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Ambala News: रेलवे ट्रैक पर बढ़ेगी सुरक्षा, ड्रोन से होगी निगरानी
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अंबाला मंडल के अधीन राजपुरा और शंभू के बीच हुए धमाके के बाद जांच के लिए पहुंचे केंद्रीय राज्य म
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साहनेवाल से पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री ने दिए निर्देश
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शंभू के पास हुए विस्फोट के बाद घटना स्थल का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शंभू के पास हुए विस्फोट के बाद रेलवे प्रशासन सतर्क है। केंद्रीय राज्य मंत्री रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग रवनीत सिंह ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि रेलवे की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।
मंत्री ने घोषणा की कि ईडीएफसी पर अब 24 घंटे सघन गश्त की जाएगी। कॉरिडोर के संवेदनशील और सुनसान हिस्सों की सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही सक्रिय हैं और अतिरिक्त कैमरों की स्थापना का काम तेज कर दिया गया है। ट्रैक की सुरक्षा के लिए की-मैन की जमीनी गश्त को भी और प्रभावी बनाया जाएगा।
राजमार्ग से पहुंच का फायदा उठा रहे शरारती तत्व
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक पहलू की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि तीन महीनों में 35 किमी के दायरे में यह दूसरी घटना है। पहली घटना एनएच-44 से 800-900 मीटर दूर हुई थी जबकि ताजा धमाका राजमार्ग से महज 300 मीटर की दूरी पर हुआ है। प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावर हाईवे का उपयोग कर आसानी से ट्रैक तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश
साहनेवाल से पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर पंजाब की आर्थिक धुरी है। यहां से रोजाना 30 मालगाड़ियां औद्योगिक और कृषि उत्पाद लेकर गुजरती हैं। मंत्री ने सतर्क लोको पायलट की सराहना की जिनकी सूझबूझ से बड़ा हादसा बच गया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले इस नेटवर्क की सुरक्षा में कोताही नहीं बरती जाएगी।
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ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शंभू के पास हुए विस्फोट के बाद घटना स्थल का किया निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर शंभू के पास हुए विस्फोट के बाद रेलवे प्रशासन सतर्क है। केंद्रीय राज्य मंत्री रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग रवनीत सिंह ने बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि रेलवे की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।
मंत्री ने घोषणा की कि ईडीएफसी पर अब 24 घंटे सघन गश्त की जाएगी। कॉरिडोर के संवेदनशील और सुनसान हिस्सों की सुरक्षा के लिए ड्रोन निगरानी शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही सक्रिय हैं और अतिरिक्त कैमरों की स्थापना का काम तेज कर दिया गया है। ट्रैक की सुरक्षा के लिए की-मैन की जमीनी गश्त को भी और प्रभावी बनाया जाएगा।
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राजमार्ग से पहुंच का फायदा उठा रहे शरारती तत्व
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने एक पहलू की ओर इशारा किया। उन्होंने बताया कि तीन महीनों में 35 किमी के दायरे में यह दूसरी घटना है। पहली घटना एनएच-44 से 800-900 मीटर दूर हुई थी जबकि ताजा धमाका राजमार्ग से महज 300 मीटर की दूरी पर हुआ है। प्राथमिक जांच के अनुसार, हमलावर हाईवे का उपयोग कर आसानी से ट्रैक तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे क्षेत्र को अस्थिर करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश
साहनेवाल से पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाला यह कॉरिडोर पंजाब की आर्थिक धुरी है। यहां से रोजाना 30 मालगाड़ियां औद्योगिक और कृषि उत्पाद लेकर गुजरती हैं। मंत्री ने सतर्क लोको पायलट की सराहना की जिनकी सूझबूझ से बड़ा हादसा बच गया। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक रीढ़ कहे जाने वाले इस नेटवर्क की सुरक्षा में कोताही नहीं बरती जाएगी।
