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बाढ़ की तैयारियों में सरकार विफल : अभय
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- कागजों में पूरे दिखाए जाते हैं प्रोजेक्ट, बारिश में फिर तबाही का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया है कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों की सरकारी समय सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रदेश में तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं। पहले 15 जून और बाद में 30 जून तक कार्य पूरे करने की डेडलाइन तय की गई थी लेकिन अभी भी अधिकांश स्थानों पर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
यहां जारी बयान में अभय चौटाला ने कहा कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों और हरियाणा में भारी बारिश होती है तो हर वर्ष की तरह बाढ़ से फसलों, पशुधन और जन-धन का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाजपा सरकार बाढ़ नियंत्रण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च दिखाती है लेकिन अधिकांश परियोजनाएं केवल कागजों में पूरी दिखाई जाती हैं। उनका दावा है कि इसी प्रक्रिया में घोटाले कर जेबें भरी जाती हैं।
इनेलो प्रमुख ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में लोगों के घर उजड़ गए। फसलें बर्बाद हुईं और कई इलाकों में गंभीर संकट पैदा हो गया था। उस समय राहत कार्यों के बजाय सरकार के मंत्री और भाजपा नेता फोटोशूट कराने में व्यस्त रहे। इस बार भी ड्रेनेज की सफाई, तटबंधों की मजबूती और जल निकासी की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई हैं जिससे भारी बारिश की स्थिति में फिर से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया है कि बाढ़ नियंत्रण कार्यों की सरकारी समय सीमा समाप्त होने के बावजूद प्रदेश में तैयारियां पूरी नहीं हुई हैं। पहले 15 जून और बाद में 30 जून तक कार्य पूरे करने की डेडलाइन तय की गई थी लेकिन अभी भी अधिकांश स्थानों पर पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
यहां जारी बयान में अभय चौटाला ने कहा कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों और हरियाणा में भारी बारिश होती है तो हर वर्ष की तरह बाढ़ से फसलों, पशुधन और जन-धन का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाजपा सरकार बाढ़ नियंत्रण के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च दिखाती है लेकिन अधिकांश परियोजनाएं केवल कागजों में पूरी दिखाई जाती हैं। उनका दावा है कि इसी प्रक्रिया में घोटाले कर जेबें भरी जाती हैं।
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इनेलो प्रमुख ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ में लोगों के घर उजड़ गए। फसलें बर्बाद हुईं और कई इलाकों में गंभीर संकट पैदा हो गया था। उस समय राहत कार्यों के बजाय सरकार के मंत्री और भाजपा नेता फोटोशूट कराने में व्यस्त रहे। इस बार भी ड्रेनेज की सफाई, तटबंधों की मजबूती और जल निकासी की व्यवस्थाएं पूरी नहीं हुई हैं जिससे भारी बारिश की स्थिति में फिर से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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