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Chandigarh-Haryana News: नए आपराधिक कानून से सजा दर 35 फीसदी से बढ़कर 86 फीसदी पहुंची
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डीजीपी ने किया दावा, सीसीटीएनएस में 54 महीनों में 40 बार प्रथम स्थान हासिल किया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस का दावा है कि नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने से सजा दर 35 फीसदी से बढ़कर 86 फीसदी हो गई है। 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक में डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने में देशभर के अग्रणी राज्यों में से एक है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और राज्यों से नियमित प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा में पहले अपराधियों की सजा दर मात्र 35 फीसदी थी मगर तकनीक आधारित पारदर्शी और सबूतों पर आधारित जांच प्रणाली की वजह से सजा दर बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बैठक में जानकारी साझा की गई कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) प्रणाली पर हरियाणा ने पूरे देश में अपना वर्चस्व लगातार बनाए रखा है। पिछले 54 महीनों में 40 बार प्रथम स्थान हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम की अपलोडिंग, अपडेटिंग, डाटा इंटीग्रेशन और केस मैनेजमेंट प्रक्रिया अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावी है। इस माह भी हरियाणा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी तकनीकी नेतृत्व क्षमता को फिर से साबित किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि जो जिले तकनीकी कार्यों में पिछड़ रहे हैं उनकी गहन समीक्षा की जाए और उनकी समस्याओं की पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए और जिम्मेदारी भी तय की जाए। साथ ही जिन्होंने श्रेष्ठ कार्य किया है उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि काम को लेकर उनका मनोबल और बढ़े।
डीजीपी ने कहा कि किसी भी तकनीकी प्लेटफॉर्म की असली सफलता तभी दिखाई देती है जब उसका उपयोग करने वाला अंतिम कर्मचारी भी उसे सहजता से संचालित कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि सीसीटीएनएस- 1 ने जांच प्रक्रिया को काफी तेज किया है और आने वाले समय में सीसीटीएनएस-2 को लागू करने से सभी मॉड्यूल अधिक इंटीग्रेटेड और स्मार्ट बन सकेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा पुलिस का दावा है कि नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने से सजा दर 35 फीसदी से बढ़कर 86 फीसदी हो गई है। 68वीं स्टेट एम्पावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक में डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि वर्तमान में हरियाणा नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने में देशभर के अग्रणी राज्यों में से एक है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं और राज्यों से नियमित प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं। हरियाणा में पहले अपराधियों की सजा दर मात्र 35 फीसदी थी मगर तकनीक आधारित पारदर्शी और सबूतों पर आधारित जांच प्रणाली की वजह से सजा दर बढ़कर 86 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बैठक में जानकारी साझा की गई कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) प्रणाली पर हरियाणा ने पूरे देश में अपना वर्चस्व लगातार बनाए रखा है। पिछले 54 महीनों में 40 बार प्रथम स्थान हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि सिस्टम की अपलोडिंग, अपडेटिंग, डाटा इंटीग्रेशन और केस मैनेजमेंट प्रक्रिया अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावी है। इस माह भी हरियाणा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी तकनीकी नेतृत्व क्षमता को फिर से साबित किया है। उन्होंने निर्देश दिया कि जो जिले तकनीकी कार्यों में पिछड़ रहे हैं उनकी गहन समीक्षा की जाए और उनकी समस्याओं की पहचान कर तत्काल समाधान किया जाए और जिम्मेदारी भी तय की जाए। साथ ही जिन्होंने श्रेष्ठ कार्य किया है उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए ताकि काम को लेकर उनका मनोबल और बढ़े।
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डीजीपी ने कहा कि किसी भी तकनीकी प्लेटफॉर्म की असली सफलता तभी दिखाई देती है जब उसका उपयोग करने वाला अंतिम कर्मचारी भी उसे सहजता से संचालित कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि सीसीटीएनएस- 1 ने जांच प्रक्रिया को काफी तेज किया है और आने वाले समय में सीसीटीएनएस-2 को लागू करने से सभी मॉड्यूल अधिक इंटीग्रेटेड और स्मार्ट बन सकेंगे।