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Haryana: एनपीएस कर्मियों को दो विकल्प, निजी सेक्टर की तरह पेंशन फंड को लगा सकेंगे शेयर बाजार में

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Sat, 13 Jun 2026 11:04 AM IST
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सार

नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को निवेश में अधिक विकल्प और लचीलापन देना है। युवा कर्मचारी अपने अंशदान का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार से जुड़े निवेश में लगाकर लंबे समय में बेहतर रिटर्न पाने की कोशिश कर सकेंगे।

Haryana NPS employees offered two options will be able to invest their pension funds in stock market
एनपीएस कर्मियों को दो विकल्प - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हरियाणा सरकार ने एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) कर्मचारियों के लिए निवेश के दो नए विकल्प लागू किए हैं। इसके तहत कर्मचारी पेंशन फंड का अधिक हिस्सा शेयर बाजार से जुड़े निवेश में लगा सकेंगे। 



इससे उन्हें लंबे समय में रिटायरमेंट फंड बढ़ाने का अवसर मिलेगा। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

ये नए विकल्प केंद्र सरकार और पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) की ओर से शुरू किए गए हैं जिन्हें अब हरियाणा में लागू किया गया है। इसका लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों के अलावा बोर्डों, निगमों, विश्वविद्यालयों, स्वायत्त निकायों और सहायता प्राप्त संस्थानों के एनपीएस कर्मचारियों को भी मिलेगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को निवेश में अधिक विकल्प और लचीलापन देना है। युवा कर्मचारी अपने अंशदान का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार से जुड़े निवेश में लगाकर लंबे समय में बेहतर रिटर्न पाने की कोशिश कर सकेंगे। जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ेगी, निवेश अपने आप अपेक्षाकृत सुरक्षित साधनों की ओर स्थानांतरित होता जाएगा जिससे जोखिम कम होगा।
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सरकार का मानना है कि इन नए विकल्पों से कर्मचारियों को अपनी जरूरत के अनुसार निवेश चुनने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि अभी लंबी है, उन्हें रिटायरमेंट तक बड़ा पेंशन फंड तैयार करने का बेहतर मौका मिलेगा।

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पहला विकल्प : लाइफ साइकिल 75-हाई (15ई/55वाई)

इस निवेश विकल्प में कर्मचारी के एनपीएस अंशदान का 75 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में लगाया जाएगा। यह अनुपात कर्मचारी की 35 वर्ष की आयु तक बना रहेगा। इससे लंबी अवधि में अधिक प्रतिफल (रिटर्न) पाने का अवसर मिल सकता है। 35 वर्ष के बाद जोखिम कम करने के लिए शेयर बाजार में निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे घटाया जाएगा। 55 वर्ष की आयु तक यह 15 फीसदी रह जाएगा। यह विकल्प उन युवा कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है, जो लंबी अवधि के निवेश के साथ बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम उठाने को तैयार हैं।

दूसरा विकल्प : लाइफ साइकिल एग्रेसिव (35ई/55वाई)

इस विकल्प के तहत कर्मचारी के एनपीएस अंशदान का 50 फीसदी हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाएगा। यह निवेश अनुपात कर्मचारी की 45 वर्ष की आयु तक बरकरार रहेगा। इससे उसे लंबे समय तक बाजार आधारित प्रतिफल का लाभ मिल सकेगा। इसके बाद उम्र बढ़ने के साथ जोखिम कम करने के उद्देश्य से शेयर बाजार निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे घटाया जाएगा। 55 वर्ष की आयु तक यह 35 फीसदी रह जाएगा। यह योजना उन कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है जो अधिक जोखिम नहीं लेना चाहते, लेकिन बेहतर प्रतिफल चाहते हैं।

इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं : यदि कोई 28-30 वर्ष का कर्मचारी लाइफ साइकिल 75-हाई विकल्प चुनता है तो उसके एनपीएस का बड़ा हिस्सा शेयर बाजार में निवेश होगा। लंबी अवधि में बाजार अच्छा प्रदर्शन करता है तो रिटायरमेंट के समय उसकी पेंशन निधि पारंपरिक विकल्पों की तुलना में अधिक हो सकती है। हालांकि, बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम भी रहेगा।

अपनी पसंद का विकल्प भी चुन सकेंगे

जो कर्मचारी डिफॉल्ट निवेश योजना के बजाय अपनी पसंद का निवेश विकल्प चुनना चाहते हैं, उन्हें एनपीएस में उपलब्ध पांच गैर-डिफॉल्ट निवेश विकल्पों में से किसी एक का चयन करना होगा। इसके साथ ही उन्हें पीएफआरडीए में पंजीकृत 10 पेंशन फंड मैनेजरों में से किसी एक का चयन करना होगा। इससे कर्मचारी अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश कर सकेंगे।

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