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मनीषा मौत मामला: परिजनों को सात माह बाद भी इंसाफ का इंतजार, 24 मई को महापंचायत का एलान
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 10 Mar 2026 12:14 AM IST
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मनीषा मौत मामले को लेकर उपायुक्त साहिल गुप्ता को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपते ग्रामीण व क
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भिवानी। बहुचर्चित मनीषा मौत मामले में परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सात माह बाद भी कम नहीं हुआ है। न्याय दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को सर्वमान्य न्याय संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में खाप प्रतिनिधि, किसान, मजदूर संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ हुंकार भरी।
न्याय यात्रा में शामिल लोगों ने प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और थाली बजाकर रोष जताया। जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला भी इस यात्रा में मौजूद रहे। मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सात मार्च को पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण से पैदल जत्था रवाना हुआ था जो तीन दिनों की यात्रा के बाद सोमवार को भिवानी लघु सचिवालय के बाहर पहुंचा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के आगे जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान खाप और किसान नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली और सीबीआई की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि सीबीआई की जांच पूरी हो चुकी है लेकिन परिवार को अब तक यह नहीं बताया गया कि उनकी बेटी की मौत कैसे हुई। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि उन्होंने सरकार के न्याय दिलाने के भरोसे मनीषा का दाह संस्कार किया था लेकिन सात महीने बीत जाने और सीबीआई की जांच को 90 दिनों से अधिक समय हो जाने के बावजूद परिणाम शून्य हैं। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष मेवा सिंह आर्य ने चेतावनी दी कि यदि 24 मई तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो हरियाणा में सबसे बड़े राज्यस्तरीय आंदोलन की शुरुआत होगी। इसी दिन महापंचायत बुलाई जाएगी।
गौरतलब है कि मनीषा 11 अगस्त 2025 को पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण से कॉलेज में दाखिले के लिए घर से निकली और लापता हो गई। 13 अगस्त 2025 को सिंघानी के समीप उसका शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। इसके बाद प्रदेश भर में भारी प्रदर्शन और खाप पंचायतों का दबाव बढ़ा। तीन सितंबर 2025 को जन आक्रोश को देखते हुए मामला सीबीआई को सौंपा गया और जांच शुरू हुई लेकिन आज तक इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इस अवसर पर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु, धर्मपाल बारवास, धर्मपाल बडाला भाकियू महासचिव, कमल प्रधान युवा संगठन, राज सिंह धनाना, अनिल झोझू जिला दादरी प्रभारी, होशियार सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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न्याय यात्रा में शामिल लोगों ने प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और थाली बजाकर रोष जताया। जननायक जनता पार्टी के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला भी इस यात्रा में मौजूद रहे। मनीषा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सात मार्च को पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण से पैदल जत्था रवाना हुआ था जो तीन दिनों की यात्रा के बाद सोमवार को भिवानी लघु सचिवालय के बाहर पहुंचा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों ने मुख्य गेट के आगे जमकर नारेबाजी की और उपायुक्त के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्रालय व हरियाणा सरकार को ज्ञापन सौंपा।
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प्रदर्शन के दौरान खाप और किसान नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली और सीबीआई की चुप्पी पर गंभीर सवाल उठाए। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि सीबीआई की जांच पूरी हो चुकी है लेकिन परिवार को अब तक यह नहीं बताया गया कि उनकी बेटी की मौत कैसे हुई। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि उन्होंने सरकार के न्याय दिलाने के भरोसे मनीषा का दाह संस्कार किया था लेकिन सात महीने बीत जाने और सीबीआई की जांच को 90 दिनों से अधिक समय हो जाने के बावजूद परिणाम शून्य हैं। भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष मेवा सिंह आर्य ने चेतावनी दी कि यदि 24 मई तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो हरियाणा में सबसे बड़े राज्यस्तरीय आंदोलन की शुरुआत होगी। इसी दिन महापंचायत बुलाई जाएगी।
गौरतलब है कि मनीषा 11 अगस्त 2025 को पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण से कॉलेज में दाखिले के लिए घर से निकली और लापता हो गई। 13 अगस्त 2025 को सिंघानी के समीप उसका शव संदिग्ध हालत में बरामद हुआ। इसके बाद प्रदेश भर में भारी प्रदर्शन और खाप पंचायतों का दबाव बढ़ा। तीन सितंबर 2025 को जन आक्रोश को देखते हुए मामला सीबीआई को सौंपा गया और जांच शुरू हुई लेकिन आज तक इसका कोई नतीजा नहीं निकला। इस अवसर पर ग्राम स्वराज किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जोगेंद्र तालु, धर्मपाल बारवास, धर्मपाल बडाला भाकियू महासचिव, कमल प्रधान युवा संगठन, राज सिंह धनाना, अनिल झोझू जिला दादरी प्रभारी, होशियार सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।