{"_id":"6a0bed3abbb2aa13eb0b9f70","slug":"four-doctors-suspended-haryana-government-takes-action-over-negligence-in-improving-male-female-ratio-2026-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: हरियाणा के चार डॉक्टर निलंबित, लिंगानुपात सुधार में लापरवाही पर सरकार ने की कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: हरियाणा के चार डॉक्टर निलंबित, लिंगानुपात सुधार में लापरवाही पर सरकार ने की कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 19 May 2026 10:25 AM IST
विज्ञापन
सार
स्वास्थ्य विभाग ने इन अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था।
Suspended
- फोटो : Adobe Stock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने और अवैध भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने के अभियान में लापरवाही बरतने के आरोप में चार चिकित्सा अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा द्वारा सोमवार को यह कार्रवाई की गई।
निलंबित किए गए अधिकारियों में सोनीपत के सीएचसी पुरखास में तैनात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के सीएचसी रादौर के एसएमओ डॉ. विजय परमार, रोहतक के सीएचसी चिड़ी के एसएमओ डॉ. सतपाल तथा नारनौल के सीएचसी सेहलंग की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रभा शामिल हैं।
सरकार के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों को क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने इन अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था और उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात सुधारने से संबंधित उपायों की प्रभावी मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं किया।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने हाल के महीनों में लिंगानुपात सुधारने और अवैध लिंग जांच के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज किया है। सरकार लगातार पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत छापेमारी, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम चला रही है ताकि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सके और बेटियों के जन्म अनुपात में सुधार हो।
निलंबित किए गए अधिकारियों में सोनीपत के सीएचसी पुरखास में तैनात वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. टीना आनंद, यमुनानगर के सीएचसी रादौर के एसएमओ डॉ. विजय परमार, रोहतक के सीएचसी चिड़ी के एसएमओ डॉ. सतपाल तथा नारनौल के सीएचसी सेहलंग की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रभा शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों को क्रमशः रोहतक, अंबाला, झज्जर और रेवाड़ी के सिविल सर्जन कार्यालयों से संबद्ध किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने इन अधिकारियों के खिलाफ हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम-7 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था और उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात सुधारने से संबंधित उपायों की प्रभावी मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन सुनिश्चित नहीं किया।
Trending Videos
उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने हाल के महीनों में लिंगानुपात सुधारने और अवैध लिंग जांच के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान तेज किया है। सरकार लगातार पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत छापेमारी, निगरानी और जागरूकता कार्यक्रम चला रही है ताकि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाई जा सके और बेटियों के जन्म अनुपात में सुधार हो।