रोकने के लिए रेलवे ने किया तकनीकी अपग्रेड
- अंबाला छावनी स्टेशन के दिल्ली व सहारनपुर मार्ग के मुख्य स्वचलित कांटे पर किया बदलाव
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को आरामदायक और हादसों से पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ हादसों की गुंजाइश को खत्म करने के लिए पटरियों को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुरानी 52 किलो की पटरियों को हटाकर उनकी जगह अधिक चौड़ी और 60 किलो वजनी विशेष पटरियां फिट की जा रही हैं।
इसकी शुरुआत अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के सबसे व्यस्त दिल्ली और सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाले मुख्य स्वचलित कांटों (पॉइंट्स) पर कर दी गई है। अक्सर देखा जाता है कि कांटा बदलते समय ट्रेनों में तेज झटके लगते हैं। नई पटरियों की फिटिंग के बाद अब यात्रियों को झटका रहित और आरामदायक सफर का अहसास होगा।
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि नई पटरियों का बेस चौड़ा और वजन ज्यादा होने के कारण ट्रैक पर ट्रेन की ग्रिप बेहद मजबूत रहती है। इस बदलाव के बाद यदि ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी गुजरेगी, तो उसके बेपटरी होने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। संवाद
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5 घंटे का मेगा ब्लॉक
इस जटिल कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने 5 घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया। काम की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर डटे रहे। पुरानी पटरियों को काटकर नई 60 किग्रा की पटरियां बिछाने और स्वचलित कांटों को री-सेट करने के बाद ट्रैक को दोबारा ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए हरी झंडी दे दी गई।
मौजूदा समय में ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रतिघंटा हो गई है। ऐसे में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन हो, इसके लिए रेलवे लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अब 52 किग्रा की पुरानी पटरी की जगह 60 किग्रा की भारी पटरी बिछाई जा रही है ताकि ट्रेनों की रफ्तार अधिक होने पर बेपटरी होने का डर समाप्त हो जाए। यह प्रक्रिया आने वाले समय में काफी कारगर साबित होगी।
- विनोद भाटिया, डीआरएम, अंबाला
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- अंबाला छावनी स्टेशन के दिल्ली व सहारनपुर मार्ग के मुख्य स्वचलित कांटे पर किया बदलाव
हरिंदर पाल सिंह
अंबाला। भारतीय रेलवे ने यात्रियों के सफर को आरामदायक और हादसों से पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के साथ-साथ हादसों की गुंजाइश को खत्म करने के लिए पटरियों को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुरानी 52 किलो की पटरियों को हटाकर उनकी जगह अधिक चौड़ी और 60 किलो वजनी विशेष पटरियां फिट की जा रही हैं।
इसकी शुरुआत अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के सबसे व्यस्त दिल्ली और सहारनपुर मार्ग को जोड़ने वाले मुख्य स्वचलित कांटों (पॉइंट्स) पर कर दी गई है। अक्सर देखा जाता है कि कांटा बदलते समय ट्रेनों में तेज झटके लगते हैं। नई पटरियों की फिटिंग के बाद अब यात्रियों को झटका रहित और आरामदायक सफर का अहसास होगा।
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तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि नई पटरियों का बेस चौड़ा और वजन ज्यादा होने के कारण ट्रैक पर ट्रेन की ग्रिप बेहद मजबूत रहती है। इस बदलाव के बाद यदि ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी गुजरेगी, तो उसके बेपटरी होने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा। संवाद
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5 घंटे का मेगा ब्लॉक
इस जटिल कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने 5 घंटे का ट्रैफिक ब्लॉक लिया। काम की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर डटे रहे। पुरानी पटरियों को काटकर नई 60 किग्रा की पटरियां बिछाने और स्वचलित कांटों को री-सेट करने के बाद ट्रैक को दोबारा ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए हरी झंडी दे दी गई।
मौजूदा समय में ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रतिघंटा हो गई है। ऐसे में ट्रेनों का सुरक्षित संचालन हो, इसके लिए रेलवे लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में अब 52 किग्रा की पुरानी पटरी की जगह 60 किग्रा की भारी पटरी बिछाई जा रही है ताकि ट्रेनों की रफ्तार अधिक होने पर बेपटरी होने का डर समाप्त हो जाए। यह प्रक्रिया आने वाले समय में काफी कारगर साबित होगी।
- विनोद भाटिया, डीआरएम, अंबाला