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Bhiwani News: हालुवास चौक पर 28 करोड़ से छह लेन ओवरब्रिज का निर्माण शुरू
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भिवानी का हलुवास चौक
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भिवानी। शहर के बाईपास स्थित दुर्घटना संभावित हालुवास चौक पर करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से छह लेन ओवरब्रिज के निर्माण का काम शुरू हो चुका है। डेढ़ साल की निर्धारित अवधि में तैयार होने वाले इस पुल के लिए निर्माण एजेंसी फिलहाल डिजाइन (ड्राइंग) तैयार कराने में जुटी है जिसके बाद इसकी लंबाई और चौड़ाई का अंतिम खाका सामने आएगा।
दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से इस पुल का निर्माण कराया जाएगा। नए ओवरब्रिज के नीचे से भिवानी-चरखी दादरी, नारनौल और महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही होगी जबकि पुल के ऊपर से लोहारू और हांसी रोड की दिशा में जाने वाले भारी वाहन निर्बाध रूप से गुजर सकेंगे।
दरअसल बाईपास का हालुवास चौक भिवानी-दादरी और महेंद्रगढ़-नारनौल मार्ग को दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई और 148बी से जोड़ने वाला प्रमुख चौराहा है। इसे दुर्घटना संभावित बिंदु के रूप में चिह्नित किया गया है। यहां हादसों की आशंका बनी रहती है क्योंकि बाईपास पर भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। चौक पर अचानक आमने-सामने वाहन आ जाने की स्थिति बन जाती है। ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से नियंत्रित नहीं हो पाती।
इसी को देखते हुए एनएचएआई ने करीब 28 करोड़ रुपये के बजट से कार्यों के वर्क ऑर्डर एजेंसी को जारी किए हैं। निर्माण एजेंसी ने चौराहे के आसपास मिट्टी डलवाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। ड्राइंग को अंतिम रूप मिलने और विभागीय मंजूरी के बाद पुल का मुख्य निर्माण कार्य गति पकड़ेगा। छह लेन का यह ओवरब्रिज करीब डेढ़ से दो वर्ष में तैयार होगा।
हिमाचल से महाराष्ट्र तक के भारी वाहन गुजरते हैं बाईपास से
शहर के बाईपास से हिमाचल, राजस्थान, दिल्ली, मेरठ, पंजाब के अलावा महाराष्ट्र तक के भारी वाहनों का आवागमन होता है। यह बाईपास भिवानी के रास्ते कई राज्यों को आपस में जोड़ता है और व्यापारिक व धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि बाईपास का कुछ हिस्सा अभी निर्माणाधीन है जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंतर्गत विकसित हो रहे इस बाईपास के पूर्ण होने के बाद शहर के बाहर करीब 43 किलोमीटर का रिंगनुमा दायरा बनेगा। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और वे बिना रुके बाईपास से होकर अपना सफर जारी रख सकेंगे।
बाईपास स्थित हालुवास चौक पर नया ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इस कार्य के वर्क ऑर्डर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा पुल की ड्राइंग तैयार कर इसे विभाग से मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल लगभग डेढ़ साल में तैयार होगा। निर्माण के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा की जा रही है। - निशांत कुमार, कार्यकारी अभियंता, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, रोहतक।
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से इस पुल का निर्माण कराया जाएगा। नए ओवरब्रिज के नीचे से भिवानी-चरखी दादरी, नारनौल और महेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही होगी जबकि पुल के ऊपर से लोहारू और हांसी रोड की दिशा में जाने वाले भारी वाहन निर्बाध रूप से गुजर सकेंगे।
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दरअसल बाईपास का हालुवास चौक भिवानी-दादरी और महेंद्रगढ़-नारनौल मार्ग को दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई और 148बी से जोड़ने वाला प्रमुख चौराहा है। इसे दुर्घटना संभावित बिंदु के रूप में चिह्नित किया गया है। यहां हादसों की आशंका बनी रहती है क्योंकि बाईपास पर भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। चौक पर अचानक आमने-सामने वाहन आ जाने की स्थिति बन जाती है। ट्रैफिक कर्मियों की ड्यूटी के बावजूद यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से नियंत्रित नहीं हो पाती।
इसी को देखते हुए एनएचएआई ने करीब 28 करोड़ रुपये के बजट से कार्यों के वर्क ऑर्डर एजेंसी को जारी किए हैं। निर्माण एजेंसी ने चौराहे के आसपास मिट्टी डलवाने का कार्य भी शुरू कर दिया है। ड्राइंग को अंतिम रूप मिलने और विभागीय मंजूरी के बाद पुल का मुख्य निर्माण कार्य गति पकड़ेगा। छह लेन का यह ओवरब्रिज करीब डेढ़ से दो वर्ष में तैयार होगा।
हिमाचल से महाराष्ट्र तक के भारी वाहन गुजरते हैं बाईपास से
शहर के बाईपास से हिमाचल, राजस्थान, दिल्ली, मेरठ, पंजाब के अलावा महाराष्ट्र तक के भारी वाहनों का आवागमन होता है। यह बाईपास भिवानी के रास्ते कई राज्यों को आपस में जोड़ता है और व्यापारिक व धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। हालांकि बाईपास का कुछ हिस्सा अभी निर्माणाधीन है जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अंतर्गत विकसित हो रहे इस बाईपास के पूर्ण होने के बाद शहर के बाहर करीब 43 किलोमीटर का रिंगनुमा दायरा बनेगा। इससे शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और वे बिना रुके बाईपास से होकर अपना सफर जारी रख सकेंगे।
बाईपास स्थित हालुवास चौक पर नया ओवरब्रिज निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इस कार्य के वर्क ऑर्डर पहले ही जारी किए जा चुके हैं। कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा पुल की ड्राइंग तैयार कर इसे विभाग से मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। करीब 28 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल लगभग डेढ़ साल में तैयार होगा। निर्माण के दौरान वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी कंस्ट्रक्शन एजेंसी द्वारा की जा रही है। - निशांत कुमार, कार्यकारी अभियंता, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, रोहतक।