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Chandigarh-Haryana News: साइबर हमलों से बचाएगा डिजिटल कवच, हरियाणा में 24 घंटे रहेगी निगरानी
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राज्यस्तरीय कार्यशाला में सरकारी डाटा एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को और मजबूत बनाने पर हुआ मंथन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से बजट में घोषित हरियाणा डिजिटल कवच पहल के तहत राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग (डाइटेक) और सिटिजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) ने केंद्र सरकार के सहयोग से चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की।
कार्यशाला में सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के अधिकारियों व साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर चर्चा की। डाइटेक के निदेशक समवर्तक सिंह खांगवाल ने कहा कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि बेहतर शासन और नागरिक सेवाओं की सुरक्षा का जरूरी हिस्सा बन गई है। हरियाणा डिजिटल कवच के तहत सरकारी विभागों के लिए 24 घंटे थ्रेट इंटेलिजेंस, साइबर हमलों पर तुरंत प्रतिक्रिया, सुरक्षा मानकों का पालन व नियमित सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था की जाएगी। इससे सरकारी प्रणालियों और आम लोगों के डाटा को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा। कार्यशाला में साइबर अपराधों की रोकथाम, डाटा सुरक्षा, सरकारी संस्थानों की साइबर तैयारियों, बिजली क्षेत्र की सुरक्षा, डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षित आईटी सिस्टम जैसे विषयों पर मंथन किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि साइबर खतरों से निपटने के लिए तकनीकी सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों का प्रशिक्षण और जागरूकता भी जरूरी है। कार्यशाला में केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी), सीईआरटी-इन, एनआईसी, हरियाणा पुलिस और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से बजट में घोषित हरियाणा डिजिटल कवच पहल के तहत राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग (डाइटेक) और सिटिजन रिसोर्सेज इन्फॉर्मेशन डिपार्टमेंट (सीआरआईडी) ने केंद्र सरकार के सहयोग से चंडीगढ़ में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की।
कार्यशाला में सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के अधिकारियों व साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर चर्चा की। डाइटेक के निदेशक समवर्तक सिंह खांगवाल ने कहा कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि बेहतर शासन और नागरिक सेवाओं की सुरक्षा का जरूरी हिस्सा बन गई है। हरियाणा डिजिटल कवच के तहत सरकारी विभागों के लिए 24 घंटे थ्रेट इंटेलिजेंस, साइबर हमलों पर तुरंत प्रतिक्रिया, सुरक्षा मानकों का पालन व नियमित सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था की जाएगी। इससे सरकारी प्रणालियों और आम लोगों के डाटा को ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा। कार्यशाला में साइबर अपराधों की रोकथाम, डाटा सुरक्षा, सरकारी संस्थानों की साइबर तैयारियों, बिजली क्षेत्र की सुरक्षा, डिजिटल पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुरक्षित आईटी सिस्टम जैसे विषयों पर मंथन किया गया।
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अधिकारियों ने कहा कि साइबर खतरों से निपटने के लिए तकनीकी सुधार के साथ-साथ कर्मचारियों का प्रशिक्षण और जागरूकता भी जरूरी है। कार्यशाला में केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेइटी), सीईआरटी-इन, एनआईसी, हरियाणा पुलिस और अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
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