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Chandigarh-Haryana News: अगले तीन साल में 19,481 मेगावाट पहुंच सकती बिजली की मांग, अभी से तैयारी शुरू
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फोटो -
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक, बढ़ती खपत को देखते हुए दीर्घकालिक योजना पर हो रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में बिजली की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने अभी से भविष्य की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर करीब 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर काम किया जा रहा है। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चालू वर्ष के दौरान प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट रहने का अनुमान है। वहीं वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है हालांकि बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण को देखते हुए सरकार उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने पर जोर दे रही है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भविष्य की बिजली मांग को पूरा करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना और समय रहते निवेश करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को बिजली क्षेत्र में आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रीपेड और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएं। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं और अन्य श्रेणियों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएं।
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ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बताया कि भविष्य में सभी नए उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल निगरानी से लाइन लॉस में और कमी आएगी तथा बिजली वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक, बढ़ती खपत को देखते हुए दीर्घकालिक योजना पर हो रहा काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में बिजली की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने अभी से भविष्य की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2029-30 तक प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग बढ़कर करीब 19,481 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा योजना पर काम किया जा रहा है। बैठक में ऊर्जा मंत्री अनिल विज व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
चालू वर्ष के दौरान प्रदेश में अधिकतम बिजली मांग लगभग 16,454 मेगावाट रहने का अनुमान है। वहीं वर्तमान में 16,552 मेगावाट से अधिक अनुबंधित बिजली क्षमता उपलब्ध है हालांकि बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण को देखते हुए सरकार उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण नेटवर्क को मजबूत बनाने पर जोर दे रही है।
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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि भविष्य की बिजली मांग को पूरा करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना और समय रहते निवेश करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को बिजली क्षेत्र में आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रीपेड और स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू करने पर भी जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों, सरकारी भवनों और सरकारी कर्मचारियों के परिसरों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएं। इसके बाद 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं और अन्य श्रेणियों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएं।
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