{"_id":"6a2f02e6741446fef80a40e8","slug":"august-date-set-for-status-report-in-manisha-death-case-father-to-begin-fast-unto-death-on-june-29-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-152560-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: मनीषा मौत मामले में स्टेटस रिपोर्ट के लिए मिली अगस्त की तारीख, पिता 29 जून से करेंगे आमरण अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: मनीषा मौत मामले में स्टेटस रिपोर्ट के लिए मिली अगस्त की तारीख, पिता 29 जून से करेंगे आमरण अनशन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ढिगावामंडी (भिवानी)। ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत के मामले में न्याय की मांग कर रहे पिता संजय को सीबीआई कोर्ट से स्टेटस रिपोर्ट में देरी का झटका लगा है। 9 जून को स्टेटस रिपोर्ट मिलने की उम्मीद थी लेकिन अब इसके लिए 14 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई है। इससे आहत होकर संजय ने 29 जून से भिवानी उपायुक्त कार्यालय के बाहर आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है।
स्टेटस रिपोर्ट मिलने में करीब ढाई माह की देरी के बाद सात जून को ढाणी लक्ष्मण में पंचायत आयोजित की गई जिसमें संजय ने यह बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा जांच में हो रही देरी से अब सब्र का बांध टूट गया है। मनीषा के पिता संजय का आरोप है कि बेटी को इंसाफ दिलाने के मामले में जांच एजेंसी लगातार टालमटोल कर रही है।
उन्होंने कहा कि 9 जून की तारीख तय होने के बावजूद अब स्टेटस रिपोर्ट के लिए अगस्त तक इंतजार करना पड़ रहा है। हर तारीख पर सिर्फ तारीख मिलती है, न्याय नहीं। पंचायत में मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी संजय के फैसले का समर्थन किया था। उनका कहना था कि यदि जांच एजेंसी समय पर काम करे तो पीड़ित परिवार को दर-दर भटकना नहीं पड़े।
विज्ञापन
संजय ने कहा कि अब आमरण अनशन ही आखिरी रास्ता बचा है। वह 29 जून की सुबह से भिवानी उपायुक्त कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। जब तक सीबीआई ठोस कार्रवाई और समयबद्ध जांच का भरोसा नहीं देती तब तक अनशन जारी रहेगा। मनीषा मौत मामले में परिजन शुरू से ही निष्पक्ष और तेज जांच की मांग करते रहे हैं। स्टेटस रिपोर्ट की तारीख आगे बढ़ने से एक बार फिर परिवार में निराशा का माहौल है।
स्टेटस रिपोर्ट मिलने में करीब ढाई माह की देरी के बाद सात जून को ढाणी लक्ष्मण में पंचायत आयोजित की गई जिसमें संजय ने यह बड़ा फैसला लिया। उन्होंने कहा कि सीबीआई द्वारा जांच में हो रही देरी से अब सब्र का बांध टूट गया है। मनीषा के पिता संजय का आरोप है कि बेटी को इंसाफ दिलाने के मामले में जांच एजेंसी लगातार टालमटोल कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि 9 जून की तारीख तय होने के बावजूद अब स्टेटस रिपोर्ट के लिए अगस्त तक इंतजार करना पड़ रहा है। हर तारीख पर सिर्फ तारीख मिलती है, न्याय नहीं। पंचायत में मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी संजय के फैसले का समर्थन किया था। उनका कहना था कि यदि जांच एजेंसी समय पर काम करे तो पीड़ित परिवार को दर-दर भटकना नहीं पड़े।
संजय ने कहा कि अब आमरण अनशन ही आखिरी रास्ता बचा है। वह 29 जून की सुबह से भिवानी उपायुक्त कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। जब तक सीबीआई ठोस कार्रवाई और समयबद्ध जांच का भरोसा नहीं देती तब तक अनशन जारी रहेगा। मनीषा मौत मामले में परिजन शुरू से ही निष्पक्ष और तेज जांच की मांग करते रहे हैं। स्टेटस रिपोर्ट की तारीख आगे बढ़ने से एक बार फिर परिवार में निराशा का माहौल है।