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हैफेड को जॉब सिक्योरिटी पोर्टल पर लाए सरकार, कर्मियों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित हो : हाईकोर्ट
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- सेवा सुरक्षा पोर्टल में नाम न होने से अभी तक वंचित थे कर्मचारी
- कर्मचारियों को आठ सप्ताह में लाभ देने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश
चंडीगढ़। संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर अहम आदेश जारी करते हुए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए कि हैफेड का नाम तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन जाॅब सिक्योरिटी पोर्टल पर शामिल किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पात्र कर्मचारी हरियाणा संविदा कर्मचारी पंजीकरण कर सकें और सेवा सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें।
दिनेश कुमार व अन्य कर्मचारियों ने याचिका दाखिल करते हुए अदालत को बताया कि सभी याची हैफेड में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है और अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा के पात्र हैं। राज्य सरकार की ओर से संविदा कर्मचारियों के डेटा अपलोड और पंजीकरण के लिए ऑनलाइन जाॅब सिक्योरिटी पोर्टल विकसित किया था लेकिन हैफेड का नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा था।
ऐसे में कर्मचारी निर्धारित समयसीमा में अपना पंजीकरण नहीं करा सके और उन्हें अधिनियम का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो गई। हैफेड प्रबंधन ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर पोर्टल में नाम शामिल न होने की जानकारी दी थी। वहीं कर्मचारियों ने भी चार फरवरी 2026 को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यहां तक कि पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम अथवा प्राधिकरण के अधीन कार्यरत ऐसे संविदा कर्मचारी, जिन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाना कानूनन अनिवार्य है। हैफेड सरकार के प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण में कार्यरत संस्था है, इसलिए वहां तैनात कर्मचारी अधिनियम के दायरे में आते हैं।
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- कर्मचारियों को आठ सप्ताह में लाभ देने का हाईकोर्ट ने दिया आदेश
चंडीगढ़। संविदा कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर अहम आदेश जारी करते हुए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिए कि हैफेड का नाम तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन जाॅब सिक्योरिटी पोर्टल पर शामिल किया जाए। कोर्ट ने कहा कि इससे सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पात्र कर्मचारी हरियाणा संविदा कर्मचारी पंजीकरण कर सकें और सेवा सुरक्षा का लाभ प्राप्त कर सकें।
दिनेश कुमार व अन्य कर्मचारियों ने याचिका दाखिल करते हुए अदालत को बताया कि सभी याची हैफेड में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है और अधिनियम के तहत सेवा सुरक्षा के पात्र हैं। राज्य सरकार की ओर से संविदा कर्मचारियों के डेटा अपलोड और पंजीकरण के लिए ऑनलाइन जाॅब सिक्योरिटी पोर्टल विकसित किया था लेकिन हैफेड का नाम पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रहा था।
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ऐसे में कर्मचारी निर्धारित समयसीमा में अपना पंजीकरण नहीं करा सके और उन्हें अधिनियम का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो गई। हैफेड प्रबंधन ने संबंधित विभाग को पत्र लिखकर पोर्टल में नाम शामिल न होने की जानकारी दी थी। वहीं कर्मचारियों ने भी चार फरवरी 2026 को विस्तृत प्रतिनिधित्व सौंपा लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यहां तक कि पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि सरकारी विभाग, बोर्ड, निगम अथवा प्राधिकरण के अधीन कार्यरत ऐसे संविदा कर्मचारी, जिन्होंने नियुक्त तिथि तक पांच वर्ष की पूर्णकालिक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें सेवा सुरक्षा प्रदान किया जाना कानूनन अनिवार्य है। हैफेड सरकार के प्रशासनिक और वित्तीय नियंत्रण में कार्यरत संस्था है, इसलिए वहां तैनात कर्मचारी अधिनियम के दायरे में आते हैं।