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Bhiwani News: मनीषा की मौत को पांच माह बीते नहीं हुआ खुलासा, परिजनों को इंसाफ का इंतजार
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भिवानी। बेटी की मौत को पांच माह बीत जाने के बाद भी मनीषा के परिजनों को इंसाफ नहीं मिल पाया है। करीब चार माह से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले की जांच कर रही है लेकिन अब तक मनीषा की मौत की गुत्थी अनसुलझी बनी हुई है। ग्रामीणों ने सीबीआई को 30 जनवरी तक मौत का खुलासा करने का अल्टीमेटम दिया हुआ है।
इसके तहत 31 जनवरी को गांव ढाणी लक्ष्मण में सुबह 11 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई है जिसमें मनीषा की मौत की जांच कर रही सीबीआई की कार्रवाई को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद एक फरवरी को आगे के संघर्ष का प्रारूप तैयार किया जाएगा। मनीषा के पिता ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने बताया कि चार जनवरी को आखिरी बार दिल्ली में बैठे सीबीआई अधिकारियों से मनीषा की मौत के मामले को लेकर बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनका सीबीआई से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की सभी लंबित रिपोर्ट आ चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद मनीषा की मौत का सच सामने लाने में देरी की जा रही है।
तीन सितंबर से सीबीआई ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले की जांच कर रही है। 27 अक्तूबर को भिवानी के रेस्ट हाउस में ठहरी छह सदस्यीय सीबीआई टीम दिल्ली लौट गई थी। इसके बाद 30 नवंबर को गांव के मुख्य बस स्टैंड पर ग्रामीणों और परिजनों ने सांकेतिक धरना देकर भूख हड़ताल भी की थी।
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी नहर के पास खेत से मिला था। शव मिलने के करीब आठ दिन बाद रोहतक रेंज के तत्कालीन आईजी वाई पूर्ण कुमार ने मनीषा के सुसाइड नोट का खुलासा किया था। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से गला रेतकर की गई हत्या बताई गई थी जबकि रोहतक पीजीआई की दूसरी रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया गया।
हत्या और आत्महत्या की थ्योरी के बीच मनीषा की मौत का सच जानने के लिए परिजनों ने आंदोलन किया। मामला पूरे प्रदेश में गूंजने के बाद दिल्ली एम्स में शव का तीसरा पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने तीन सितंबर 2025 को भिवानी पहुंचकर जांच शुरू की थी लेकिन कोई खुलासा नहीं हो पाया करीब तीन माह पहले ही सीबीआई अधिकारी दिल्ली लौट चुके हैं।
एक फरवरी को होगा आगामी आंदोलन का एलान
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि बेटी की मौत को पांच माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक सीबीआई की ओर से कोई खुलासा नहीं किया गया है। 30 जनवरी को ग्रामीणों द्वारा दिया गया अल्टीमेटम भी समाप्त हो जाएगा। 31 जनवरी को गांव ढाणी लक्ष्मण में सुबह 11 बजे ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद एक फरवरी को आगामी आंदोलन का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई अधिकारी पहले आश्वासन देते रहे लेकिन अब फोन पर बात तक नहीं कर रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों से अंतिम बार चार जनवरी को ही बातचीत हुई थी।
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इसके तहत 31 जनवरी को गांव ढाणी लक्ष्मण में सुबह 11 बजे ग्रामीणों की पंचायत बुलाई गई है जिसमें मनीषा की मौत की जांच कर रही सीबीआई की कार्रवाई को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद एक फरवरी को आगे के संघर्ष का प्रारूप तैयार किया जाएगा। मनीषा के पिता ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने बताया कि चार जनवरी को आखिरी बार दिल्ली में बैठे सीबीआई अधिकारियों से मनीषा की मौत के मामले को लेकर बातचीत हुई थी। इसके बाद से उनका सीबीआई से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई की सभी लंबित रिपोर्ट आ चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद मनीषा की मौत का सच सामने लाने में देरी की जा रही है।
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तीन सितंबर से सीबीआई ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा की मौत मामले की जांच कर रही है। 27 अक्तूबर को भिवानी के रेस्ट हाउस में ठहरी छह सदस्यीय सीबीआई टीम दिल्ली लौट गई थी। इसके बाद 30 नवंबर को गांव के मुख्य बस स्टैंड पर ग्रामीणों और परिजनों ने सांकेतिक धरना देकर भूख हड़ताल भी की थी।
मनीषा 11 अगस्त को घर से प्ले स्कूल के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। 13 अगस्त को उसका शव सिंघानी नहर के पास खेत से मिला था। शव मिलने के करीब आठ दिन बाद रोहतक रेंज के तत्कालीन आईजी वाई पूर्ण कुमार ने मनीषा के सुसाइड नोट का खुलासा किया था। पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीषा की मौत तेजधार हथियार से गला रेतकर की गई हत्या बताई गई थी जबकि रोहतक पीजीआई की दूसरी रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया गया।
हत्या और आत्महत्या की थ्योरी के बीच मनीषा की मौत का सच जानने के लिए परिजनों ने आंदोलन किया। मामला पूरे प्रदेश में गूंजने के बाद दिल्ली एम्स में शव का तीसरा पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद हरियाणा सरकार ने मामले की जांच स्थानीय पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंप दी थी। सीबीआई ने तीन सितंबर 2025 को भिवानी पहुंचकर जांच शुरू की थी लेकिन कोई खुलासा नहीं हो पाया करीब तीन माह पहले ही सीबीआई अधिकारी दिल्ली लौट चुके हैं।
एक फरवरी को होगा आगामी आंदोलन का एलान
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि बेटी की मौत को पांच माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक सीबीआई की ओर से कोई खुलासा नहीं किया गया है। 30 जनवरी को ग्रामीणों द्वारा दिया गया अल्टीमेटम भी समाप्त हो जाएगा। 31 जनवरी को गांव ढाणी लक्ष्मण में सुबह 11 बजे ग्रामीणों की पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद एक फरवरी को आगामी आंदोलन का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई अधिकारी पहले आश्वासन देते रहे लेकिन अब फोन पर बात तक नहीं कर रहे हैं। सीबीआई अधिकारियों से अंतिम बार चार जनवरी को ही बातचीत हुई थी।
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