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Chandigarh-Haryana News: बगैर मालिक के घूमने वाले कुत्ते पकड़े जाएंगे, छुड़वाने के लिए देना होगा शुल्क
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- शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने तैयार किया नियमों का ड्राफ्ट, पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा
- 30 दिनों के अंदर पालतू कुत्ते को छुड़वाने कोई नहीं आया तो स्थायी रूप से आश्रय स्थल में रखा जाएगा
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। प्रदेश में सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। अब कुत्ते पालने वाले लोगों को भी कड़े नियमों का सामना करना होगा। अब पालतू कुत्ते यदि बगैर मालिक की माैजूदगी के सार्वजनिक स्थानों पर घूमते हुए पाए जाएंगे तो उन्हें निकाय की टीम पकड़कर आश्रय स्थलों में छोड़ देगी। आश्रय स्थल में पालतू कुत्ता रहा तो उसे छुड़वाने के लिए मालिक को निर्धारित शुल्क भी देना होगा। 30 दिनों तक कुत्ते को नहीं छुड़वाया गया तो इसके बाद कुत्ता वापस नहीं मिलेगा। उसे आश्रय स्थल में ही स्थायी रूप से रखा जाएगा।
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने कुत्तों को पालने के संबंध में नियम-कायदों का प्रस्ताव (ड्राफ्ट) तैयार कर लिया है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव पर दावे व आपत्तियां मांगे जाएंगे। इसके बाद निर्धारित अवधि में दावे-आपत्तियों को जोड़कर नियम-निर्देशों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। तय नियम-निर्देशों का पालन कुत्ता पालने वाले लोगों को करना होगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का प्रदेश में पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए और बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य, 5 वर्ष बाद होगा रिन्यूवल
निकाय विभाग के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 2 से 3 माह के अंदर नए नियमों के लागू होने की उम्मीद है। सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों को कोई शाैच कराएगा तो इस पर भी जुर्माना तय होगा। यदि सार्वजनिक स्थान पर कोई कुत्ता लेकर आता है तो कुत्ते के गले में जंजीर और जो भी व्यक्ति साथ होगा उसके पास छड़ी होना अनिवार्य किया जाएगा। पालतू कुत्ता रखने वालों को कुत्ते के पूरे ब्योरे के साथ पंजीकरण कराना होगा और हर 5 वर्ष बाद इसका रिन्यूवल भी कराना होगा। पंजीकरण के बाद कुत्तों के कान में ट्रैकिंग के लिए टैग भी लगाए जाएंगे। टैग में पूरा ब्योरा जैसे निकाय क्षेत्र, शहर आदि का ब्योरा होगा। विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में अभी परिस्थिति के अनुसार 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक जुर्माना लगाने की तैयारी है। प्रदेश में प्रतिबंधित श्रेणी के कुत्ते रखने वालों पर भी निकाय शिकायतों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।
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- 30 दिनों के अंदर पालतू कुत्ते को छुड़वाने कोई नहीं आया तो स्थायी रूप से आश्रय स्थल में रखा जाएगा
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। प्रदेश में सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। अब कुत्ते पालने वाले लोगों को भी कड़े नियमों का सामना करना होगा। अब पालतू कुत्ते यदि बगैर मालिक की माैजूदगी के सार्वजनिक स्थानों पर घूमते हुए पाए जाएंगे तो उन्हें निकाय की टीम पकड़कर आश्रय स्थलों में छोड़ देगी। आश्रय स्थल में पालतू कुत्ता रहा तो उसे छुड़वाने के लिए मालिक को निर्धारित शुल्क भी देना होगा। 30 दिनों तक कुत्ते को नहीं छुड़वाया गया तो इसके बाद कुत्ता वापस नहीं मिलेगा। उसे आश्रय स्थल में ही स्थायी रूप से रखा जाएगा।
शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने कुत्तों को पालने के संबंध में नियम-कायदों का प्रस्ताव (ड्राफ्ट) तैयार कर लिया है। विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव पर दावे व आपत्तियां मांगे जाएंगे। इसके बाद निर्धारित अवधि में दावे-आपत्तियों को जोड़कर नियम-निर्देशों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। तय नियम-निर्देशों का पालन कुत्ता पालने वाले लोगों को करना होगा। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का प्रदेश में पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए और बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य, 5 वर्ष बाद होगा रिन्यूवल
निकाय विभाग के प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिलने के बाद 2 से 3 माह के अंदर नए नियमों के लागू होने की उम्मीद है। सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों को कोई शाैच कराएगा तो इस पर भी जुर्माना तय होगा। यदि सार्वजनिक स्थान पर कोई कुत्ता लेकर आता है तो कुत्ते के गले में जंजीर और जो भी व्यक्ति साथ होगा उसके पास छड़ी होना अनिवार्य किया जाएगा। पालतू कुत्ता रखने वालों को कुत्ते के पूरे ब्योरे के साथ पंजीकरण कराना होगा और हर 5 वर्ष बाद इसका रिन्यूवल भी कराना होगा। पंजीकरण के बाद कुत्तों के कान में ट्रैकिंग के लिए टैग भी लगाए जाएंगे। टैग में पूरा ब्योरा जैसे निकाय क्षेत्र, शहर आदि का ब्योरा होगा। विभाग की ओर से तैयार प्रस्ताव में अभी परिस्थिति के अनुसार 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक जुर्माना लगाने की तैयारी है। प्रदेश में प्रतिबंधित श्रेणी के कुत्ते रखने वालों पर भी निकाय शिकायतों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे।