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Bhiwani News: मंडी में ‘तीसरी आंख’ बेअसर, गेट पास के लिए मोबाइल से फोटो ले रहे कर्मचारी
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भिवानी की अनाज मंडी में किसान के ट्रेक्टर का फसल के साथ फोटो लेता कर्मचारी ।
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भिवानी। जिला मुख्यालय की अनाज मंडी में ‘तीसरी आंख’ यानी सीसीटीवी व्यवस्था बेअसर नजर आ रही है। मुख्य गेट पर कैमरे की दिशा जानबूझकर दूसरी ओर घुमाने के कारण मंडी में आने वाले किसानों के वाहनों और फसल का सही आंकलन नहीं हो पा रहा है जिससे गेट पास के लिए कर्मचारियों को मोबाइल फोन से वाहनों के फोटो खींचने पड़ रहे हैं।
मंडी में अब तक 543 किसानों का करीब 24,500 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है लेकिन पिछले आठ दिनों से सरकारी खरीद ठप पड़ी है। मंडी में पड़ी गेहूं की ढेरियों में 16 से 19 फीसदी तक नमी पाई जा रही है जिससे किसान और आढ़ती दोनों मायूस हैं। मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों को सबसे पहले सीसीटीवी निगरानी से गुजरना अनिवार्य है। इसके बाद ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से गेट पास जारी किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कर्मचारी मोबाइल फोन से वाहनों के साथ किसानों के फोटो भी ले रहे हैं।
इसी बीच कई किसान ऐसे वाहनों के साथ मंडी पहुंच रहे हैं जिन पर पंजीकरण संख्या अंकित नहीं है। ऐसे मामलों में कर्मचारियों और किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे एक किसान बिना पंजीकरण नंबर वाले ट्रैक्टर के साथ मंडी पहुंचा। कर्मचारी द्वारा रोकने पर पहले तो किसान ने तीखी नोकझोंक की और फिर व्यवस्था पर सवाल उठाने लगा। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मी को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस कर्मी के समझाने के बाद ही किसान मंडी में आगे बढ़ सका।
गेहूं की ढेरियों की नहीं हो रही सफाई, दिन में दो बार मापी जा रही नमी
विपणन बोर्ड के कर्मचारियों के अनुसार दिन में दो बार गेहूं की ढेरियों की नमी मापी जा रही है जिसमें 16 से 19 फीसदी तक नमी सामने आ रही है जबकि मानक के अनुसार 12 फीसदी नमी होना अनिवार्य है। किसानों को फसल सुखाने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन अभी तक मंडी में गेहूं की ढेरियों की सफाई तक नहीं कराई गई है। ऐसे में आशंका है कि यदि खरीद शुरू होती है तो बिना झराई के ही भराई करनी पड़ सकती है।
किसान आढ़तियों को कर रहे बायोमेट्रिक के लिए अधिकृत
शुरुआत में मंडियों में फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्यता को लेकर अधिकारियों को विरोध झेलना पड़ा था लेकिन अब इसका समाधान भी निकाला जा रहा है। कई किसान अपनी फसल बिक्री के लिए आढ़तियों को अधिकृत कर रहे हैं। ई-खरीद पोर्टल पर किसान स्वयं के अलावा पांच अन्य लोगों को अधिकृत कर सकता है। ऐसे में आढ़ती की बायोमेट्रिक दर्ज कराई जा रही है ताकि सरकारी खरीद के समय बोली के लिए किसान को दोबारा मंडी न आना पड़े।
मंडी में गेहूं की आवक तेज हो रही है लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब होने के कारण किसानों का गेहूं भीगकर अधिक नमीयुक्त आ रहा है। इसी वजह से अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। अगले दो से तीन दिन में खरीद शुरू होने की पूरी संभावना है। आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की ढेरियों की सफाई और झराई करा लें। -नरेश उर्फ भूरु, प्रधान, दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, भिवानी।
मंडी के मुख्य गेट पर तीन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा मुख्य गेट से आने वाले वाहनों की निगरानी करता है, दूसरा मंडी के अंदर और तीसरा सामने गली से आने वाले वाहनों पर नजर रखता है। सीसीटीवी का कंट्रोल भी मेरे कक्ष में है। फिलहाल अधिक नमी के कारण गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। निर्धारित मानकों के अनुसार ही एजेंसियों के माध्यम से खरीद की जाएगी। -देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।
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मंडी में अब तक 543 किसानों का करीब 24,500 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है लेकिन पिछले आठ दिनों से सरकारी खरीद ठप पड़ी है। मंडी में पड़ी गेहूं की ढेरियों में 16 से 19 फीसदी तक नमी पाई जा रही है जिससे किसान और आढ़ती दोनों मायूस हैं। मंडी में गेहूं लेकर आने वाले किसानों को सबसे पहले सीसीटीवी निगरानी से गुजरना अनिवार्य है। इसके बाद ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से गेट पास जारी किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कर्मचारी मोबाइल फोन से वाहनों के साथ किसानों के फोटो भी ले रहे हैं।
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इसी बीच कई किसान ऐसे वाहनों के साथ मंडी पहुंच रहे हैं जिन पर पंजीकरण संख्या अंकित नहीं है। ऐसे मामलों में कर्मचारियों और किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन रही है। बुधवार दोपहर करीब पौने दो बजे एक किसान बिना पंजीकरण नंबर वाले ट्रैक्टर के साथ मंडी पहुंचा। कर्मचारी द्वारा रोकने पर पहले तो किसान ने तीखी नोकझोंक की और फिर व्यवस्था पर सवाल उठाने लगा। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मी को हस्तक्षेप करना पड़ा। पुलिस कर्मी के समझाने के बाद ही किसान मंडी में आगे बढ़ सका।
गेहूं की ढेरियों की नहीं हो रही सफाई, दिन में दो बार मापी जा रही नमी
विपणन बोर्ड के कर्मचारियों के अनुसार दिन में दो बार गेहूं की ढेरियों की नमी मापी जा रही है जिसमें 16 से 19 फीसदी तक नमी सामने आ रही है जबकि मानक के अनुसार 12 फीसदी नमी होना अनिवार्य है। किसानों को फसल सुखाने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन अभी तक मंडी में गेहूं की ढेरियों की सफाई तक नहीं कराई गई है। ऐसे में आशंका है कि यदि खरीद शुरू होती है तो बिना झराई के ही भराई करनी पड़ सकती है।
किसान आढ़तियों को कर रहे बायोमेट्रिक के लिए अधिकृत
शुरुआत में मंडियों में फसल बिक्री के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्यता को लेकर अधिकारियों को विरोध झेलना पड़ा था लेकिन अब इसका समाधान भी निकाला जा रहा है। कई किसान अपनी फसल बिक्री के लिए आढ़तियों को अधिकृत कर रहे हैं। ई-खरीद पोर्टल पर किसान स्वयं के अलावा पांच अन्य लोगों को अधिकृत कर सकता है। ऐसे में आढ़ती की बायोमेट्रिक दर्ज कराई जा रही है ताकि सरकारी खरीद के समय बोली के लिए किसान को दोबारा मंडी न आना पड़े।
मंडी में गेहूं की आवक तेज हो रही है लेकिन पिछले कुछ दिनों से मौसम खराब होने के कारण किसानों का गेहूं भीगकर अधिक नमीयुक्त आ रहा है। इसी वजह से अब तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। अगले दो से तीन दिन में खरीद शुरू होने की पूरी संभावना है। आढ़तियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की ढेरियों की सफाई और झराई करा लें। -नरेश उर्फ भूरु, प्रधान, दी ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन, भिवानी।
मंडी के मुख्य गेट पर तीन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा मुख्य गेट से आने वाले वाहनों की निगरानी करता है, दूसरा मंडी के अंदर और तीसरा सामने गली से आने वाले वाहनों पर नजर रखता है। सीसीटीवी का कंट्रोल भी मेरे कक्ष में है। फिलहाल अधिक नमी के कारण गेहूं की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। निर्धारित मानकों के अनुसार ही एजेंसियों के माध्यम से खरीद की जाएगी। -देवेंद्र ढूल, कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव, हरियाणा कृषि विपणन बोर्ड, भिवानी।

भिवानी की अनाज मंडी में किसान के ट्रेक्टर का फसल के साथ फोटो लेता कर्मचारी ।