कबाड़ में रोजगार: हरियाणा तैयार करेगा ‘स्क्रैप एक्सपर्ट’, आईटीआई-पॉलीटेक्निक में शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण
हरियाणा के 10 सरकारी कौशल संस्थानों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में वाहन स्क्रैप और रीसाइक्लिंग का कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए सरकार संस्थान को अधिकतम पांच साल तक हर साल 25 लाख रुपये तक की सहायता देगी।
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पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (स्क्रैप) में बदलने का काम अब केवल वाहन तोड़कर धातु बेचने तक सीमित नहीं रहेगा।
हरियाणा सरकार इसे संगठित उद्योग और रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। इसी दिशा में सरकारी आईटीआई, पॉलीटेक्निक और राज्य के कौशल संस्थानों में वाहन कबाड़ और रीसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) से जुड़े विशेष प्रशिक्षण को सरकारी आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है।
इसके तहत 10 सरकारी कौशल संस्थानों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक में वाहन स्क्रैप और रीसाइक्लिंग का कोर्स कराया जाएगा। इसके लिए सरकार संस्थान को अधिकतम पांच साल तक हर साल 25 लाख रुपये तक की सहायता देगी। यह राशि प्रशिक्षण पर हुए शुद्ध खर्च की अधिकतम 75 फीसदी होगी। प्रत्येक संस्थान को हर साल कम से कम 125 युवाओं को प्रशिक्षण देना होगा। इस तरह हर साल करीब 1,250 युवा और पांच साल में करीब 6,250 युवा वाहन स्क्रैप और रीसाइक्लिंग प्रशिक्षण लेकर तैयार होंगे।
अलग-अलग जॉब रोल के हिसाब से तैयार होंगे पाठ्यक्रम
सरकार ने अभी इस कोर्स का नाम तय नहीं किया है। संस्थानों को वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री से जुड़े अलग-अलग जॉब रोल के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार करने होंगे। ये पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप और राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), संबंधित सेक्टर स्किल काउंसिल या केंद्र सरकार से अधिकृत एजेंसी से प्रमाणित होने चाहिए।
प्रशिक्षण के साथ नौकरी मिलने तक रहेगी निगरानी
योजना की खास बात यह है कि सरकार केवल प्रशिक्षण शुरू करने में सहायता नहीं देगी। राशि तीन चरणों में मिलेगी। प्रशिक्षण शुरू होने पर 30 फीसदी, सफल प्रमाणन के बाद 40 फीसदी और प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट के आधार पर शेष 30 फीसदी राशि दी जाएगी। प्रमाणन के बाद प्रशिक्षित युवाओं की तीन महीने की अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट का भौतिक सत्यापन भी होगा। यानी संस्थानों को युवाओं को केवल प्रशिक्षित ही नहीं बल्कि रोजगार योग्य बनाने पर भी ध्यान देना होगा।
भविष्य में बढ़ सकती है मांग
यह योजना हरियाणा की 2024 की पंजीकृत वाहन स्क्रैप एवं रीसाइक्लिंग सुविधा प्रोत्साहन नीति से जुड़ी है। सरकार प्रदेश में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग इकाइयों को बढ़ावा दे रही है। हरियाणा में वाहन स्क्रैपिंग के 26 पंजीकृत केंद्र हैं। इनमें 7 बंद संचालित नहीं हैं। इसके अलावा इनमें छोटे कारोबारियों की संख्या ज्यादा हैं। पंजाब 5, राजस्थान 3 और हिमाचल 2 पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र हैं। इन इकाइयों के बढ़ने से पुराने वाहनों के वैज्ञानिक निस्तारण, उपयोगी धातु और अन्य सामग्री की रिकवरी तथा रीसाइक्लिंग का काम बढ़ने की संभावना है। इसके साथ डिस्मेंटलिंग, मशीन संचालन, वाहन पुर्जों की छंटाई, सामग्री की रिकवरी और रीसाइक्लिंग जैसे कामों के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत भी बढ़ सकती है। नई कौशल योजना इसी संभावित मांग के लिए पहले से मानव संसाधन तैयार करने की कोशिश है।
हरियाणा कौशल विकास मिशन, हरियाणा कौशल रोजगार निगम, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय समेत राज्य के अन्य कौशल संस्थान, सरकारी आईटीआई और पॉलीटेक्निक कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव दे सकेंगे। प्रस्ताव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को देना होगा। छह सदस्यीय राज्य स्तरीय समिति इनका मूल्यांकन करेगी। समिति में उद्योग एवं वाणिज्य, वित्त और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक/महानिदेशक, राज्य परिवहन आयुक्त और एचएसडीएम के मिशन निदेशक शामिल हैं। समिति हर साल अप्रैल में बैठक करेगी और निर्णय जून तक बताया जाएगा।
गलत जानकारी पर 12 फीसदी ब्याज
गलत तथ्य, जानकारी छिपाकर या गलत दावे के आधार पर सहायता लेने पर संस्थान को पूरी राशि 12 फीसदी चक्रवृद्धि ब्याज के साथ वापस करनी होगी। कानूनी कार्रवाई के अलावा संबंधित संस्थान को भविष्य की सरकारी सहायता से वंचित किया जा सकता है। तथ्यों और आंकड़ों में गड़बड़ी मिलने पर सार्वजनिक खरीद से भी प्रतिबंधित किया जा सकता है।
हरियाणा को वाहन स्क्रैपिंग और पुनर्चक्रण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए यह नीति अहम कदम है। राज्य सरकार ने वाहन स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने के लिए 20 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे के विकास की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं को मंजूरी दी है। पुराने व्यावसायिक वाहनों को हटाने पर टैक्स छूट, नए वाहनों पर छूट और रीसाइक्लिंग इकाइयों के लिए विशेष अनुदान दिए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक तरीके से वाहनों का निस्तारण, संसाधनों का बेहतर रीसाइक्लिंग और नए निवेश को बढ़ावा देना है। इससे उद्योग को गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यावरण संरक्षण के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। - राव नरबीर सिंह, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री
असली परीक्षा रोजगार की : चावला
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव राज चावला के मुताबिक योजना की सबसे बड़ी खासियत प्रशिक्षण को प्रमाणन, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जोड़ना है। इससे स्क्रैपिंग और रीसाइक्लिंग इकाइयों को प्रशिक्षित कर्मचारी और युवाओं को नया रोजगार क्षेत्र मिल सकता है। चुनौती यह होगी कि तैयार किए जाने वाले जॉब रोल उद्योग की वास्तविक जरूरत के अनुरूप हों और प्रशिक्षण के बाद युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिले। राज्य में पंजीकृत इकाइयों का विस्तार हुआ तो यह योजना कौशल, रोजगार और सर्कुलर इकोनॉमी, तीनों को जोड़ने में अहम साबित हो सकती है।